Jaipur Mayor Election 2026: जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में BJP के पास 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 57 और निर्दलीयों की संख्या 15 है। बहुमत का आंकड़ा 76 है, यानी संख्या के लिहाज से BJP अपने दम पर इस सीमा से ऊपर है। इसके बावजूद कांग्रेस ने मेयर पद के लिए सुनीता मावर को उम्मीदवार बनाया है और पार्टी के नेता दूसरे पार्षदों से समर्थन मिलने का दावा कर रहे हैं।
BJP ने पूर्व जयपुर शहर अध्यक्ष और वार्ड 112 से निर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस की ओर से वार्ड 118 की सुनीता मावर मैदान में हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जयपुर में मेयर पद के लिए मतदान 25 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा और मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना होगी। आज, 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच का कार्यक्रम है और 22 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकते हैं।
Jaipur Mayor Election 2026 का सीट गणित क्या है?
जयपुर नगर निगम में कुल 150 निर्वाचित पार्षद हैं। अंतिम परिणाम में BJP ने 78 वार्ड जीते हैं। कांग्रेस की संख्या शुरुआती मतगणना के बाद 53 थी, लेकिन पांच बूथों पर हुए पुनर्मतदान के बाद चारों लंबित वार्ड कांग्रेस ने जीते और उसका आंकड़ा बढ़कर 57 हो गया। बाकी 15 सीटें निर्दलीयों के खाते में गई हैं।
इस हिसाब से BJP बहुमत की 76 की सीमा से दो सीट ऊपर है। कांग्रेस यदि अपने सभी 57 पार्षदों के साथ आठ निर्दलीयों का समर्थन भी हासिल कर लेती है तो उसका आंकड़ा 65 होगा। इसलिए केवल आठ निर्दलीयों के समर्थन से 76 तक पहुंचना संभव नहीं होगा।
यहीं से कांग्रेस के दावे का दूसरा हिस्सा सामने आता है—पार्टी नेताओं का कहना है कि कुछ BJP पार्षद भी उनके संपर्क में हैं। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Jaipur Mayor Election 2026: कांग्रेस आखिर दावा क्यों कर रही है?
आदर्श नगर विधायक और कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने दावा किया है कि कई BJP पार्षद उनके संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 15 निर्दलीयों में सात से आठ ऐसे हैं जो पहले कांग्रेस से जुड़े या कांग्रेस के बागी रहे हैं और पार्टी के संपर्क में आना चाहते हैं। यह कांग्रेस का राजनीतिक दावा है; संबंधित पार्षदों की ओर से सामूहिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
यानी कांग्रेस की रणनीति का गणित सिर्फ अपने 57 पार्षदों और निर्दलीयों पर नहीं टिका है। उसके नेताओं के बयानों के मुताबिक उम्मीद ऐसे वोटों पर भी है जो दूसरे खेमे से आ सकते हैं।
इसलिए “आठ निर्दलीय कांग्रेस के साथ हैं” और “BJP के कुछ पार्षद कांग्रेस को वोट देंगे”—इन दोनों बातों को अभी स्थापित तथ्य के बजाय कांग्रेस के दावे के रूप में ही देखना जरूरी है।
Jaipur Mayor Election 2026: गुप्त मतदान क्यों महत्वपूर्ण है?
Jaipur Mayor Election 2026 में एक महत्वपूर्ण पहलू मतदान की प्रक्रिया है। राजस्थान नगरपालिका निर्वाचन नियमों के मुताबिक अध्यक्ष या महापौर पद पर दो या उससे ज्यादा प्रत्याशी होने पर चुनाव secret ballot यानी गुप्त मतदान से कराया जाता है। सदस्य मतपत्र पर अपनी पसंद दर्ज करते हैं और वोट की गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है।
इसका अर्थ यह है कि किसी पार्षद ने किस उम्मीदवार को वोट दिया, यह सामान्य तौर पर सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देता। इसी वजह से राजनीतिक दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने पर खास ध्यान देते हैं।
लेकिन गुप्त मतदान अपने आप यह साबित नहीं करता कि क्रॉस वोटिंग होगी। कांग्रेस इसी संभावना को अपनी रणनीति का हिस्सा बता रही है, जबकि BJP अपने संख्या बल को बनाए रखने के लिए पार्षदों को साथ रख रही है।
Jaipur Mayor Election 2026: BJP पार्षद पुष्कर क्यों पहुंचाए गए?
मेयर चुनाव से पहले BJP ने अपने 75 से ज्यादा नवनिर्वाचित पार्षदों को जयपुर-अजमेर रोड स्थित एक होटल से पुष्कर के होटल में शिफ्ट किया। Times of India ने इस कदम को पार्टी के भीतर संभावित cross-voting को लेकर सतर्कता से जोड़ा है।
इससे पहले BJP ने अपने पार्षदों से मेयर पद के लिए पसंद के तीन नाम लिखवाए थे। पार्टी स्तर पर चर्चा के बाद सुनील कोठारी के नाम पर निर्णय हुआ। कोठारी का नाम घोषित होने के बाद नामांकन प्रक्रिया के लिए कुछ पार्षदों को पुष्कर से जयपुर लाया गया और फिर उन्हें वापस भेज दिया गया।
कांग्रेस नेता BJP की इस resort strategy को अपने दावों के समर्थन में पेश कर रहे हैं। BJP की ओर से इसे चुनाव के पहले संगठनात्मक समन्वय और पार्षदों को एकजुट रखने की प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
2019 में जयपुर में हो चुकी है क्रॉस वोटिंग
कांग्रेस के मौजूदा दावे के बीच जयपुर नगर निगम का 2019 का मेयर चुनाव भी चर्चा में है।
जनवरी 2019 में BJP के पास निगम में बहुमत था, लेकिन उसके आधिकारिक उम्मीदवार मनोज भारद्वाज को BJP के बागी विष्णुदत्त लाटा ने एक वोट से हरा दिया था। लाटा को 45 और भारद्वाज को 44 वोट मिले थे, जबकि एक मत निरस्त हुआ था। उस समय भी BJP ने अपने पार्षदों को resort में रखा था और बाद में पार्टी के भीतर cross-voting की जांच हुई थी।
हालांकि 2019 की घटना 2026 के परिणाम का संकेत या भविष्यवाणी नहीं है। उस समय निगम की संख्या, उम्मीदवार और राजनीतिक परिस्थितियां अलग थीं। इसका महत्व सिर्फ इतना है कि जयपुर के मेयर चुनाव में गुप्त मतदान के दौरान पहले cross-voting का उदाहरण मौजूद है।
Jaipur Mayor Election 2026: सुनील कोठारी बनाम सुनीता मावर
BJP प्रत्याशी सुनील कोठारी वार्ड 112 से निर्वाचित हुए हैं और पूर्व जयपुर शहर BJP अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने हाल के पार्षद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को करीब 905 वोटों से हराया था।
कांग्रेस की उम्मीदवार सुनीता मावर वार्ड 118 से पार्षद चुनी गई हैं और लंबे समय से जयपुर की स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस ने संख्या में पीछे होने के बावजूद उन्हें मैदान में उतारकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
इस मुकाबले में निर्णायक तथ्य मतदान के बाद ही सामने आएगा, क्योंकि पार्टियों के समर्थन संबंधी दावे और सार्वजनिक संख्या बल अलग-अलग चीजें हैं।
25 सितंबर को कैसे होगा मेयर चुनाव?
राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम सहित कुछ निकायों के प्रमुख पदों के चुनाव का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। आयोग के मुताबिक नामांकन 19 सितंबर तक लिए गए। 21 सितंबर को scrutiny, 22 सितंबर दोपहर 3 बजे तक withdrawal और 25 सितंबर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान निर्धारित है। वोटिंग खत्म होते ही counting होगी।
इससे पहले इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव स्थगित किया गया था। आयोग की 17 सितंबर की अधिसूचना के बाद नई तारीखें निर्धारित की गईं।
Jaipur Mayor Election 2026 की बड़ी बातें
- जयपुर नगर निगम में कुल 150 पार्षद हैं; BJP 78, कांग्रेस 57 और निर्दलीय 15 हैं।
- सामान्य बहुमत का आंकड़ा 76 है।
- BJP ने सुनील कोठारी और कांग्रेस ने सुनीता मावर को उम्मीदवार बनाया है।
- रफीक खान ने सात-आठ निर्दलीयों और कुछ BJP पार्षदों के संपर्क में होने का दावा किया है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
- मेयर का चुनाव गुप्त मतदान से होता है।
- BJP ने अपने 75 से ज्यादा पार्षदों को चुनाव से पहले पुष्कर के होटल में रखा है।
- 2019 में जयपुर के मेयर चुनाव में BJP के बहुमत के बावजूद उसके आधिकारिक उम्मीदवार को cross-voting के बीच एक वोट से हार मिली थी; वह अलग राजनीतिक परिस्थिति थी।
- 25 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा और उसके बाद मतगणना होगी।
Jaipur Mayor Election 2026: तो कांग्रेस के दावे के पीछे असली गणित क्या है?
Jaipur Mayor Election 2026 में संख्या का सीधा हिसाब BJP के 78, कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षदों का है। BJP की संख्या बहुमत की सीमा से ऊपर है। कांग्रेस का दावा इस मौजूदा संख्या को चुनौती देने वाले संभावित समर्थन पर आधारित है—उसके नेताओं के अनुसार सात-आठ निर्दलीय और कुछ BJP पार्षद उसके संपर्क में हैं।
दूसरी ओर BJP की अपने पार्षदों को पुष्कर में साथ रखने की रणनीति से यह साफ है कि पार्टी चुनाव से पहले अपने खेमे का समन्वय बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।
25 सितंबर की गुप्त वोटिंग में कौन किसे वोट देता है, इसका तथ्य मतदान और मतगणना के बाद ही सामने आएगा। इसलिए फिलहाल 78-57-15 का संख्या बल स्थापित तथ्य है, जबकि संभावित cross-voting और अतिरिक्त समर्थन दोनों दलों की रणनीति और दावों का हिस्सा हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग का आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम यहां देखा जा सकता है: Rajasthan State Election Commission
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