Ashutosh Ranka Dungarpur: राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से चलाया जा रहा ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान अब डूंगरपुर जिले तक पहुंचने वाला है। CJP से जुड़े आशुतोष रांका से मिली जानकारी के मुताबिक उनका डूंगरपुर दौरा 22 सितंबर को प्रस्तावित है। इस दौरान टीम आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखेगी।
CJP ने 17 सितंबर को राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों के लिए अभियान की घोषणा की थी। संगठन ने उदयपुर के अलावा डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, झालावाड़ और बारां-अंता जैसे क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों का जायजा लेने की योजना बताई है। अभियान में स्कूलों की कमियों का विवरण तैयार कर संबंधित अधिकारियों के सामने उठाने की बात कही गई है।
Ashutosh Ranka Dungarpur दौरे में किन सुविधाओं की होगी जांच?
Ashutosh Ranka Dungarpur दौरे के दौरान टीम का मुख्य फोकस सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए उपलब्ध बुनियादी व्यवस्थाओं पर रहेगा।
रांका से मिली जानकारी के अनुसार टीम अलग-अलग गांवों में जाकर स्कूलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेगी। इस दौरान मुख्य रूप से इन व्यवस्थाओं को देखा जाएगा:
- स्कूल भवन और कक्षाओं की स्थिति
- विद्यार्थियों के लिए पेयजल की व्यवस्था
- छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय
- बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं
- बैठने और पढ़ाई के लिए उपलब्ध व्यवस्था
- भवन की सुरक्षा और मरम्मत की जरूरत
- स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याएं
अभियान की घोषणा के समय भी CJP ने कहा था कि इसका उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में infrastructure और विद्यार्थियों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को document करना है।
Ashutosh Ranka Dungarpur: ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
डूंगरपुर राजस्थान के प्रमुख आदिवासी बहुल जिलों में शामिल है। प्रस्तावित दौरे में शहर के स्कूलों के बजाय ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थित सरकारी विद्यालयों पर ज्यादा फोकस रहने की बात कही गई है।
टीम स्कूल परिसरों में पहुंचकर व्यवस्थाएं देखने के साथ स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाएगी। उद्देश्य यह पता लगाना है कि कागज पर उपलब्ध सुविधाओं और जमीन पर वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है।
CJP ने अभियान की शुरुआत करते समय कहा था कि उसकी टीमें स्कूलों की कमियों को दर्ज कर एक रिपोर्ट तैयार करेंगी और इन्हें संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा।
Ashutosh Ranka Dungarpur: उदयपुर के बाद डूंगरपुर की ओर अभियान
Ashutosh Ranka Dungarpur दौरा अभियान के राजस्थान चरण का अगला हिस्सा होगा। इससे पहले रांका के नेतृत्व वाली टीम ने उदयपुर जिले के खेरवाड़ा क्षेत्र में आदिवासी गांवों के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया।
20 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक टीम देमात, पोंगली और बाबरी सहित कई गांवों में पहुंची। CJP ने निरीक्षण के आधार पर कुछ स्कूलों में पेयजल, भवन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की कमी होने का दावा किया है।
खेरवाड़ा दौरे के दौरान संगठन ने कुछ स्थानों पर स्कूल भवनों की स्थिति और खाली पड़े आवंटित भूखंडों को लेकर भी सवाल उठाए। ये निष्कर्ष CJP टीम के निरीक्षण और उसके दावों पर आधारित हैं।
अब इसी अभियान को डूंगरपुर के अलग-अलग आदिवासी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की तैयारी है।
‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान कब शुरू हुआ?
कॉकरोच जनता पार्टी ने राजस्थान में ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान की घोषणा 17 सितंबर को की थी और अगले दिन से आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों के निरीक्षण का कार्यक्रम शुरू किया गया।
CJP के अनुसार यह उसके पहले से चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का विस्तारित रूप है। संगठन का दावा है कि राजस्थान में इससे पहले 500 से ज्यादा स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है। यह संख्या संगठन द्वारा बताई गई है और इसे सरकारी आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
नए अभियान में विशेष रूप से आदिवासी इलाकों के स्कूलों, वहां मौजूद infrastructure और विद्यार्थियों की बुनियादी जरूरतों पर फोकस रखा गया है।
Ashutosh Ranka Dungarpur: डूंगरपुर में स्थानीय समस्याओं की भी जुटाई जाएगी जानकारी
दौरे के दौरान केवल स्कूल भवनों को देखने तक कार्यक्रम सीमित नहीं रहेगा।
CJP टीम स्थानीय अभिभावकों, ग्रामीणों और उपलब्ध स्कूल प्रतिनिधियों से क्षेत्र में सामने आ रही समस्याओं की जानकारी भी जुटाने की योजना बना रही है। इसके आधार पर स्कूलवार कमियों का विवरण तैयार किया जा सकता है।
आशुतोष रांका से मिली जानकारी के मुताबिक टीम यह जानने की कोशिश करेगी कि विद्यार्थियों के लिए घोषित और जरूरी सुविधाओं में से कितनी वास्तव में उपलब्ध हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

Ashutosh Ranka Dungarpur दौरे से पहले अभियान में क्या हुआ?
राजस्थान में अभियान का पहला चरण उदयपुर संभाग के आदिवासी क्षेत्रों से शुरू हुआ है।
खेरवाड़ा क्षेत्र के दौरे के बाद रांका ने सरकारी स्कूलों में infrastructure को लेकर सवाल उठाए। इसी दौरान राजस्थान सरकार की ओर से 472 सरकारी स्कूल भवनों से संबंधित करीब ₹401 करोड़ की स्वीकृति की रिपोर्ट भी सामने आई है। सरकारी अधिकारियों ने इसे राज्य के बड़े school-infrastructure roadmap का हिस्सा बताया है।
CJP ने इस फैसले की timing को अपने अभियान से जोड़ते हुए राजनीतिक टिप्पणी की है, जबकि स्वीकृति को अभियान का परिणाम मानने का स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
Ashutosh Ranka Dungarpur: अभियान में डूंगरपुर समेत कई जिले शामिल
CJP की ओर से घोषित राजस्थान कार्यक्रम में आदिवासी बहुल क्षेत्रों के कई जिले शामिल हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- उदयपुर
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
- सिरोही
- झालावाड़
- बारां-अंता क्षेत्र
शामिल किए गए हैं। संगठन का कहना है कि अलग-अलग क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा करने के बाद वहां की जरूरतों और कमियों को दर्ज किया जाएगा।
Ashutosh Ranka Dungarpur दौरे की बड़ी बातें
- आशुतोष रांका का डूंगरपुर दौरा 22 सितंबर को प्रस्तावित है।
- दौरा ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत होगा।
- ग्रामीण और आदिवासी बहुल इलाकों के सरकारी स्कूलों पर फोकस रहेगा।
- स्कूल भवन, पेयजल, शौचालय और दूसरी बुनियादी सुविधाएं देखी जाएंगी।
- स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
- CJP ने राजस्थान में अभियान की घोषणा 17 सितंबर को की थी।
- अभियान की शुरुआत उदयपुर संभाग से हुई है।
- डूंगरपुर को CJP ने पहले से प्रस्तावित दौरे वाले जिलों में शामिल किया था।
- अभियान के दौरान सामने आई कमियों को document कर संबंधित विभागों के सामने रखने की बात संगठन ने कही है।
Ashutosh Ranka Dungarpur: डूंगरपुर के स्कूलों की जमीनी स्थिति पर रहेगी नजर
कुल मिलाकर Ashutosh Ranka Dungarpur दौरे के जरिए CJP अब दक्षिण राजस्थान के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में अपने स्कूल अभियान को आगे बढ़ाने जा रही है।
प्रस्तावित दौरे का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को देखना और स्थानीय स्तर से जानकारी जुटाना बताया गया है। दौरे के बाद किन स्कूलों का निरीक्षण हुआ, क्या कमियां मिलीं और शिक्षा विभाग की ओर से उन पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इससे अभियान की अगली तस्वीर स्पष्ट होगी।
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डूंगरपुर से सादिक अली की रिपोर्ट

