Digital Crop Survey Rajasthan: राजस्थान में डिजिटल गिरदावरी को लेकर पिछले 23 दिनों से जारी पटवारियों के विरोध के बाद राजस्व विभाग ने अपनी व्यवस्था में बदलाव किया है। विभाग ने मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन गिरदावरी से जुड़ा 5 फरवरी का पुराना आदेश वापस ले लिया है। अब Digital Crop Survey यानी DCS के लिए नई Standard Operating Procedure (SOP) जारी की जाएगी। आदेश वापस होने के बाद पटवारियों ने भी बुधवार से खरीफ फसलों की गिरदावरी का काम फिर शुरू करने की घोषणा कर दी है।
राजस्थान में Digital Crop Survey को बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है। खरीफ 2026 में राज्य की सभी 424 ऑनलाइन तहसीलों तक डिजिटल फसल सर्वे का विस्तार करने की योजना है। इसका उद्देश्य खेत और फसल से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से दर्ज कर कृषि योजनाओं और किसान सेवाओं के लिए अधिक सटीक डेटा तैयार करना है।

Digital Crop Survey Rajasthan में पुराना आदेश वापस
राजस्व विभाग की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया है कि Digital Crop Survey Rajasthan के तहत मोबाइल ऐप से ऑनलाइन गिरदावरी कराने के लिए नई SOP तैयार की जानी है। इसी वजह से 5 फरवरी को जारी पुराने परिपत्र को वापस लेने का फैसला किया गया है।
इस आदेश की सूचना प्रदेश के संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, राजस्व मंडल अजमेर, संबंधित नोडल अधिकारियों और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों को भेजी गई है।
नई SOP जारी होने के बाद ऑनलाइन गिरदावरी उसी संशोधित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
23 दिन से गिरदावरी कार्य का बहिष्कार कर रहे थे पटवारी
पुरानी व्यवस्था को लेकर राजस्थान के पटवारियों में लंबे समय से नाराजगी थी। पटवारी संगठनों का कहना था कि डिजिटल गिरदावरी ऐप में कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं हैं।
उनकी प्रमुख आपत्तियां खेत में मौके पर जाकर data entry, तकनीकी बाधाओं और कार्यप्रणाली से जुड़ी थीं। राजस्थान में पहले भी online girdawari app की तकनीकी समस्याओं को लेकर पटवारियों ने विरोध किया था।
इस बार पटवारियों ने करीब 23 दिनों तक गिरदावरी कार्य का बहिष्कार किया। पुराना आदेश वापस होने के बाद संगठन ने आंदोलन खत्म कर काम पर लौटने की घोषणा की है।
Digital Crop Survey Rajasthan: आज से खरीफ फसलों की गिरदावरी
राजस्व विभाग के फैसले के बाद बुधवार से प्रदेश के पटवारी खेतों में पहुंचकर खरीफ फसलों की गिरदावरी शुरू करेंगे।
नागौर जिला पटवार संघ के महामंत्री प्रदीप काला के मुताबिक पटवारियों की मुख्य आपत्ति जिस पुराने आदेश को लेकर थी, उसे सरकार ने वापस ले लिया है। इसके बाद पटवारियों ने सामान्य कामकाज के साथ खरीफ गिरदावरी शुरू करने का फैसला किया है।
Digital Crop Survey Rajasthan, यानी करीब तीन सप्ताह तक चले गतिरोध के बाद अब खेतों में फसल रिकॉर्ड तैयार करने का काम दोबारा गति पकड़ सकता है।
Digital Crop Survey Rajasthan क्या है?
Digital Crop Survey Rajasthan पारंपरिक गिरदावरी व्यवस्था को डिजिटल स्वरूप देने की प्रक्रिया है।
गिरदावरी में किसी खेत में कौन-सी फसल बोई गई है, उसका क्षेत्रफल कितना है और फसल की मौजूदा स्थिति क्या है, जैसी जानकारी रिकॉर्ड की जाती है।
राजस्थान में online girdawari के लिए मोबाइल आधारित प्रणाली पहले से मौजूद है। राजस्व विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक ऑनलाइन गिरदावरी में पटवारी मोबाइल डिवाइस के जरिए संबंधित खसरे की फसल संबंधी जानकारी दर्ज कर सकता है और वरिष्ठ राजस्व अधिकारी भी डिजिटल माध्यम से उसका निरीक्षण कर सकते हैं।
राजस्व मंडल के दस्तावेजों में भी बताया गया है कि डिजिटल व्यवस्था के लिए अलग-अलग mobile applications विकसित किए गए हैं, जिनमें किसानों और राजस्व कर्मियों के लिए गिरदावरी से जुड़े विकल्प शामिल हैं।
Digital Crop Survey Rajasthan: नई SOP में क्या बदल सकता है?
नई SOP की पूरी शर्तें आधिकारिक रूप से जारी होने के बाद ही साफ होंगी। हालांकि इसका मुख्य उद्देश्य Digital Crop Survey की प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और व्यवस्थित बनाना होगा।
नई गाइडलाइन में इन विषयों को स्पष्ट किए जाने की उम्मीद रहेगी:
- खेत पर पहुंचकर survey करने की प्रक्रिया
- Mobile app से data entry का तरीका
- Geo-location और verification की व्यवस्था
- Patwari और अन्य survey staff की जिम्मेदारी
- गलत entry को सुधारने की प्रक्रिया
- Technical problem आने पर वैकल्पिक व्यवस्था
- Survey data के verification और approval की प्रक्रिया
जब तक नई SOP का पूरा दस्तावेज जारी नहीं होता, इन संभावित बदलावों को अंतिम नियम नहीं माना जाना चाहिए।
गिरदावरी का किसानों पर क्यों पड़ता है सीधा असर?
Digital Crop Survey Rajasthan केवल सरकारी रिकॉर्ड तैयार करने तक सीमित नहीं है। फसल से जुड़ा सही data कई महत्वपूर्ण सरकारी व्यवस्थाओं में काम आता है।
राजस्व मंडल के मुताबिक गिरदावरी के आंकड़े फसल उत्पादन का अनुमान लगाने, कृषि ऋण, उर्वरक की जरूरत और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित निर्णयों में उपयोगी होते हैं।
Digital Crop Survey और AgriStack को भी राजस्थान सरकार एक-दूसरे से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। हाल की राज्यस्तरीय समीक्षा में Farmer Registry, Farmer ID, Digital Crop Survey, MSP procurement और data synchronisation जैसे विषयों पर काम की समीक्षा की गई थी।
इसलिए रिकॉर्ड गलत होने पर किसान के लिए फसल संबंधी लाभ या सरकारी प्रक्रियाओं में परेशानी पैदा हो सकती है।
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खरीफ 2026 में बड़े स्तर पर Digital Crop Survey
राजस्थान सरकार खरीफ 2026 में डिजिटल फसल सर्वे का दायरा काफी बढ़ा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की 424 ऑनलाइन तहसीलों में Digital Crop Survey लागू करने की तैयारी है। सरकार की योजना किसान की जमीन, फसल और Farmer ID से जुड़ी जानकारी को integrated digital system का हिस्सा बनाने की है।
राजस्थान में Farmer Registry के तहत अगस्त 2026 तक करीब 87.44 लाख किसानों का registration हो चुका था। राज्य सरकार AgriStack के जरिए agriculture-related databases को आपस में जोड़ने पर काम कर रही है।
किसानों के लिए उपलब्ध है गिरदावरी की जानकारी
राजस्थान का Jan Soochna Portal भी नागरिकों को गिरदावरी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है। पोर्टल पर Copy of Girdawari जैसी सेवा सूचीबद्ध है।
इससे स्पष्ट है कि सरकार लंबे समय से land records और crop records को digital public services से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
Digital Crop Survey Rajasthan: सरकार के फैसले के बाद क्या बदलेगा?
पुराना आदेश वापस होने से तत्काल सबसे बड़ा असर पटवारियों के आंदोलन पर पड़ा है।
अब:
- पटवारी गिरदावरी का काम दोबारा शुरू करेंगे।
- खरीफ फसलों का रुका survey आगे बढ़ सकेगा।
- सरकार नई SOP जारी करेगी।
- ऑनलाइन गिरदावरी के नियम संशोधित होंगे।
- App से जुड़ी तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं पर नई व्यवस्था में समाधान की उम्मीद है।
- नई SOP आने के बाद उसकी शर्तों के आधार पर आगे का Digital Crop Survey होगा।
Digital Crop Survey Rajasthan की बड़ी बातें
- राजस्व विभाग ने ऑनलाइन गिरदावरी से जुड़ा 5 फरवरी का पुराना आदेश वापस लिया।
- Digital Crop Survey के लिए नई SOP जारी की जाएगी।
- पटवारी करीब 23 दिन से गिरदावरी कार्य का बहिष्कार कर रहे थे।
- पुराने आदेश की वापसी के बाद पटवारियों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
- बुधवार से खरीफ फसल की गिरदावरी फिर शुरू होगी।
- पटवारियों की शिकायत मुख्य रूप से app की तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं को लेकर थी।
- खरीफ 2026 में Digital Crop Survey को प्रदेश की सभी 424 ऑनलाइन तहसीलों तक ले जाने की योजना है।
- Digital crop data का इस्तेमाल कृषि योजना, फसल आकलन और दूसरी सरकारी व्यवस्थाओं में किया जाता है।
- नई SOP की वास्तविक शर्तें उसका आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद साफ होंगी।
Digital Crop Survey Rajasthan: अब नई SOP पर रहेगी नजर
कुल मिलाकर Digital Crop Survey Rajasthan को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच चल रहा गतिरोध फिलहाल खत्म होता दिखाई दे रहा है। राजस्व विभाग ने विवादित पुराने आदेश को वापस लेकर नई SOP लाने का रास्ता साफ कर दिया है, जबकि पटवारियों ने भी खेतों में जाकर खरीफ गिरदावरी का काम दोबारा शुरू करने की घोषणा की है।
अब सबसे महत्वपूर्ण बात नई SOP होगी। इससे पता चलेगा कि सरकार ने पटवारियों की तकनीकी और व्यावहारिक आपत्तियों को किस हद तक स्वीकार किया है और digital girdawari की नई प्रक्रिया किसानों तथा राजस्व कर्मचारियों के लिए कितनी आसान होती है।
आधिकारिक land-record और revenue information के लिए राजस्थान के Board of Revenue तथा Jan Soochna Portal का उपयोग किया जा सकता है।
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