Ashok Gehlot Polling Booth का एक वीडियो राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के बीच सियासी विवाद का कारण बन गया है। जोधपुर में मतदान करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छूने की घटना को लेकर BJP ने राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश कर चुनाव के बीच “झूठी खबर” फैलाई जा रही है।
विवाद की सबसे अहम बात अब यही है कि वीडियो में गहलोत के पैर छूने वाला व्यक्ति आखिर कौन था। BJP का आरोप है कि वह मतदान दल से जुड़ा सरकारी कर्मचारी था, जबकि कांग्रेस का दावा है कि गहलोत के पैर छूने वाला व्यक्ति उसी वार्ड के एक निर्दलीय प्रत्याशी का polling agent था। BJP की शिकायत में इसे चुनावी निष्पक्षता से जुड़ा मामला बताया गया है। PTI की रिपोर्ट भी पुष्टि करती है कि भाजपा ने वार्ड 82 के मतदान केंद्र पर एक polling team member द्वारा गहलोत के पैर छूने का आरोप लगाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है।
Ashok Gehlot Polling Booth विवाद कैसे शुरू हुआ?
राजस्थान में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान हुआ। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी पत्नी सुनीता गहलोत, बेटे वैभव गहलोत और बहू हिमांशी गहलोत के साथ जोधपुर के महामंदिर क्षेत्र में मतदान करने पहुंचे। PTI के मुताबिक उन्होंने जोधपुर के महामंदिर क्षेत्र स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।
इसी मतदान केंद्र का एक वीडियो सामने आया, जिसमें गहलोत के पास खड़ा एक व्यक्ति आगे बढ़कर उनके पैर छूता दिखाई देता है।
वीडियो सामने आने के कुछ ही समय बाद BJP ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया और आरोप लगाया कि मतदान ड्यूटी से जुड़े व्यक्ति का किसी राजनीतिक नेता के प्रति इस तरह सम्मान प्रदर्शित करना उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
Ashok Gehlot Polling Booth: BJP ने चुनाव आयोग से की शिकायत
BJP विधि प्रकोष्ठ की ओर से इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। पार्टी का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में लगे सरकारी कर्मचारियों के लिए राजनीतिक रूप से पूरी तरह निष्पक्ष और तटस्थ रहना जरूरी है।
BJP ने दावा किया कि वार्ड नंबर 82 के मतदान केंद्र पर मौजूद polling team के एक सदस्य ने गहलोत के पहुंचने पर अपनी सीट से उठकर उनके पैर छुए। पार्टी ने इसे Model Code of Conduct और निष्पक्ष मतदान की भावना के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पार्टी का तर्क है कि मतदान केंद्र जैसी संवेदनशील जगह पर किसी कर्मचारी का किसी विशेष राजनीतिक नेता के प्रति सार्वजनिक रूप से झुकाव दिखाना दूसरे मतदाताओं के बीच गलत संदेश दे सकता है।
हालांकि शिकायत होना अपने आप में नियमों के उल्लंघन को साबित नहीं करता। संबंधित व्यक्ति की वास्तविक भूमिका और उसके व्यवहार पर अंतिम निष्कर्ष निर्वाचन अधिकारियों की जांच से ही सामने आएगा।
कांग्रेस का पलटवार- ‘क्यों फैला रहे हो झूठी खबर?’
Ashok Gehlot Polling Booth विवाद पर कांग्रेस ने BJP के आरोपों को खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया है।
जोधपुर कांग्रेस की ओर से कहा गया कि अशोक गहलोत किसी विशेष सुविधा के साथ नहीं, बल्कि सामान्य मतदाता की तरह वोट देने पहुंचे थे। कांग्रेस का दावा है कि जिस व्यक्ति के गहलोत के पैर छूने का वीडियो वायरल हो रहा है, उसे सरकारी मतदान कर्मचारी बताना सही नहीं है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक उस बूथ पर एक निर्दलीय प्रत्याशी का polling agent भी मौजूद था और उसी व्यक्ति ने गहलोत के पैर छुए थे।
पार्टी ने इसे गहलोत के प्रति व्यक्तिगत सम्मान बताते हुए BJP पर वीडियो को गलत संदर्भ में पेश करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का कहना है कि किसी व्यक्ति की भूमिका की पूरी जांच किए बिना उसे सरकारी कर्मचारी बताकर चुनावी विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
Ashok Gehlot Polling Booth: असली सवाल- पैर छूने वाला कर्मचारी था या Polling Agent?
इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है।
BJP का दावा: पैर छूने वाला polling team का सदस्य और सरकारी कर्मचारी था।
कांग्रेस का दावा: संबंधित व्यक्ति सरकारी polling employee नहीं, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी का polling agent था।
यानी दोनों पक्ष संबंधित व्यक्ति की पहचान और चुनाव प्रक्रिया में उसकी भूमिका को लेकर बिल्कुल अलग दावे कर रहे हैं।
ऐसे में वीडियो में पैर छूने की घटना दिखाई देना एक बात है, लेकिन उस व्यक्ति को सरकारी कर्मचारी या polling agent के रूप में निश्चित तौर पर चिन्हित करना दूसरी बात है। इसकी आधिकारिक पुष्टि निर्वाचन प्रशासन की जांच से ही होनी चाहिए।
Ashok Gehlot Polling Booth: कहां वोट डालने पहुंचे थे अशोक गहलोत?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने परिवार के साथ जोधपुर के महामंदिर क्षेत्र में मतदान करने पहुंचे थे।
रिपोर्टों के मुताबिक उनके साथ:
- पत्नी सुनीता गहलोत
- बेटे वैभव गहलोत
- बहू हिमांशी गहलोत
भी मौजूद थे।
निकाय चुनाव के दूसरे चरण में 147 urban local bodies के लिए मतदान हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस चरण में 87,60,884 मतदाता, 9,758 polling booths और 4,774 wards थे, जबकि 18,266 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।
Ashok Gehlot Polling Booth: वोट डालने के बाद गहलोत ने BJP सरकार को घेरा
Ashok Gehlot Polling Booth, मतदान के बाद अशोक गहलोत ने राज्य की BJP सरकार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को और मजबूत करने की जरूरत है और आरोप लगाया कि कुछ ताकतें संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।
गहलोत ने राजस्थान सरकार के ढाई साल के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि राज्य में हालात गंभीर हैं और जनता चुनाव के जरिए BJP को जवाब देगी।
इस वजह से मतदान केंद्र के वीडियो पर शुरू हुआ विवाद भी जल्द ही BJP बनाम Congress की बड़ी राजनीतिक बहस में बदल गया।
Ashok Gehlot Polling Booth: दूसरे चरण में 147 निकायों में मतदान
Ashok Gehlot Polling Booth विवाद ऐसे दिन सामने आया जब राजस्थान के नगर निकाय चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण चल रहा था।
दूसरे चरण में जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और पाली सहित कई प्रमुख शहरों में वोट डाले गए। 147 निकायों के 4,774 वार्डों में मतदान हुआ और 18 हजार से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहे।
इससे पहले पहले चरण की वोटिंग 9 सितंबर को हुई थी। दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर को होनी है।
Ashok Gehlot Polling Booth: BJP ने क्यों उठाया निष्पक्षता का सवाल?
BJP का कहना है कि polling personnel पर निष्पक्ष चुनाव कराने की सीधी जिम्मेदारी होती है।
अगर कोई मतदान कर्मचारी बूथ के अंदर किसी दल के बड़े नेता के प्रति ऐसा व्यवहार करता है जिससे राजनीतिक झुकाव का संदेश जाता हो, तो उसकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।
इसी आधार पर BJP ने संबंधित polling personnel और polling team के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि यही पूरा आरोप गलत पहचान पर खड़ा है, क्योंकि पार्टी के मुताबिक पैर छूने वाला व्यक्ति चुनाव ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी था ही नहीं।
Ashok Gehlot Polling Booth विवाद की बड़ी बातें
- अशोक गहलोत ने 11 सितंबर को जोधपुर में मतदान किया।
- उनके साथ पत्नी सुनीता, बेटे वैभव और बहू हिमांशी गहलोत भी थे।
- मतदान केंद्र के अंदर एक व्यक्ति का गहलोत के पैर छूते वीडियो सामने आया।
- BJP ने जिला निर्वाचन अधिकारी से लिखित शिकायत की।
- BJP का आरोप है कि पैर छूने वाला polling team का सदस्य था।
- पार्टी ने इसे चुनावी निष्पक्षता से जुड़ा मामला बताया।
- कांग्रेस ने BJP के आरोप को गलत बताया।
- कांग्रेस का दावा है कि संबंधित व्यक्ति निर्दलीय प्रत्याशी का polling agent था।
- दोनों पक्ष उस व्यक्ति की भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।
- अंतिम स्थिति निर्वाचन अधिकारियों की जांच से स्पष्ट होगी।
- दूसरे चरण में 147 नगरीय निकायों में मतदान हुआ।
- दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।
Ashok Gehlot Polling Booth: अब निर्वाचन अधिकारियों की जांच पर नजर
कुल मिलाकर Ashok Gehlot Polling Booth वीडियो पर विवाद अब केवल पैर छूने की घटना तक सीमित नहीं है। असली राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल संबंधित व्यक्ति की पहचान को लेकर है।
BJP का कहना है कि वह सरकारी polling employee था और उसके व्यवहार ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़ा किया। दूसरी तरफ कांग्रेस का दावा है कि संबंधित व्यक्ति निर्दलीय प्रत्याशी का polling agent था और BJP इस वीडियो को गलत तरीके से पेश कर रही है।
Ashok Gehlot Polling Booth, ऐसे में किसी एक राजनीतिक पक्ष के दावे को अंतिम तथ्य मानना जल्दबाजी होगी। शिकायत पर निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की आधिकारिक भूमिका क्या थी और क्या किसी चुनावी नियम का उल्लंघन हुआ।
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