Chirawa Election Controversy: राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में दो अलग-अलग मतदान केंद्रों पर विवाद सामने आया। वार्ड 18 में कथित फर्जी मतदान की शिकायत के बाद पुलिस एक महिला को पूछताछ के लिए थाने ले गई। वहीं वार्ड 15 में महिला मतदाताओं के बुर्के और घूंघट हटवाकर कथित तौर पर फोटो लेने को लेकर लोगों ने विरोध किया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा।
चिड़ावा नगर पालिका में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को दूसरे चरण के तहत मतदान हो रहा है। चिड़ावा में कुल 45 वार्ड हैं। झुंझुनूं जिले में चिड़ावा समेत 10 निकायों को दूसरे चरण में रखा गया है।
राजस्थान के दूसरे और अंतिम चरण में कुल 147 शहरी निकायों के 4,774 वार्डों में मतदान हो रहा है। इस चरण में 87.60 लाख से अधिक मतदाता 18,266 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर रहे हैं।
Chirawa Election Controversy: वार्ड 18 में फर्जी वोटिंग का आरोप
चिड़ावा के स्टेशन क्षेत्र के पास स्थित वार्ड 18 के मतदान केंद्र पर दोपहर करीब 12 बजे कथित फर्जी मतदान को लेकर हंगामा हुआ।
शिकायत मिलने के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मामले में पूछताछ की। इसके बाद एक महिला को पुलिस अपने साथ थाने ले गई। पुलिस मामले की परिस्थितियों और महिला की पहचान से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि महिला पर फर्जी वोट डालने का आरोप शिकायत के रूप में सामने आया है। जांच पूरी होने से पहले इसे प्रमाणित फर्जी मतदान नहीं कहा जा सकता।
राजस्थान में पहले चरण के मतदान के दौरान भी अलग-अलग स्थानों से bogus voting के आरोप और टकराव की घटनाएं सामने आई थीं। पहले चरण में 162 निकायों में मतदान हुआ था।
वार्ड 15 में बुर्का-घूंघट की फोटो पर विवाद
Chirawa Election Controversy का दूसरा मामला चिड़ावा के वार्ड 15 से सामने आया।
यहां मतदान केंद्र पर प्रशासन की ओर से तैनात कैमरामैन की photography को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। स्थानीय लोगों का आरोप था कि महिला मतदाताओं का बुर्का या घूंघट हटवाकर उनकी तस्वीरें ली जा रही थीं।
इसी बात को लेकर मतदान केंद्र के आसपास कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने photography पर सवाल उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई। विवाद बढ़ने की सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और लोगों को समझाकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया।
Chirawa Election Controversy: चेहरा दिखाने और फोटो खींचने में अंतर
इस पूरे विवाद में एक अहम बात समझना जरूरी है।
राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले जारी चुनावी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बुर्का या घूंघट पहनकर मतदान करने पहुंची महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसका चेहरा देखा जा सकता है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के हवाले से पहले स्पष्ट किया गया था कि पहचान सत्यापन की यह व्यवस्था नई नहीं है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय महिला या महिला मतदानकर्मी की सहायता से पर्दानशीन महिला की पहचान कराई जा सकती है।
लेकिन पहचान के लिए चेहरा दिखाना और मतदाता की तस्वीर लेना दो अलग प्रक्रियाएं हैं।
चिड़ावा वार्ड 15 में स्थानीय लोगों की आपत्ति कथित रूप से photography को लेकर थी। फिलहाल यह आरोप है कि कैमरामैन ने महिलाओं के चेहरे की तस्वीरें लीं; प्रशासन की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि photography किस उद्देश्य और किस प्रक्रिया के तहत की जा रही थी।
Chirawa Election Controversy: पुलिस ने मेमोरी कार्ड लिया कब्जे में
वार्ड 15 में विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने कैमरामैन को भीड़ से अलग किया।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने कुछ समय के लिए उसका memory card अपने कब्जे में लिया, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
घटना की सूचना मिलने पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी शीशराम सैनी बिल्लू और सुरेश भूकर भी मौके पर पहुंचे। दोनों ने पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत की।
समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और बाद में कैमरामैन का memory card वापस दिलाया गया।
Chirawa Election Controversy: मतदान केंद्र पर बढ़ाई गई सतर्कता
विवाद के बाद मतदान केंद्र पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त ध्यान दिया गया।
प्रशासन की प्राथमिकता मतदान प्रक्रिया को बिना बाधा जारी रखने और किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होने से रोकने की रही।
दूसरे चरण के मतदान की शुरुआत के बाद राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में EVM से जुड़ी तकनीकी शिकायतें भी सामने आईं। PTI के मुताबिक शुरुआती घंटों में जयपुर, झुंझुनूं और पुष्कर सहित कुछ जगहों पर EVM में खराबी की शिकायत हुई थी।
सिंघाना में भी फर्जी वोटिंग पर हंगामा
Chirawa Election Controversy के बीच झुंझुनूं जिले के सिंघाना नगर पालिका क्षेत्र से भी कथित फर्जी मतदान को लेकर विवाद सामने आया।
वार्ड 5 और 6 के मतदान केंद्रों पर फर्जी वोटिंग के आरोप लगाए गए। वार्ड 5 में एक युवक पर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से मतदान करने आने का आरोप लगा।
मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
इसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों की ओर से पुलिस कार्रवाई का विरोध किए जाने की जानकारी सामने आई।
विवाद बढ़ने पर सीआई सुगन सिंह के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।
यहां भी कथित फर्जी मतदान की अंतिम पुष्टि पुलिस और चुनाव प्रशासन की जांच के बाद ही होगी।
Chirawa Election Controversy: झुंझुनूं में 10 निकायों में आज वोटिंग
झुंझुनूं जिले के निकाय चुनाव कार्यक्रम में बदलाव के बाद जिले के 19 निकायों को दो अलग चरणों में बांटा गया था।
11 सितंबर को जिले के इन 10 निकायों में मतदान रखा गया:
- चिड़ावा
- पिलानी
- सिंघाना
- विद्याविहार
- सूरजगढ़
- बिसाऊ
- मंडेरला
- मंडावा
- बुहाना
- मलसीसर
जबकि झुंझुनूं नगर परिषद सहित नौ अन्य निकायों में 9 सितंबर को मतदान हो चुका है।
चिड़ावा में 45 वार्डों के लिए मतदान
चिड़ावा नगर पालिका में कुल 45 वार्ड हैं।
यहां मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक निर्धारित है। मतदान पूरा होने के बाद सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर 2026 को होगी।
झुंझुनूं जिले की मतदान तारीखों में बाद में बदलाव किया गया था। नए कार्यक्रम के तहत चिड़ावा को 11 सितंबर वाले दूसरे चरण में रखा गया।
Chirawa Election Controversy की बड़ी बातें
- चिड़ावा में 11 सितंबर को निकाय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है।
- वार्ड 18 में कथित फर्जी मतदान को लेकर विवाद हुआ।
- शिकायत के बाद पुलिस एक महिला को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
- वार्ड 15 में बुर्का और घूंघट वाली महिला मतदाताओं की कथित photography को लेकर हंगामा हुआ।
- स्थानीय लोगों ने प्रशासन की ओर से तैनात कैमरामैन की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई।
- पुलिस ने कुछ समय के लिए कैमरामैन का memory card अपने कब्जे में लिया।
- प्रत्याशियों और पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
- चुनावी नियमों के तहत मतदाता की पहचान के लिए बुर्का या घूंघट हटाकर चेहरा दिखवाया जा सकता है।
- पहचान सत्यापन और मतदाता की तस्वीर लेना अलग-अलग विषय हैं।
- सिंघाना में भी कथित फर्जी मतदान को लेकर विवाद हुआ।
- चिड़ावा समेत झुंझुनूं के 10 निकायों में आज दूसरे चरण का मतदान है।
- मतगणना 14 सितंबर को होगी।
मतदान के बीच प्रशासन की चुनौती
कुल मिलाकर Chirawa Election Controversy में एक तरफ फर्जी मतदान के आरोप ने प्रशासन की परेशानी बढ़ाई, तो दूसरी तरफ महिला मतदाताओं की पहचान और कथित photography का मुद्दा विवाद का कारण बना।
मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना चुनाव प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है, लेकिन इसके दौरान privacy और गरिमा का ध्यान रखा जाना भी महत्वपूर्ण है। चिड़ावा वार्ड 15 में वास्तविक विवाद photography को लेकर सामने आया है, इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित कैमरामैन को किस तरह के निर्देश दिए गए थे और उसने मौके पर किस प्रक्रिया का पालन किया।
वहीं वार्ड 18 और सिंघाना में सामने आए कथित fake voting मामलों में भी पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
राजस्थान निकाय चुनाव से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देख सकते हैं। राजस्थान की अन्य चुनावी और राजनीतिक खबरों के लिए The News Canvasपढ़ें।

