Congress Protest in Jaipur: जयपुर के शहीद स्मारक पर सोमवार को राजस्थान कांग्रेस का चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित विरोध-प्रदर्शन हंगामेदार रहा। पार्टी ने कथित ‘वोट चोरी’, मतदाता सूची में गड़बड़ियों और Special Intensive Revision यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन बुलाया था। शहीद स्मारक पर सभा के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर पैदल मार्च का कार्यक्रम रखा गया।
कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच के आसपास कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच बहस और हाथापाई की सूचना भी सामने आई। हालांकि इस आंतरिक झड़प के घटनाक्रम और इसकी वजह को लेकर उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टिंग अभी सीमित है। मुख्य प्रदर्शन को लेकर ताजा रिपोर्टों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के शहीद स्मारक पहुंचने की पुष्टि हुई है।
Congress Protest in Jaipur: चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर कांग्रेस
Congress Protest in Jaipur का आयोजन राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने किया। बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शहीद स्मारक पहुंचे और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में चुनाव आयोग और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े पोस्टर और तख्तियां थीं। सभा के बाद प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर पैदल मार्च के लिए आगे बढ़े।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताएं हुई हैं और चुनाव आयोग को इन पर जवाब देना चाहिए। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
Congress Protest in Jaipur: प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विवाद
मुख्य कार्यक्रम से पहले शहीद स्मारक के मंच के पास कुछ कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी की सूचना सामने आई। विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बनी और वहां कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की। प्रदर्शन को देखते हुए शहीद स्मारक और मार्च के रास्ते पर पहले से पुलिस बल तैनात था। ताजा रिपोर्टों में भी शहीद स्मारक और निर्वाचन कार्यालय के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाने की पुष्टि की गई है।
फिलहाल कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की वास्तविक वजह को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
Congress Protest in Jaipur: ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर प्रदर्शन
कांग्रेस इस प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
प्रदेश कांग्रेस ने 28 सितंबर के प्रदर्शन की घोषणा पहले ही कर दी थी। 24 सितंबर को गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि पार्टी कथित ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के विरोध में जयपुर में प्रदर्शन करेगी।
पार्टी की ओर से शहीद स्मारक पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को जुटाने के बाद राजस्थान के CEO कार्यालय तक मार्च का कार्यक्रम तय किया गया था।
SIR क्या है?
Congress Protest in Jaipur में SIR भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
यहां एक जरूरी तथ्य यह है कि SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है, न कि Special Summary Revision। Election Commission of India के आधिकारिक Voters’ Portal पर भी 2026 की प्रक्रिया को “Special Intensive Revision (SIR)” कहा गया है।
ECI के मुताबिक SIR मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया है और इसमें Booth Level Officers यानी BLO घर-घर जाकर मतदाता विवरण से संबंधित काम करते हैं। आयोग का कहना है कि राजनीतिक दलों के Booth Level Agents यानी BLA भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं ताकि भागीदारी और पारदर्शिता बनी रहे।
कांग्रेस इस प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को लेकर राजनीतिक आपत्तियां उठा रही है।
Congress Protest in Jaipur: डोटासरा, रंधावा और जूली पहुंचे शहीद स्मारक
प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इनमें:
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा
- राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा
- नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
- पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास
शामिल रहे।
राज्य के अलग-अलग जिलों से भी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जयपुर पहुंचे। पार्टी ने पहले से ही जिला इकाइयों से प्रदर्शन में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया था।
अशोक गहलोत ने भी उठाए चुनाव आयोग पर सवाल
अशोक गहलोत ने भी उठाए चुनाव आयोग पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदर्शन से पहले चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए थे।
गहलोत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त जवाब नहीं आ रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी राजनीतिक सवाल उठाए। दूसरी ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है। यानी चुनाव आयोग को लेकर सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी कांग्रेस के बीच अलग-अलग दावे और राजनीतिक व्याख्याएं सामने हैं।
Congress Protest in Jaipur: चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च
शहीद स्मारक पर सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर मार्च शुरू किया।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आयोग तक पहुंचने का प्रयास किया।
इसी को देखते हुए पुलिस ने:
- शहीद स्मारक के आसपास अतिरिक्त जवान तैनात किए
- मार्च के रास्ते पर सुरक्षा बढ़ाई
- निर्वाचन कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की
भीड़ और मार्च के कारण आसपास यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका रही।
कांग्रेस का यह पहला प्रदर्शन नहीं
मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर राजस्थान कांग्रेस पहले भी प्रदर्शन कर चुकी है।
अगस्त 2025 में भी कांग्रेस ने जयपुर में इसी मुद्दे पर मार्च निकाला था। उस समय गोविंद सिंह डोटासरा, अशोक गहलोत, सचिन पायलट और टीकाराम जूली समेत कई वरिष्ठ नेता विरोध कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
28 सितंबर 2026 का कार्यक्रम कांग्रेस के इसी राजनीतिक अभियान की अगली कड़ी के तौर पर आयोजित किया गया।
निकाय चुनाव के बाद भी जारी सियासी टकराव
राजस्थान में हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद भी कांग्रेस और BJP के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।
अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा ने BJP पर पुलिस, प्रशासनिक तंत्र और धनबल के इस्तेमाल से निकायों के जनादेश को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। ये कांग्रेस नेताओं के आरोप हैं।
BJP की ओर से भी कांग्रेस के इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर खारिज किया जाता रहा है और पार्टी नेताओं ने विपक्ष पर चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर अनावश्यक सवाल उठाने का आरोप लगाया है।
Congress Protest in Jaipur की बड़ी बातें
- जयपुर के शहीद स्मारक पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- कांग्रेस ने कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- शहीद स्मारक से CEO Rajasthan कार्यालय तक मार्च का कार्यक्रम रखा गया।
- प्रदर्शन में डोटासरा, रंधावा, टीकाराम जूली और प्रताप सिंह खाचरियावास शामिल हुए।
- मुख्य कार्यक्रम से पहले कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और हाथापाई की सूचना सामने आई।
- आंतरिक झड़प की वजह की स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि अभी सीमित है।
- प्रदर्शन स्थल और निर्वाचन कार्यालय के पास भारी पुलिस बल लगाया गया।
- कांग्रेस SIR की प्रक्रिया पर भी सवाल उठा रही है।
- SIR का आधिकारिक नाम Special Intensive Revision है।
- Election Commission का कहना है कि SIR में राजनीतिक दलों के BLAs की भागीदारी का प्रावधान है।
- कांग्रेस और BJP चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अलग-अलग राजनीतिक रुख रखती हैं।
प्रदर्शन के बीच अंदरूनी हंगामा भी चर्चा में
कुल मिलाकर Congress Protest in Jaipur का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां दर्ज कराना था। शहीद स्मारक पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में निर्वाचन कार्यालय की ओर मार्च किया गया।
हालांकि मुख्य राजनीतिक कार्यक्रम से पहले कार्यकर्ताओं के बीच हुई कथित झड़प ने भी ध्यान खींचा। इसकी वजह और इसमें शामिल पक्षों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने तक इसे पार्टी के भीतर किसी बड़े राजनीतिक विवाद का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा।
चुनाव और मतदाता सूची से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए Election Commission of India Voters’ Portal देखा जा सकता है।
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