Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra को लेकर स्वतंत्रता दिवस पर रांची में नया विवाद खड़ा हो गया। JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया है कि उन्हें सदर अस्पताल से निकलकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में जाने से पुलिस ने रोक दिया। विरोध में महतो अस्पताल में अपने वार्ड के बाहर ही जमीन पर बैठ गए।
देवेंद्र नाथ महतो ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिसमें उनके सीने में चोट लगी। हालांकि यह महतो का आरोप है और इस संबंध में पुलिस की ओर से चोट या कथित बल प्रयोग पर कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आई है।

महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। 15 अगस्त को उनके अनशन का 14वां दिन था, जबकि JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों का व्यापक आंदोलन करीब 22 दिनों से चल रहा है।
Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra में शामिल होना चाहते थे
स्वतंत्रता दिवस पर आंदोलनकारी छात्रों की ओर से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण का कार्यक्रम रखा गया था। Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra में खुद शामिल होना चाहते थे और उन्होंने अस्पताल से कार्यक्रम स्थल जाने की इच्छा जताई थी।
महतो फिलहाल रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं। 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बावजूद वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं।
15 अगस्त की सुबह जब उन्होंने अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश की तो वहां पहले से पुलिसकर्मी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस अधिकारी उन्हें अस्पताल में रहने और आराम करने की सलाह देते नजर आए, जबकि महतो बाहर जाकर तिरंगा कार्यक्रम में शामिल होने की मांग करते रहे।
Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra: अस्पताल के कमरे के बाहर तैनात किया गया पुलिस बल
देवेंद्र नाथ महतो का आरोप है कि तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जाहिर करने के बाद उनके अस्पताल के कमरे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
रिपोर्टों के मुताबिक जब वह अपने वार्ड से बाहर जाने लगे तो सुरक्षा कर्मियों ने रास्ता रोक दिया। इसके बाद महतो, उनके समर्थकों और वहां मौजूद अधिकारियों के बीच बहस की स्थिति बन गई।
महतो ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि अगर डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से बाहर जाने से मना किया है तो उन्हें इस संबंध में लिखित मेडिकल निर्देश दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि बिना लिखित आदेश उन्हें तिरंगा यात्रा में जाने से रोकना उचित नहीं है।
Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra: धक्का-मुक्की में चोट का आरोप
Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra विवाद तब और बढ़ गया जब महतो ने दावा किया कि उन्हें रोकने के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई।
महतो ने सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया कि धक्का-मुक्की के कारण उनके सीने में चोट लगी है और बात करने में भी तकलीफ हो रही है। घटना के बाद उनकी मेडिकल जांच और इलाज किए जाने की रिपोर्ट है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सीने में चोट और पुलिस की कथित जबरदस्ती की बात महतो की ओर से कही गई है। खबर लिखे जाने तक उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
अस्पताल के बाहर ही धरने पर बैठे देवेंद्र महतो
तिरंगा यात्रा में जाने से रोके जाने के विरोध में देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल के अपने कमरे के बाहर ही जमीन पर बैठ गए।
उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक वह वहीं बैठे रहेंगे। Outlook की रिपोर्ट में भी महतो के हवाले से कहा गया कि पुलिस द्वारा लगातार रोके जाने के बाद उन्होंने अपने कमरे के गेट के बाहर बैठने का फैसला किया।
उनके समर्थकों ने भी पुलिस की तैनाती और अस्पताल में आवाजाही को लेकर सवाल उठाए।
‘तिरंगा फहराने से क्यों रोका जा रहा?’
Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra देवेंद्र नाथ महतो ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्हें रोकने को लेकर नाराजगी जताई।
उन्होंने सवाल उठाया कि वह अपने देश के स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने और शांतिपूर्ण तिरंगा यात्रा में शामिल होने जाना चाहते हैं तो उन्हें किस आधार पर रोका जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से इसके लिए कानूनी या मेडिकल आधार स्पष्ट करने की मांग की।
महतो ने यह चेतावनी भी दी कि यदि उन्हें बिना किसी लिखित मेडिकल या प्रशासनिक आदेश के रोका गया तो वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर विचार करेंगे।
14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं देवेंद्र नाथ महतो
JPSC और JSSC से जुड़े भर्ती विवादों को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। 15 अगस्त तक उनके अनशन को 14 दिन पूरे हुए।
यहां छात्र आंदोलन और महतो की व्यक्तिगत भूख हड़ताल की अवधि अलग-अलग है। छात्र प्रदर्शन करीब 22 दिनों से चल रहा है, जबकि महतो का आमरण अनशन 2 अगस्त से शुरू हुआ था।
आंदोलनकारी अभ्यर्थी JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra JPSC की परीक्षाओं और भर्ती से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं Jharkhand Public Service Commission की वेबसाइट पर देखी जा सकती हैं। JPSC वर्तमान में Combined Civil Services Examination-2025 समेत विभिन्न भर्तियों से जुड़े नोटिस जारी कर रहा है।
JSSC से संबंधित आधिकारिक भर्ती और परिणाम की जानकारी Jharkhand Staff Selection Commission के पोर्टल पर उपलब्ध होती है।
विधानसभा मार्च के बाद अस्पताल में हुए थे भर्ती
इससे पहले 10 अगस्त को आंदोलनकारी छात्रों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया था। उस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी।
रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। पुलिस की ओर से भी अपने कर्मियों के घायल होने की बात कही गई थी।
देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस के जरिए उस प्रदर्शन में शामिल हुए थे। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra विवाद की बड़ी बातें
- देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
- 15 अगस्त को उनके अनशन का 14वां दिन था।
- वह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम की तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे।
- अस्पताल से बाहर निकलने के दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
- महतो ने पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाया।
- उन्होंने सीने में चोट लगने का भी दावा किया।
- विरोध में वह अस्पताल के कमरे के बाहर धरने पर बैठ गए।
- महतो ने उन्हें रोकने का लिखित आदेश दिखाने की मांग की।
- बिना लिखित आदेश रोके जाने पर FIR की चेतावनी भी दी।
- पुलिस की ओर से महतो के चोट संबंधी आरोप पर विस्तृत आधिकारिक जवाब उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आया है।
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच बढ़ा नया विवाद
कुल मिलाकर Devendra Nath Mahato Tiranga Yatra का मामला JPSC-JSSC को लेकर चल रहे आंदोलन में नया विवाद बन गया है। पहले भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, विधानसभा मार्च और पुलिस कार्रवाई को लेकर तनाव था, अब स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में भर्ती महतो को तिरंगा यात्रा में जाने से रोकने पर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि महतो अस्पताल में उपचाररत हैं और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने की बात कह रहे हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आगे डॉक्टरों और प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी।
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