खैरथल-तिजारा जिले में फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड पर हमला और स्क्रैप चोरी की धमकी देने का आरोप; पुलिस की दबिश के दौरान छत से कूदकर भागने की कोशिश
खैरथल-तिजारा। Bhiwadi Police Arrest: राजस्थान के भिवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है, जिनके खिलाफ चोरी, लूट, डकैती, अवैध वसूली और हत्या के प्रयास सहित कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजदीप उर्फ राजू और उसके बड़े भाई मोहन सिंह उर्फ मोनी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी संगठित रूप से वारदातों को अंजाम देते थे। राजदीप के खिलाफ अलग-अलग थानों में 20, जबकि मोहन सिंह के खिलाफ 14 मामले दर्ज हैं। मोहन सिंह को पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर भी बताया है। दोनों भाई हरियाणा के तावड़ू थाना क्षेत्र की तीन वारदातों में भी वांछित बताए जा रहे हैं।
फैक्ट्री में घुसकर गार्ड को धमकाने का आरोप
Bhiwadi Police Arrest की यह कार्रवाई 18 जुलाई की रात रीको फेज-1 स्थित सर्वेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में हुई घटना से जुड़ी है। पुलिस का आरोप है कि दोनों भाई रात के समय फैक्ट्री परिसर में घुस गए और वहां तैनात सुरक्षा गार्ड को डराने-धमकाने लगे।
आरोपियों ने कथित रूप से लोहे की रॉड से गार्ड पर हमला किया। उन्होंने गार्ड से कहा कि वे पहले भी फैक्ट्री से स्क्रैप चोरी कर चुके हैं और दोबारा सामान लेकर जाएंगे। विरोध करने पर उसे गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
घटना की सूचना मिलने के बाद भिवाड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच टीम ने फैक्ट्री और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तथा तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के माध्यम से संदिग्धों की पहचान की।
छत से कूदकर भागने का किया प्रयास
पुलिस को जांच के दौरान आरोपियों के अपने घर पर मौजूद होने की सूचना मिली। सोमवार शाम पुलिस टीम ने उनके ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस को देखकर दोनों भाई घर की छत पर चढ़ गए और वहां से कूदकर भागने का प्रयास करने लगे।
पुलिसकर्मियों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक कांस्टेबल गोपीचंद और राजेंद्र ने आरोपियों को भागने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तारी के बाद दोनों को थाने लाया गया और उनसे पूछताछ शुरू की गई।
चोरी से हत्या के प्रयास तक के मामले दर्ज
पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय के अनुसार राजदीप उर्फ राजू और मोहन सिंह उर्फ मोनी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उनके खिलाफ नकबजनी, चोरी, लूट, डकैती, अवैध वसूली और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस का दावा है कि दोनों भाई एक गिरोह की तरह काम करते थे और औद्योगिक क्षेत्रों तथा आसपास के इलाकों में वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस उनके साथियों और दूसरी घटनाओं में संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि दर्ज मुकदमे और पुलिस के आरोप न्यायालय में दोष सिद्ध होने के समान नहीं हैं। दोनों आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्णय अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
मोबाइल लूट की वारदात कबूलने का दावा
पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 20 जुलाई को याजाकी कंपनी के पास हुई मोबाइल लूट की एक वारदात में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब इस घटना से जुड़े साक्ष्यों और आरोपियों द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि कर रही है।
इसके साथ ही हरियाणा के तावड़ू थाना क्षेत्र में दर्ज तीन मामलों के संबंध में भी संबंधित पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दोनों आरोपियों के साथ अन्य कौन-कौन लोग सक्रिय थे और चोरी अथवा लूट का सामान कहां बेचा जाता था।
औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा पर सवाल
भिवाड़ी राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां, गोदाम और औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। फैक्ट्री परिसर में घुसकर सुरक्षा गार्ड को धमकाने की घटना ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों की रात्रिकालीन सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में अपराध रोकने के लिए गश्त और निगरानी बढ़ाई जा रही है। फैक्ट्री संचालकों को भी सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने, सुरक्षा कर्मचारियों का सत्यापन कराने और संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी जाती है।
Bhiwadi Police Arrest के बाद पुलिस अब दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर उनके कथित आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और पुरानी वारदातों की जानकारी जुटा रही है। जांच के आधार पर मामले में अन्य गिरफ्तारियां या बरामदगी भी हो सकती है।




