Commonwealth Games 2026 Swimming में साजन ने 1:58.05 का समय निकाला; आर्यन नेहरा 800 मीटर फ्रीस्टाइल में आठवें और पैरा तैराक स्वातिक पाटिल SB9 फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे
ग्लासगो। भारत के अनुभवी तैराक साजन प्रकाश ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के फाइनल में आठवें स्थान पर रहे। दो बार के ओलंपियन साजन ने फाइनल में एक मिनट 58.05 सेकंड का समय लिया।
साजन ने हीट्स की तुलना में फाइनल में अपने समय में सुधार किया, लेकिन मजबूत प्रतिस्पर्धा के बीच पदक तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने हीट्स में 1:58.59 का समय निकालकर कुल छठे सबसे तेज तैराक के रूप में आठ खिलाड़ियों के फाइनल में जगह बनाई थी।
साजन ने हीट्स से बेहतर किया प्रदर्शन
पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई की दूसरी हीट में साजन प्रकाश ने स्कॉटलैंड के डंकन स्कॉट के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था। डंकन ने 1:58.29 का समय लिया, जबकि भारतीय तैराक ने 1:58.59 में रेस पूरी की।
फाइनल में साजन ने अपना समय सुधारकर 1:58.05 कर लिया, लेकिन आठ खिलाड़ियों के बीच अंतिम स्थान पर रहे। साजन का यह समय उनके 1:56.38 के भारतीय सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से लगभग 1.67 सेकंड धीमा रहा।
लुईस क्लेयरबर्ट ने जीता गोल्ड
न्यूजीलैंड के लुईस क्लेयरबर्ट ने 1:55.05 के समय के साथ पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई का स्वर्ण पदक जीता। ऑस्ट्रेलिया के हैरिसन टर्नर ने 1:55.38 में रेस पूरी करके रजत पदक अपने नाम किया।
ऑस्ट्रेलिया के ही मैथ्यू टेंपल 1:55.45 के साथ तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य पदक हासिल किया। साजन स्वर्ण पदक विजेता क्लेयरबर्ट से ठीक तीन सेकंड पीछे रहे।
आर्यन नेहरा 800 मीटर फ्रीस्टाइल में आठवें
भारत के आर्यन नेहरा पुरुष 800 मीटर फ्रीस्टाइल फाइनल में 8:07.26 के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे। मूल समाचार में उन्हें सातवें स्थान पर बताया गया है, लेकिन उपलब्ध परिणामों के अनुसार वह आठ खिलाड़ियों के फाइनल में आठवें स्थान पर रहे।
आर्यन अपने सर्वश्रेष्ठ भारतीय समय के करीब प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने जून 2026 में राष्ट्रीय एक्वेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान 7:59.36 का समय निकालकर 800 मीटर फ्रीस्टाइल में आठ मिनट की सीमा तोड़ने वाले पहले भारतीय तैराक बनने का रिकॉर्ड बनाया था। ग्लासगो फाइनल का उनका समय इस प्रदर्शन से लगभग आठ सेकंड धीमा रहा।
ऑस्ट्रेलिया ने 800 मीटर में किया क्लीन स्वीप
पुरुष 800 मीटर फ्रीस्टाइल में ऑस्ट्रेलिया ने तीनों पदक अपने नाम किए। सैम शॉर्ट ने 7:39.81 का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता।
बेंजामिन गुडेमैन्स ने 7:46.49 के साथ रजत और मैथ्यू गैलिया ने 7:47.10 के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। यह स्पर्धा पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक कार्यक्रम में शामिल की गई थी।
स्वातिक पाटिल पैरा स्विमिंग में पांचवें
भारत के पैरा तैराक स्वातिक पाटिल पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक SB9 फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने एक मिनट 15.82 सेकंड में अपनी रेस पूरी की। भारत की आधिकारिक कॉमनवेल्थ टीम सूची और अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के रिकॉर्ड में उनका नाम स्वातिक पाटिल दर्ज है।
ऑस्ट्रेलिया के ब्यू मैथ्यूज ने 1:09.41 के साथ स्वर्ण पदक जीता। न्यूजीलैंड के जोशुआ विल्मर ने 1:11.44 में रेस पूरी करके रजत और ऑस्ट्रेलिया के टिमोथी हॉज ने 1:12.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
क्या होता है SB9 वर्गीकरण?
पैरा स्विमिंग में ‘SB’ का इस्तेमाल ब्रेस्टस्ट्रोक वर्गीकरण के लिए किया जाता है। SB9 वर्ग में आमतौर पर ऐसे तैराक शामिल होते हैं, जिनकी पैरों की ताकत या तालमेल मामूली रूप से प्रभावित हो, कूल्हों की गति सीमित हो, एक पैर घुटने के नीचे से न हो अथवा पैरों से संबंधित दूसरी शारीरिक अक्षमता हो।
वर्गीकरण का उद्देश्य अलग-अलग शारीरिक अक्षमताओं वाले खिलाड़ियों के बीच यथासंभव निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है। किसी खिलाड़ी का वर्ग केवल बीमारी या अक्षमता के नाम से नहीं, बल्कि तैराकी के दौरान उसके शरीर की कार्यक्षमता के मूल्यांकन के आधार पर तय किया जाता है।
भारतीय तैराकी को अब भी पदक का इंतजार
ग्लासगो में साजन प्रकाश का फाइनल तक पहुंचना भारतीय तैराकी के लिए सकारात्मक उपलब्धि रहा, लेकिन फाइनल में पदक का इंतजार जारी रहा। आर्यन नेहरा और स्वातिक पाटिल ने भी फाइनल तक पहुंचकर भारत की चुनौती पेश की।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए तैराकी का एकमात्र पदक पैरा तैराक प्रशांत कर्माकर ने नई दिल्ली 2010 में जीता था। उन्होंने पुरुष 50 मीटर फ्रीस्टाइल S9 में कांस्य पदक हासिल किया था।




