बझेरा-अछनेरा मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान JCB से भूमिगत स्टील ट्रंक लाइन क्षतिग्रस्त; 22 CNG स्टेशनों और घरेलू-औद्योगिक गैस आपूर्ति पर असर
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में बझेरा-अछनेरा मार्ग पर सड़क निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान भूमिगत हाई प्रेशर गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन से गैस का रिसाव शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। समय रहते गैस आपूर्ति रोक दिए जाने और कंपनी की तकनीकी टीम के मौके पर पहुंचने से आग या विस्फोट जैसी बड़ी घटना टल गई।
घटना बुधवार, 29 जुलाई की रात चिकसाना थाना क्षेत्र में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से बझेरा-अछनेरा सड़क पर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। खुदाई में लगी JCB मशीन का हिस्सा जमीन के नीचे से गुजर रही हाई प्रेशर स्टील ट्रंक गैस पाइपलाइन से टकरा गया, जिससे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
पाइपलाइन से गैस निकलते ही मचा हड़कंप
Bharatpur Gas Pipeline Leak की जानकारी आसपास के गांवों में फैलते ही लोग चिंतित हो गए। हाई प्रेशर लाइन होने के कारण किसी चिंगारी या आग के संपर्क में आने पर गंभीर हादसे की आशंका थी। सूचना मिलने पर चिकसाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से दूर रहने की सलाह दी।
गैस वितरण कंपनी की टीम ने मुख्य आपूर्ति नियंत्रित कर रिसाव बंद किया और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू की। अलग-अलग रिपोर्टों में मरम्मत और आपूर्ति बहाली के लिए पांच से 15 घंटे तक का अनुमान बताया गया है। ऐसे में आपूर्ति बहाल होने का समय मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी होने पर निर्भर रहेगा।
22 CNG स्टेशनों की आपूर्ति बंद
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण भरतपुर, डीग और उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में संचालित करीब 22 CNG स्टेशनों की गैस आपूर्ति रोकनी पड़ी। इसके कारण वाहन चालकों को परेशानी हुई और कई लोगों को CNG स्टेशनों पर आपूर्ति शुरू होने का इंतजार करना पड़ा।
लाइन में आई रुकावट का प्रभाव केवल भरतपुर तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्टों के अनुसार सवाई माधोपुर, करौली, टोंक और दौसा में भी गैस नेटवर्क से जुड़ी आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि प्रत्येक जिले में कितने स्टेशन या उपभोक्ता प्रभावित हुए, इसकी अलग-अलग आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है।
घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी असर
भरतपुर शहर में PNG के 13 हजार से अधिक घरेलू कनेक्शन बताए गए हैं। इसके अलावा 50 से ज्यादा होटल और कई गैस आधारित व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी नेटवर्क से जुड़े हैं। पाइपलाइन की मरम्मत के दौरान घरेलू, होटल और औद्योगिक उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
गैस आधारित उद्योगों के लिए आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि नुकसान या उत्पादन बंद होने से संबंधित कोई विस्तृत आधिकारिक आकलन अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
शाम तक आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार तकनीकी टीम क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को ठीक करने और दबाव की जांच करने में जुटी है। मरम्मत पूरी होने के बाद लाइन में गैस धीरे-धीरे छोड़ी जाएगी। सुरक्षा परीक्षण सफल रहने पर CNG और PNG की आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से बहाल की जाएगी।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि आपूर्ति बहाल होने तक गैस कंपनी की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। घर या प्रतिष्ठान में गैस की गंध महसूस होने पर बिजली के स्विच, लाइटर, माचिस या किसी अन्य संभावित चिंगारी पैदा करने वाले उपकरण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
सड़क निर्माण से पहले समन्वय पर उठे सवाल
घटना ने भूमिगत गैस, बिजली, पानी और संचार लाइनों के पास निर्माण कार्य की सुरक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। खुदाई शुरू करने से पहले संबंधित एजेंसियों के बीच भूमिगत उपयोगिता मानचित्र साझा करना और गैस कंपनी से तकनीकी अनुमति लेना जरूरी होता है।
फिलहाल यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है कि सड़क निर्माण एजेंसी को पाइपलाइन की स्थिति की जानकारी थी या नहीं। यह भी सामने नहीं आया है कि खुदाई से पहले गैस कंपनी को सूचना दी गई थी या पाइपलाइन की पहचान के लिए कोई मार्किंग की गई थी।
घटना में किसी जनहानि या आग लगने की सूचना नहीं है। फिर भी हाई प्रेशर गैस लाइन का क्षतिग्रस्त होना गंभीर सुरक्षा जोखिम था। समय पर आपूर्ति बंद होने और तकनीकी टीम के पहुंचने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।




