Vishvendra Singh के एक बयान से डीग कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रभारियों की सूची पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि सूची की प्रतिलिपि में उनका नाम लिखने के बजाय केवल ‘कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर’ लिखा गया, जिसे उन्होंने अपने राजनीतिक सम्मान से जोड़ते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
विश्वेंद्र सिंह ने इसे कथित रूप से ‘ओछी मानसिकता’ बताते हुए इसकी निंदा की है। इतना ही नहीं, उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन के अंदर इस तरह का व्यवहार जारी रहा तो इसका असर आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है।
डीग कांग्रेस में राजीव सिंह की नियुक्ति को लेकर पहले भी संगठन के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आ चुकी है। नवंबर 2025 में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के दौरान भी डीग के कुछ कांग्रेस पदाधिकारियों ने विरोध जताया था। वहीं जून 2026 में विश्वेंद्र सिंह ने डीग और भरतपुर के जिला संगठन की कार्यशैली को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे।
Vishvendra Singh आखिर क्यों हुए नाराज?
पूरा विवाद आगामी निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से नियुक्त किए गए प्रभारियों की सूची से जुड़ा है।
विश्वेंद्र सिंह के मुताबिक डीग कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव सिंह ने निकाय चुनाव के लिए प्रभारियों की सूची जारी की। इसकी प्रतिलिपि सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए विभिन्न नेताओं को भेजी गई।
विश्वेंद्र सिंह का आरोप है कि संबंधित दस्तावेज में उनका नाम दर्ज करने के बजाय सिर्फ ‘कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर’ लिखा गया।
पूर्व मंत्री ने इसे अपने प्रति सम्मान की कमी बताते हुए तीखी नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि लंबे राजनीतिक जीवन और पार्टी में अपनी भूमिका के बावजूद इस तरह का व्यवहार उन्हें स्वीकार नहीं है।
‘इस ओछी मानसिकता की घोर निंदा करता हूं’
Vishvendra Singh ने अपने बयान में जिला कांग्रेस अध्यक्ष पर सीधा निशाना साधा।
उनके मुताबिक, “डीग कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजीव सिंह द्वारा आगामी निकाय चुनावों के लिए प्रभारियों की सूची जारी की गई है। जिस प्रतिलिपि को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजा गया, उसमें मेरा नाम लिखने के बजाय केवल कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर लिखा गया।”
उन्होंने इसे जिलाध्यक्ष की कथित “ओछी मानसिकता” करार दिया और कहा कि वह इसकी निंदा करते हैं।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ‘ओछी मानसिकता’ विश्वेंद्र सिंह का आरोप और राजनीतिक टिप्पणी है, इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
अपने राजनीतिक सफर का भी किया जिक्र
नाराजगी जताते हुए पूर्व मंत्री ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का भी हवाला दिया।
विश्वेंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा कि वह जिला प्रमुख, सांसद, विधायक और मंत्री जैसे विभिन्न पदों पर रह चुके हैं और ऐसे में इस तरह का कथित अपमान स्वीकार नहीं कर सकते।
उनके राजनीतिक करियर को लेकर उपलब्ध रिकॉर्ड बताते हैं कि वह भरतपुर से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और राजस्थान विधानसभा में भी डीग-कुम्हेर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2023 विधानसभा चुनाव में वह इसी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार थे।
राजस्थान की राजनीति में वह लंबे समय से भरतपुर-डीग क्षेत्र के प्रमुख कांग्रेस चेहरों में गिने जाते रहे हैं।

Vishvendra Singh बोले- निकाय चुनाव में पड़ सकता है असर
Vishvendra Singh का बयान केवल व्यक्तिगत नाराजगी तक सीमित नहीं रहा।
उन्होंने दावा किया कि इस तरह की संगठनात्मक कार्यशैली का आगामी नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि इस कथित घटनाक्रम में जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें जनता जवाब देगी।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस और BJP दोनों अपने संगठन को सक्रिय कर रहे हैं। ऐसे में डीग कांग्रेस के भीतर किसी भी तरह की अंदरूनी नाराजगी पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।
हालांकि चुनाव में इसका वास्तविक प्रभाव क्या होगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी।
Vishvendra Singh: पहले भी डीग कांग्रेस संगठन पर उठा चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब Vishvendra Singh ने डीग जिला कांग्रेस संगठन को लेकर सार्वजनिक नाराजगी जाहिर की हो।
जून 2026 में भी उन्होंने भरतपुर और डीग के कांग्रेस जिलाध्यक्षों की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि दोनों जिलों में पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं से संवाद को लेकर पर्याप्त सक्रियता नहीं दिखाई जा रही।
इससे पहले डीग में राजीव सिंह को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने पर भी कुछ स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। उस दौरान आरोप लगाया गया था कि नए जिला अध्यक्ष डीग जिले के बाहर के हैं और स्थानीय कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
हालांकि बाद में राजीव सिंह के नेतृत्व में जिला कांग्रेस की गतिविधियां जारी रहीं और उन्हें डीग जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय देखा गया।
Vishvendra Singh: निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए नई चुनौती?
डीग क्षेत्र में आगामी चुनावों से पहले सामने आया यह विवाद कांग्रेस नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकता है।
स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों के चयन से लेकर बूथ स्तर के प्रबंधन तक स्थानीय नेताओं के बीच तालमेल महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में वरिष्ठ नेता और जिला संगठन अगर आमने-सामने दिखाई देते हैं तो विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना सकता है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेतृत्व विवाद को संगठन के अंदर सुलझाकर चुनावी तैयारियों पर फोकस कर सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सिंह की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। अगर उनका पक्ष सामने आता है तो विवाद की दूसरी तस्वीर भी स्पष्ट हो सकेगी।

Vishvendra Singh और डीग की राजनीति
Vishvendra Singh का भरतपुर और डीग क्षेत्र की राजनीति से लंबा संबंध रहा है।
वह अलग-अलग समय में लोकसभा और विधानसभा दोनों में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। तीन बार सांसद रहने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए और बाद में डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक तथा राजस्थान सरकार में मंत्री बने।
2023 के विधानसभा चुनाव में वह डीग-कुम्हेर से कांग्रेस उम्मीदवार थे, लेकिन BJP के डॉ. शैलेश सिंह से चुनाव हार गए थे। चुनावी रिकॉर्ड में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 81,168 वोट मिले थे।
यही कारण है कि स्थानीय कांग्रेस संगठन से जुड़ा उनका कोई भी बयान डीग-भरतपुर की राजनीति में चर्चा का विषय बन जाता है।
Deeg Congress Row की बड़ी बातें
- पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने डीग कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव सिंह पर नाराजगी जताई।
- विवाद आगामी निकाय चुनाव के लिए जारी प्रभारियों की सूची से जुड़ा है।
- विश्वेंद्र सिंह का आरोप है कि सूची की प्रतिलिपि में उनका नाम नहीं लिखा गया।
- उनकी जगह केवल ‘कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर’ लिखा गया।
- उन्होंने इसे कथित तौर पर “ओछी मानसिकता” बताया।
- पूर्व मंत्री ने कहा कि वह राजनीतिक जीवन में इस तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- उन्होंने दावा किया कि विवाद का असर निकाय चुनाव में कांग्रेस पर पड़ सकता है।
- डीग जिला कांग्रेस संगठन को लेकर विश्वेंद्र सिंह पहले भी सवाल उठा चुके हैं।
- राजीव सिंह की जिला अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति पर पहले भी कुछ स्थानीय नेताओं ने विरोध किया था।
- फिलहाल जिलाध्यक्ष की ओर से इस ताजा आरोप पर विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है।
अब कांग्रेस नेतृत्व के रुख पर नजर
कुल मिलाकर Vishvendra Singh के ताजा बयान ने निकाय चुनाव से पहले डीग कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। विश्वेंद्र सिंह ने इसे अपने राजनीतिक सम्मान से जोड़ते हुए जिलाध्यक्ष राजीव सिंह पर गंभीर सवाल उठाए हैं और चुनावी नुकसान की चेतावनी भी दी है।
Vishvendra Singh, अब सबसे अहम सवाल यह है कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या जिला संगठन तथा पूर्व मंत्री के बीच पैदा हुई नाराजगी को निकाय चुनाव से पहले दूर किया जा सकेगा।
डीग से रवि कुमार की रिपोर्ट
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