Delhi Building Collapse: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस इमारत में ‘Hostel Daze’ नाम से Boys PG संचालित किया जा रहा था। ताजा जानकारी के मुताबिक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, छह लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है और इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। कई अन्य लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
यह हादसा नानकपुरा गुरुद्वारे के पास हुआ। दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर करीब 1:33 बजे सूचना मिली, जबकि South Campus Police Station को 1:34 बजे PCR call प्राप्त हुई। इसके बाद दमकल, दिल्ली पुलिस, NDRF और दूसरी एजेंसियां मौके पर पहुंचीं।
Delhi Building Collapse: ‘Hostel Daze’ PG में फंसे छात्र
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ढही हुई इमारत का नाम Hostel Daze था और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG में रहते थे। सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के South Campus के नजदीक होने के कारण छात्रों का प्रमुख residential area है।
ताजा रिपोर्ट में इमारत को पांच मंजिला Boys PG बताया गया है। इसमें करीब 10 कमरे होने और ground floor पर एक medical shop चलने की जानकारी भी सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने मलबे के अंदर से आवाजें आने का दावा किया। हालांकि कितने लोग अभी फंसे हैं, इसकी कोई निश्चित आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है। अलग-अलग प्रत्यक्षदर्शियों ने 15 से 30 तक लोगों के फंसे होने की आशंका जताई है, लेकिन प्रशासन ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है।
अब तक 6 लोगों का रेस्क्यू
Delhi Building Collapse के बाद चलाए गए rescue operation में शाम तक छह लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें तीन लोगों का AIIMS Trauma Centre में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बताई गई है।
एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि भी सामने आई है। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण अभियान अभी खत्म नहीं किया गया है।
मौके पर कम से कम 12 fire tenders और विभिन्न rescue agencies की टीमें काम कर रही हैं। मलबे के नीचे फंसे लोगों तक oxygen पहुंचाने के लिए cylinders भी मौके पर लाए गए।
बेसमेंट में चल रहा था निर्माण कार्य
Delhi Building Collapse की वजह अभी आधिकारिक जांच में तय नहीं हुई है। हालांकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक हादसे से पहले इमारत के basement में construction work चल रहा था।
इसी वजह से basement में चल रहे काम को हादसे से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले इसे इमारत गिरने का निश्चित कारण कहना सही नहीं होगा।
ताजा जानकारी के मुताबिक पुलिस ने इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वह गुरुग्राम का रहने वाला बताया गया है।
आसपास की इमारत खाली कराई
हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पास की एक इमारत भी खाली करा ली है।
संकीर्ण गलियों और मौके पर जमा भीड़ के कारण rescue vehicles और ambulances की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका थी। इसे देखते हुए पुलिस और paramilitary personnel को भी लगाया गया है और लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की गई है।
स्थानीय लोग भी हादसे के तुरंत बाद बचाव अभियान में शामिल हुए और शुरुआती समय में हाथों तथा उपलब्ध उपकरणों से मलबा हटाने की कोशिश की।
Delhi Building Collapse: CM रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने Delhi Building Collapse पर चिंता जताते हुए बताया कि DDMA, NDRF, Delhi Fire Services, Delhi Police, MCD, CATS और Civil Defence की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों तक तत्काल मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
Delhi Building Collapse: हादसे की बड़ी बातें
- हादसा रविवार, 6 सितंबर को सत्य निकेतन में हुआ।
- ‘Hostel Daze’ नाम का पांच मंजिला Boys PG ढहा।
- Fire Service को करीब 1:33 बजे सूचना मिली।
- ताजा अपडेट में 6 लोगों को rescue किया गया है।
- एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।
- तीन घायलों की हालत गंभीर है।
- कई और लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
- Basement में construction work चलने की जानकारी सामने आई है।
- NDRF, Fire Services, Police, DDMA, MCD और दूसरी एजेंसियां rescue में जुटी हैं।
- इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।
Delhi Building Collapse: रेस्क्यू पूरा होने के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल Delhi Building Collapse में सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे में कितने लोग मौजूद थे और कितने अभी मलबे में फंसे हैं, इसका अंतिम आंकड़ा rescue operation पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
साथ ही पुलिस और प्रशासन की जांच से यह भी पता चलेगा कि basement में चल रहे निर्माण कार्य की अनुमति थी या नहीं और इमारत की structural safety की स्थिति क्या थी।
आधिकारिक disaster-management जानकारी के लिए NDRF और दिल्ली सरकार की जानकारी के लिए Delhi Government देखी जा सकती है। The News Canvas अन्य राष्ट्रीय खबरों के लिए पढ़ें।

