INDIA Alliance Meeting बुधवार को नई दिल्ली में शुरू हुई, जिसमें चुनाव आयोग और Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर जारी विवाद पर विपक्षी दल साझा रणनीति तैयार कर रहे हैं। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, NCP (शरद पवार), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, Kerala Congress (M), MDMK, VCK, RSP, Kerala Congress (J) और All India Forward Bloc समेत 19 दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
INDIA Alliance Meeting में खरगे ने क्या कहा?
INDIA Alliance Meeting की शुरुआत में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत की चुनावी व्यवस्था का आधार “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” का सिद्धांत है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की हालिया कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठे हैं, जिनका स्पष्ट जवाब जरूरी है। यह कांग्रेस और विपक्ष का राजनीतिक पक्ष है।
खरगे ने मांग की कि electoral rolls में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से संबंधित जानकारी विधानसभा और बूथ स्तर पर सार्वजनिक की जाए। उनका कहना था कि किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे जानकारी, कारण और अपील का प्रभावी अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में भरोसा बढ़ाने के लिए EVM के बजाय ballot paper से मतदान कराने की मांग भी रखी। चुनाव आयोग लंबे समय से EVM आधारित मतदान प्रणाली का उपयोग करता आया है और विपक्ष की ballot paper की मांग उसकी राजनीतिक स्थिति है।

13.3 करोड़ नामों को लेकर क्या है विवाद?
INDIA Alliance Meeting में खरगे ने SIR के दौरान करीब 13.3 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा किया और pre-SIR voter lists को बहाल करने की मांग की।
हालांकि इस आंकड़े को समझते समय एक महत्वपूर्ण फर्क है। उपलब्ध रिपोर्टिंग के मुताबिक करीब 13 करोड़ मतदाता प्रारंभिक draft electoral rolls में शामिल नहीं हुए या बाहर रहे। Draft list से बाहर होना हर मामले में final deletion के समान नहीं है, क्योंकि इसके बाद claims, objections और verification की प्रक्रिया होती है।
चुनाव आयोग ने भी SIR के दौरान नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए प्रक्रिया में बदलाव किया है। 26 सितंबर के फैसले के अनुसार unmapped या logical discrepancy वाले मामलों में BLO संबंधित व्यक्ति के घर जाकर दस्तावेज ले सकते हैं और ERO के फैसले के लिए उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे।
INDIA Alliance Meeting: CEC ज्ञानेश कुमार पर भी विपक्ष का निशाना
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुद्दा भी उठा। खरगे ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कथित आंतरिक आपत्तियों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। विपक्ष उनके खिलाफ संसद में removal motion की संभावनाओं पर भी चर्चा कर रहा है।
The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले करीब 10 महीनों के दौरान संधू और जोशी ने SIR और electoral-roll प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां या observations दर्ज की थीं।
चुनाव आयोग का पक्ष इससे अलग है। आयोग ने 23 सितंबर को कहा था कि internal notes, observations और technical suggestions उसकी सामान्य institutional प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR समेत सभी अंतिम फैसले full Commission की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
INDIA Alliance Meeting: EVM और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर भी सवाल
खरगे ने INDIA Alliance Meeting में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर भी विपक्ष की आपत्ति दोहराई। उन्होंने selection panel में Chief Justice of India की जगह केंद्रीय मंत्री को शामिल किए जाने का मुद्दा उठाया।
इसके साथ ही पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं की registration process को आसान करने और Form 6 से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक बाधाएं नहीं आने देने की मांग भी की गई।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इन मुद्दों को चुनावी संस्थाओं की स्वतंत्रता और मतदाता अधिकारों से जोड़ रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि उसकी कार्रवाई संविधान, कानून और तय संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत होती है।
INDIA Alliance Meeting: AAP और DMK बैठक में नहीं हुए शामिल
इस INDIA Alliance Meeting से आम आदमी पार्टी और DMK ने दूरी बनाई है। DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और DMK के राजनीतिक संबंध बदल चुके हैं और पार्टी अब खुद को INDIA bloc का हिस्सा नहीं मानती। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि BJP के विरोध जैसे कई मुद्दों पर विपक्षी दलों की विचारधारा समान रह सकती है।
AAP भी बैठक में शामिल नहीं हुई। हालांकि रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी चुनाव आयोग से जुड़े कुछ विपक्षी कदमों का मुद्दे के आधार पर समर्थन कर सकती है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से बैठक में नहीं पहुंचे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक उन्होंने राज्यसभा चुनाव के नामांकन से जुड़ी व्यस्तता की जानकारी दी थी और SP ने बैठक में अपने प्रतिनिधि भेजे हैं।
INDIA Alliance Meeting में आगे की रणनीति पर मंथन
बैठक का प्रमुख उद्देश्य SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों की साझा रणनीति तय करना है। इसमें देशव्यापी विरोध कार्यक्रम, मतदाता सूची में बदलाव से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग और CEC को हटाने के लिए संसदीय प्रक्रिया जैसे विकल्पों पर चर्चा हो रही है।
फिलहाल विपक्ष और चुनाव आयोग के दावे कई बिंदुओं पर अलग हैं। विपक्ष SIR में transparency और voter exclusions को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि SIR सहित उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए और पात्र मतदाताओं के लिए verification तथा नाम जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध है।
Internal Link: “SIR Voter List” को आपकी पिछली मनीष तिवारी SIR या अजय राय–योगी Election Commission Controversy वाली खबर से लिंक करें। External DoFollow Link के लिए “Election Commission का SIR स्पष्टीकरण” पर 26 सितंबर की आधिकारिक PIB/ECI release लगाना बेहतर रहेगा।
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