BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। बातचीत में रक्षा सहयोग, निवेश, सेमीकंडक्टर, खनन और दूसरे उभरते क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मलेशिया और इथियोपिया के साथ सैन्य कर्मियों की संयुक्त ट्रेनिंग और भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही दोनों देशों ने भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत किया। इथियोपिया ने खासतौर पर भारतीय mining companies के लिए अवसरों की बात की, जबकि मलेशिया के साथ semiconductor sector में संभावित सहयोग चर्चा का अहम हिस्सा रहा।
BRICS Summit 2026 में इथियोपिया के साथ क्या हुई बात?
प्रधानमंत्री मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली की मुलाकात नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई।
दोनों नेताओं ने India-Ethiopia Strategic Partnership की प्रगति की समीक्षा की। आर्थिक सहयोग के साथ defence and security partnership तथा capacity building को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए और बहुपक्षीय मंचों पर आपसी सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह बैठक दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता की अगली कड़ी है। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को Strategic Partnership के स्तर तक बढ़ाया था।
भारतीय खनन कंपनियों के लिए खुल सकते हैं रास्ते
BRICS Summit 2026 के दौरान हुई इस बैठक में आर्थिक सहयोग का एक अहम क्षेत्र mining sector रहा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक इथियोपिया ने भारतीय खनन कंपनियों को अपने प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया है। इससे exploration, mining technology और mineral assets जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं।
इथियोपिया के साथ भारत के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश defence cooperation, military training, capacity building और दूसरे strategic sectors में पहले से काम कर रहे हैं। फरवरी 2025 में दोनों देशों ने defence cooperation से जुड़ा MoU भी किया था।
BRICS Summit 2026: रक्षा क्षेत्र में ट्रेनिंग और खरीद पर चर्चा
मलेशिया और इथियोपिया दोनों ने भारत के साथ defence cooperation बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाई।
सूत्रों के अनुसार बातचीत में दो प्रमुख बिंदु सामने आए:
- सैन्य कर्मियों की joint training
- भारतीय कंपनियों से defence equipment procurement की संभावनाएं
भारत पिछले कुछ वर्षों में अपनी defence manufacturing और exports को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। ऐसे में मलेशिया और इथियोपिया जैसे देशों के साथ सहयोग भारतीय defence industry के लिए नए बाजार खोल सकता है।
मलेशिया के साथ Semiconductor पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बैठक में trade और investment के साथ semiconductor sector खास चर्चा में रहा।
दोनों नेताओं ने फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की Malaysia यात्रा के दौरान लिए गए फैसलों और उसके बाद हुई प्रगति की समीक्षा की। बातचीत में व्यापार एवं निवेश, defence and security, semiconductors, infrastructure, digital economy, energy, fintech, education, tourism और people-to-people ties शामिल रहे।
Semiconductor sector में भारत खुद को global supply chain में मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं Malaysia पहले से electronics और semiconductor manufacturing तथा assembly ecosystem का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तकनीक, investment और supply chains में सहयोग के नए अवसर बन सकते हैं।
Kota Kinabalu में खुलेगा भारतीय वाणिज्य दूतावास
बैठक में एक और महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई।
मलेशिया ने Sabah के Kota Kinabalu में भारत का Consulate General स्थापित करने पर सहमति जताई है। इससे Malaysia के इस हिस्से में रहने वाले भारतीय समुदाय और व्यापारिक गतिविधियों को diplomatic support मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ASEAN-India संबंधों को मजबूत करने में Malaysia के समर्थन की भी सराहना की। दोनों नेताओं ने India-Malaysia Comprehensive Strategic Partnership को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
BRICS में Partner Country के तौर पर शामिल है Malaysia
Malaysia 1 जनवरी 2025 से BRICS Partner Country है और नई दिल्ली में हो रहे 18वें BRICS Leaders’ Summit में इसी हैसियत से शामिल हुआ है।
Malaysia की भागीदारी ऐसे समय हो रही है जब BRICS अपने member और partner countries के बीच trade, investment, technology, digital economy और Global South से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को हो रहे शिखर सम्मेलन में BRICS members के साथ partner और outreach countries के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
BRICS Summit 2026: इथियोपिया BRICS का पूर्ण सदस्य
इथियोपिया BRICS का full member है। 2024 में हुए विस्तार के बाद Ethiopia, Egypt, Iran और UAE समूह में शामिल हुए थे, जबकि बाद में Indonesia भी full member बना। BRICS के आधिकारिक दस्तावेज समूह के expanded membership को Global South की बड़ी economies और emerging markets तक फैलने के रूप में देखते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में इथियोपिया की BRICS Summit 2026 में भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इससे Global South की collective voice मजबूत होती है।
Anwar Ibrahim जाएंगे Kerala
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम BRICS बैठक के बाद केरल भी जाएंगे। उनकी भारत यात्रा पांच दिन की है।
रविवार को उनका कोझिकोड के Karanthoor स्थित Markaz Central Campus जाने और Indian Grand Mufti Kanthapuram A.P. Aboobacker Musliyar से मिलने का कार्यक्रम है। शिक्षा, community development और धार्मिक विषयों पर भी बातचीत प्रस्तावित है।
इसके बाद अनवर इब्राहिम Maldives के लिए रवाना होंगे।
BRICS Summit 2026 की बड़ी बातें
- PM मोदी ने मलेशिया के PM अनवर इब्राहिम से मुलाकात की।
- इथियोपिया के PM अबी अहमद अली के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता हुई।
- दोनों देशों ने भारत के साथ defence cooperation बढ़ाने में रुचि दिखाई।
- Joint military training और defence procurement पर चर्चा हुई।
- इथियोपिया ने Indian mining companies का स्वागत किया।
- Malaysia के साथ semiconductor cooperation पर बातचीत हुई।
- Trade, investment और digital economy भी India-Malaysia talks का हिस्सा रहे।
- Malaysia ने Kota Kinabalu में Indian Consulate General खोलने पर सहमति जताई।
- India-Ethiopia Strategic Partnership को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
- Ethiopia BRICS का full member है।
- Malaysia BRICS Partner Country के तौर पर summit में हिस्सा ले रहा है।
BRICS Summit 2026: भारत के लिए क्यों अहम हैं ये दोनों बैठकें?
BRICS Summit 2026 के बीच Malaysia और Ethiopia के साथ हुई बैठकों का महत्व केवल diplomatic engagement तक सीमित नहीं है। Malaysia के साथ semiconductor, digital economy और defence sectors में बढ़ता सहयोग भारत को Southeast Asia की technology और manufacturing supply chains से और मजबूती से जोड़ सकता है।
दूसरी ओर Ethiopia के साथ mining, defence और capacity building में सहयोग भारत की Africa strategy के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय कंपनियों को mining sector में नए अवसर मिलने से critical minerals और natural resources से जुड़े commercial ties भी आगे बढ़ सकते हैं।
इन दोनों बैठकों से साफ है कि भारत BRICS मंच का इस्तेमाल केवल multilateral diplomacy के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों के साथ defence, technology और investment partnerships को आगे बढ़ाने के लिए भी कर रहा है।
BRICS से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए भारत के विदेश मंत्रालय देखा जा सकता है। The News Canvas पर अन्य अंतरराष्ट्रीय खबरों पढ़ें।

