राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना नें राजपूत सभा भवन में प्रेस एवं मीडिया के सामने स्वर्गीय सुखदेव सिंह Gogamedi को न्याय नहीं मिलने पर असंतोष जताया। संगठन के पदाधिकारियों ने Gogamedi हत्याकांड की जांच को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी 29 मार्च 2026 को जयपुर में एक विशाल महापड़ाव आयोजित की जाएगी।
संगठन की कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्षा शीला शेखावत ने कहा कि 5 दिसम्बर 2023 को हुई सुखदेव सिंह Gogamedi की नृशंस हत्या के मामले में अभी तक संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच वर्तमान में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की जा रही है, लेकिन समाज और संगठन के कार्यकर्ता जांच की गति और उसके निष्कर्षों से संतुष्ट नहीं हैं।

संगठन की दहेज विरोधी इकाई के अध्यक्ष दलीप सिंह मेहरोली ने कहा कि न्याय की मांग को लेकर समाज में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में करणी सेना, रॉयल ग्रुप और शौर्य फाउंडेशन के तत्वाधान में 29 मार्च को जयपुर में एक विशाल महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से हजारों की संख्या में समाज के लोग, संगठन के कार्यकर्ता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
महापड़ाव की मुख्य मांगों में Gogamedi हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन, NIA द्वारा जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। साथ ही इस जघन्य हत्या के सभी दोषियों और षड्यंत्रकारियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलाने की भी मांग की गई है। संगठन का कहना है कि अभी तक केवल कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जो हत्याकांड को अंजाम देने वाले थे, जबकि इसके पीछे की साजिश और आदेश देने वालों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह महापड़ाव पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य केवल स्वर्गीय सुखदेव सिंह Gogamedi को न्याय दिलाना और समाज की भावनाओं को सरकार तथा जांच एजेंसियों तक पहुंचाना है।
इस मौके पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उजागर सिंह डाबला ने समाजबंधुओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस महापड़ाव में भाग लेने की अपील की। वहीं जयपुर जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह जाखली ने बताया कि प्रदेशभर से आने वाले करणी सैनिकों और Gogamedi के समर्थकों के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि किसी को असुविधा न हो और कानून का पालन करते हुए महापड़ाव के उद्देश्य को सफल बनाया जा सके।
