Chittorgarh Sawan Somwar: सावन के चौथे और अंतिम सोमवार पर चित्तौड़गढ़ में सुबह से ही माहौल शिवमय बना हुआ है। शहर के प्रमुख शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कोई दूध और जल से महादेव का अभिषेक कर रहा है तो कोई बिल्वपत्र और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहा है।
24 अगस्त को राजस्थान में वर्ष 2026 का चौथा और अंतिम सावन सोमवार मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष राजस्थान में पहला सावन सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त को पड़ा है।
अंतिम सोमवार होने के कारण चित्तौड़गढ़ के मंदिरों में सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कई शिवालयों में विशेष अभिषेक, सहस्रधारा और शाम को महाआरती के कार्यक्रम रखे गए हैं।

Chittorgarh Sawan Somwar पर सुबह से शिवालयों में कतार
Chittorgarh Sawan Somwar को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दिया। सुबह मंदिरों के पट खुलने के साथ ही भगवान शिव के दर्शन के लिए भक्त पहुंचने लगे।
श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का:
- जल से अभिषेक
- दूध से अभिषेक
- घी से अभिषेक
- शहद से अभिषेक
- बिल्वपत्र अर्पण
- पुष्प अर्पण
- विशेष पूजन
किया।
कई श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे तो बड़ी संख्या में युवा भी भगवान शिव का जलाभिषेक करते नजर आए।
सावन के अंतिम सोमवार को लेकर कई जगह सहस्रधारा जलाभिषेक के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिरों में पूरे दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान जारी रहने हैं।
हजारेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध श्री हजारेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से भक्तों की आवाजाही बनी हुई है।
राजस्थान देवस्थान विभाग की चित्तौड़गढ़ जिले के मंदिरों की सूची में भी श्री हजारेश्वर जी का उल्लेख दर्ज है।
अंतिम सावन सोमवार के अवसर पर मंदिर में भगवान हजारेश्वर महादेव की विशेष पूजा की जा रही है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, शहद और दूसरी पूजन सामग्री अर्पित कर रहे हैं।
मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से धार्मिक माहौल बना हुआ है।
Chittorgarh Sawan Somwar: महंत चंद्र भारती महाराज ने बताया सावन सोमवार का महत्व
श्री हजारेश्वर महादेव मंदिर के महंत चंद्र भारती जी महाराज ने सावन सोमवार के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि धार्मिक परंपराओं में सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है और सोमवार को शिव आराधना का अलग महत्व है।
महंत चंद्र भारती महाराज के अनुसार, सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालु भगवान शिव का दूध, शहद, शक्कर और जल से अभिषेक करते हैं।
उनका कहना है कि धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार में सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।
यह धार्मिक आस्था और मान्यता का विषय है।
Chittorgarh Sawan Somwar पर घी से विशेष अभिषेक
Chittorgarh Sawan Somwar के मौके पर हजारेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का घी से विशेष अभिषेक भी किया गया।
आचार्य श्रवण सामवेदी ने बताया कि अंतिम सावन सोमवार के लिए मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।
सुबह भगवान हजारेश्वर महादेव का विशेष अभिषेक किया गया और इसके बाद नियमित पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हुआ।
मंदिर में पूरे दिन भक्तों के लिए दर्शन खुले रहने के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं।
Chittorgarh Sawan Somwar: सवा लाख बिल्वपत्रों से होगा भोलेनाथ का श्रृंगार
अंतिम सावन सोमवार की शाम हजारेश्वर महादेव मंदिर में खास आयोजन होगा।
आचार्य श्रवण सामवेदी के मुताबिक भगवान भोलेनाथ का सवा लाख बिल्वपत्रों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
बिल्वपत्र को शिव पूजा में विशेष महत्व दिया जाता है। श्रद्धालु सावन में भगवान शिव को बिल्वपत्र अर्पित करते हैं और अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना करते हैं।
विशेष श्रृंगार पूरा होने के बाद मंदिर में महाआरती आयोजित की जाएगी।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं।

शिवालयों में किए गए विशेष इंतजाम
Chittorgarh Sawan Somwar पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिरों में दर्शन और पूजा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।
सुबह से श्रद्धालुओं का मंदिरों में आना जारी है। भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए भक्त पूजन सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं।
कई स्थानों पर भीड़ को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि भक्तों को पूजा-अर्चना में परेशानी न हो।
सुबह के बाद शाम की महाआरती के समय भी मंदिरों में भीड़ बढ़ने की संभावना है।
कांवड़ यात्राओं से भी शिवमय हुआ चित्तौड़गढ़
सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण चित्तौड़गढ़ और आसपास के इलाकों में कांवड़ यात्राओं का दौर भी जारी है।
शिव भक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए अलग-अलग शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं।
स्थानीय कार्यक्रम के अनुसार त्रिवेणी संगम से निकलने वाली कांवड़ यात्रा भी चित्तौड़गढ़ पहुंचेगी।
कांवड़ यात्राओं में श्रद्धालु बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
सावन के अंतिम सोमवार ने शहर के धार्मिक माहौल को और उत्सवपूर्ण बना दिया है।
क्यों खास है 24 अगस्त का सोमवार?
वर्ष 2026 में राजस्थान के लिए 24 अगस्त सावन का चौथा और आखिरी सोमवार है। इसके बाद 28 अगस्त को श्रावण मास का समापन होगा।
इसी वजह से श्रद्धालुओं के लिए इस सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व है।
भगवान शिव की आराधना के लिए भक्त उपवास, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, मंत्र जाप और बिल्वपत्र अर्पित करने जैसे धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।
हालांकि पूजा से जुड़ी मान्यताएं धार्मिक आस्था पर आधारित हैं।
Chittorgarh Sawan Somwar की बड़ी बातें
- आज 24 अगस्त को सावन का चौथा और अंतिम सोमवार है।
- चित्तौड़गढ़ के शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ है।
- भक्त दूध, घी, शहद और जल से भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं।
- बिल्वपत्र और पुष्प अर्पित कर विशेष पूजा की जा रही है।
- कई मंदिरों में सहस्रधारा जलाभिषेक के कार्यक्रम हैं।
- हजारेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है।
- भगवान हजारेश्वर महादेव का घी से विशेष अभिषेक किया गया।
- शाम को सवा लाख बिल्वपत्रों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
- श्रृंगार के बाद महाआरती का आयोजन होगा।
- शहर और आसपास कांवड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं।
- त्रिवेणी संगम से कांवड़ यात्रा चित्तौड़गढ़ पहुंचने का कार्यक्रम है।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय
कुल मिलाकर Chittorgarh Sawan Somwar पर चित्तौड़गढ़ में आस्था और भक्ति का माहौल है। सावन के अंतिम सोमवार पर भक्त सुबह से भगवान शिव के दर्शन और अभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं।
हजारेश्वर महादेव मंदिर में घी से विशेष अभिषेक के बाद शाम का सवा लाख बिल्वपत्र श्रृंगार और महाआरती प्रमुख आकर्षण रहेगा। वहीं कांवड़ यात्राओं के जरिए भी श्रद्धालु महादेव को जल अर्पित करने पहुंच रहे हैं।
सावन की विदाई से पहले आखिरी सोमवार होने के कारण भक्त भगवान भोलेनाथ की आराधना में डूबे नजर आ रहे हैं।
सावन सोमवार की तारीखों और पंचांग से जुड़ी जानकारी के लिए Drik Panchang और चित्तौड़गढ़ के धार्मिक स्थलों की आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan Devasthan Department देख सकते हैं।
चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट
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