मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Green City से माधोपुर बंधा तक 1.80 किलोमीटर लंबी चौड़ी और सुदृढ़ सड़क का लोकार्पण किया। नई कनेक्टिविटी से स्थानीय कॉलोनियों के साथ नेपाल, लखनऊ, वाराणसी, महराजगंज और सिद्धार्थनगर की ओर जाने वाले यात्रियों को शहर के भीतर के ट्रैफिक से राहत मिलने की उम्मीद है।
Gorakhpur। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को Gorakhpur में Green City–Madhopur Bundh Road का लोकार्पण किया। करीब ₹70 करोड़ बताई जा रही इस परियोजना की सटीक स्वीकृत/निर्माण लागत ₹69.58 करोड़ और सड़क की लंबाई 1.80 किलोमीटर है। सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-24 के सोनौली–नौतनवां–गोरखपुर मार्ग से निकलकर Green City और पटनिया होते हुए माधोपुर बंधा तक पहुंचती है।
लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार हो रहे विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं के विस्तार से गोरखपुर की नई पहचान बन रही है। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य ऐसा Infrastructure तैयार करना है जिससे आम लोगों के दैनिक जीवन में सुगमता आए और शहर के भीतर अनावश्यक Traffic Pressure कम हो। ताजा स्थानीय रिपोर्ट में भी मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया कि “बदलता हुआ गोरखपुर अब दिख रहा है।”
Gorakhpur: ₹69.58 करोड़ में बनी 1.80 KM लंबी सड़क
नई सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के Construction Division-2 ने कराया है। परियोजना में केवल Carriageway को बेहतर करने पर ही काम नहीं हुआ, बल्कि सड़क के दोनों तरफ Drain भी बनाए गए हैं ताकि मानसून में पानी निकासी बेहतर हो और आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या कम की जा सके।

परियोजना एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना | Green City–Madhopur Bundh Road |
| लंबाई | 1.80 KM |
| लागत | ₹69.58 करोड़ |
| विभाग | PWD Construction Division-2 |
| शुरुआत | NH-24, Sonauli–Nautanwa–Gorakhpur |
| मार्ग | Green City–Patniya–Madhopur Bundh |
| अतिरिक्त कार्य | दोनों तरफ Drain |
| लोकार्पण | 11 अगस्त 2026 |
स्थानीय कॉलोनियों को सीधे फायदा
Green City और आसपास की कई कॉलोनियों में लंबे समय से सड़क की चौड़ाई और जलनिकासी से जुड़ी परेशानियां थीं। सड़क के सुदृढ़ीकरण के बाद स्थानीय निवासियों के लिए Madhopur Bundh तक पहुंचने का बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हुआ है। दोनों तरफ Drain बनने से बारिश के मौसम में जलभराव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने जनसभा में भी कहा कि पहले सड़क संकरी होने के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही मुश्किल थी। अब चौड़ी सड़क बनने से स्थानीय आवागमन के साथ पूरे क्षेत्र की Connectivity बेहतर होगी।
नेपाल और दूसरे शहरों की ओर जाने वालों को क्या फायदा?
परियोजना का महत्व केवल 1.8 KM की स्थानीय सड़क तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने इसे Gorakhpur के आसपास विकसित किए जा रहे व्यापक Road Network की एक कड़ी के रूप में पेश किया।
नई सड़क NH-24 से जुड़ती है और आगे Madhopur Bundh की तरफ Connection देती है। इससे नेपाल, सोनौली, महराजगंज और सिद्धार्थनगर की दिशा में जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक Route तैयार करने में मदद मिल सकती है। इसी Network को दूसरे Four-Lane और Bypass Projects से जोड़ने पर लखनऊ तथा वाराणसी की दिशा में जाने वाले यातायात को भी शहर के अंदर के व्यस्त हिस्सों से बचाने का विकल्प मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के आसपास Roads, Flyovers और Overbridges का ऐसा Network विकसित किया जा रहा है जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को प्रत्येक Route के लिए Gorakhpur City Centre में प्रवेश न करना पड़े।

Madhopur Bundh से Domingarh तक भी बड़ा Four-Lane Project
Green City–Madhopur Road को भविष्य की कनेक्टिविटी के संदर्भ में देखें तो Madhopur Bundh से Domingarh और Mahesra की दिशा में भी महत्वपूर्ण Infrastructure Projects चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अप्रैल में Domingarh–Madhopur Bundh से Mahesra Bridge तक करीब 10.2 KM Four-Lane Road और Domingarh Rail Overbridge के निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया था। Four-Lane परियोजना की लागत लगभग ₹379.54 करोड़ बताई गई थी।
इन परियोजनाओं के पूरा होने पर शहर के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में एक वैकल्पिक Connectivity Chain बनने की संभावना है।
एक महीने में Road Connectivity की तीसरी बड़ी सौगात
Green City–Madhopur Bundh Road हाल के हफ्तों में गोरखपुर में पूरी हुई तीसरी बड़ी Road Connectivity Project है।
11 जुलाई को मुख्यमंत्री ने करीब ₹689.35 करोड़ की लागत से बनी 11.6 KM लंबी Bhathat–Banssthan Four-Lane Road का उद्घाटन किया था। इसके साथ अन्य सड़कों और विकास कार्यों को मिलाकर ₹758 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ था।
इसके बाद 23 जुलाई को जिले के पहले बड़े Six-Lane Flyover और पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौक तक Four-Lane Road जैसी परियोजनाएं जनता को समर्पित की गईं। Green City–Madhopur Road इस Infrastructure Expansion की अगली कड़ी है।
सड़क के दोनों तरफ Drain क्यों महत्वपूर्ण?
Gorakhpur में Heavy Rainfall के दौरान Waterlogging स्थानीय Infrastructure की प्रमुख चुनौतियों में रही है। इसलिए नई सड़क के साथ दोनों तरफ Drain बनाना परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Drainage ठीक रहने से सड़क की सतह पर लंबे समय तक पानी जमा होने की संभावना कम होती है। इससे Traffic Movement के साथ Road Pavement की आयु पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। परियोजना से जुड़े स्थानीय विवरण में Drain Construction को विशेष रूप से Waterlogging रोकने की व्यवस्था के रूप में बताया गया है।

Gorakhpur: योगी बोले—हर नागरिक के जीवन में सुगमता हो
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विकास को केवल बड़ी परियोजनाओं तक सीमित न रखकर Ease of Living से जोड़ा। उनके अनुसार सड़कों, Flyovers, Overbridges और बेहतर Drainage का अंतिम उद्देश्य नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करना होना चाहिए।
योगी सरकार लंबे समय से गोरखपुर में Road Connectivity, Health Infrastructure, Urban Development और Transport Projects को शहर की बदलती पहचान के रूप में प्रस्तुत करती रही है। जून में भी मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में ₹926 करोड़ से अधिक की 226 परियोजनाओं के कार्यक्रम के दौरान शहर में Infrastructure और नागरिक सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया था।
शहर के अंदर Traffic Pressure कम करने की रणनीति
नई सड़क को स्वतंत्र Project के बजाय Bypass और Ring Connectivity के व्यापक Network के हिस्से के रूप में देखना अधिक महत्वपूर्ण है।
यदि Madhopur Bundh, Domingarh, Mahesra और अन्य Four-Lane Links पूरी तरह आपस में जुड़ते हैं तो नेपाल या पश्चिमी दिशा से आने वाले ऐसे वाहनों को विकल्प मिल सकता है जिन्हें वर्तमान में शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से होकर गुजरना पड़ता है।
हालांकि वास्तविक Traffic Diversion कितना होगा, इसका आकलन सभी Connecting Projects के पूरा होने और Traffic Data उपलब्ध होने के बाद ही किया जा सकेगा।
Gorakhpur: कार्यक्रम से पहले तारीख को लेकर भी हुआ था बदलाव
परियोजना के लोकार्पण को लेकर शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में कार्यक्रम की तारीख 10 अगस्त बताई गई थी। बाद की ताजा रिपोर्टों के अनुसार वास्तविक उद्घाटन मंगलवार 11 अगस्त 2026 को हुआ।
इसलिए प्रकाशित खबर में 11 अगस्त की तारीख रखना नवीनतम जानकारी के अनुसार सही है।

स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
लोकार्पण स्थल पर मुख्यमंत्री ने फीता काटकर सड़क जनता को समर्पित की और उसके एक हिस्से का निरीक्षण भी किया। स्थानीय नागरिकों ने रास्ते में उनका स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर सजाए गए हाथी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
इसके बाद मुख्यमंत्री नेताजी सुभाषचंद्र बोस नगर में Sewage Treatment Plant के पास आयोजित जनसभा में पहुंचे।
Gorakhpur: विकास का वास्तविक असर किन बातों से तय होगा?
₹69.58 करोड़ की सड़क परियोजना से तत्काल तौर पर Green City और आसपास के इलाकों की Connectivity बेहतर हुई है। लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव तीन स्तरों पर देखा जाएगा—शहर में Traffic Diversion कितना होता है, बारिश के दौरान Drainage कितना प्रभावी रहता है और निर्माणाधीन Bypass/Four-Lane Links कितनी जल्दी पूरे होते हैं।
इन परियोजनाओं के आपस में जुड़ने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नेपाल, लखनऊ, वाराणसी, सिद्धार्थनगर और महराजगंज की दिशा में आने-जाने वाले Traffic का कितना हिस्सा वास्तव में शहर के अंदर प्रवेश किए बिना आगे निकल पाता है।
खबर के मुख्य बिंदु
- CM योगी ने 11 अगस्त 2026 को Green City–Madhopur Bundh Road का लोकार्पण किया।
- परियोजना की सटीक लागत ₹69.58 करोड़ है।
- सड़क की लंबाई 1.80 KM है।
- सड़क NH-24 से Green City और Patniya होते हुए Madhopur Bundh तक जाती है।
- सड़क के दोनों तरफ Drain बनाए गए हैं।
- स्थानीय कॉलोनियों के साथ लंबी दूरी के Traffic को भी वैकल्पिक Connectivity मिलने की उम्मीद है।
- यह करीब एक महीने में Gorakhpur में Road Connectivity से जुड़ी तीसरी बड़ी परियोजना है।




