Mahipal Singh Makrana: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले श्री राजपूत करणी सेना ने BJP और कांग्रेस दोनों के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बीकानेर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सवर्ण समाज इस बार अपने वोट के जरिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों को अपनी ताकत का एहसास कराएगा। उन्होंने UGC के 2026 के विवादित नियमों को औपचारिक रूप से वापस लेने की मांग दोहराते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए 9 और 11 सितंबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना 14 सितंबर को होगी। ऐसे में चुनाव से कुछ दिन पहले करणी सेना का यह रुख BJP और कांग्रेस दोनों के लिए नया राजनीतिक दबाव पैदा कर सकता है।
Mahipal Singh Makrana ने क्या कहा?
बीकानेर में प्रेस वार्ता के दौरान Mahipal Singh Makrana ने कहा कि संगठन निकाय चुनाव में BJP और कांग्रेस दोनों का विरोध करेगा। उनका कहना है कि दोनों पार्टियां लंबे समय से सवर्ण समाज के वोट को अपने-अपने तरीके से तय मानती रही हैं, लेकिन इस बार मतदाता अपने वोट से जवाब देंगे।
मकराना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेती, जबकि BJP को यह भरोसा रहता है कि यह वोट बैंक उसके साथ ही रहेगा। उन्होंने कहा कि करणी सेना लोगों से ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील करेगी जो UGC नियमों को वापस लेने की मांग के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाएं।
Mahipal Singh Makrana, इससे पहले जयपुर में भी मकराना ने कहा था कि संगठन ऐसे उम्मीदवारों के पक्ष में घर-घर प्रचार कर सकता है जो UGC rollback के समर्थन में लिखित आश्वासन या शपथ पत्र दें।

UGC Rollback को लेकर जारी रहेगा आंदोलन
Mahipal Singh Makrana का मौजूदा राजनीतिक अभियान UGC के Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 के विरोध से जुड़ा है।
UGC ने ये नियम 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इनके क्रियान्वयन पर रोक लगा दी और अगले आदेश तक 2012 के नियम जारी रखने का निर्देश दिया। इसके बाद 20 अगस्त को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नए नियमों पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
इसके बावजूद करणी सेना का कहना है कि केवल नियमों का स्थगित रहना पर्याप्त नहीं है और उन्हें पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए।
UGC के आधिकारिक Regulations देखें
Mahipal Singh Makrana: ‘वोट की ताकत का एहसास कराएगा समाज’
मकराना ने कहा कि निकाय चुनाव में संगठन किसी नई राजनीतिक पार्टी के गठन की तैयारी नहीं कर रहा है, लेकिन मतदाताओं से BJP और कांग्रेस के विकल्प पर विचार करने को कहा जाएगा।
उनका कहना है कि जो प्रत्याशी संगठन की मांगों के समर्थन में स्पष्ट और लिखित रुख अपनाएगा, उसे समर्थन दिया जा सकता है। इस रणनीति का असर खास तौर पर उन wards में महत्वपूर्ण हो सकता है जहां BJP और कांग्रेस के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। राजस्थान के स्थानीय चुनावों में छोटे दल भी ऐसे ही करीबी मुकाबलों वाले क्षेत्रों पर जोर दे रहे हैं।
जयपुर आंदोलन के बाद बढ़ी नाराजगी
Mahipal Singh Makrana, इस पूरे आंदोलन की पृष्ठभूमि में 3 अगस्त को जयपुर में हुआ प्रदर्शन भी है।
UGC नियमों के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने बैरिकेडिंग के बाद आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था।
इसके बाद प्रदर्शन में शामिल देवराज सिंह की मौत का मामला भी सामने आया। करणी सेना ने आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी, जबकि उपलब्ध रिपोर्टों में मौत के कारण और पुलिस कार्रवाई के बीच संबंध को संगठन के आरोप के रूप में ही बताया गया है।
मकराना ने अब भी उस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कायम रखी है।
निकाय चुनाव से पहले क्यों अहम है बयान?
राजस्थान में इस बार 309 शहरी निकायों के 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। नतीजे 14 सितंबर को आएंगे।
इसलिए करणी सेना का BJP-कांग्रेस विरोधी अभियान चुनाव से ठीक पहले सामने आया है। संगठन सवर्ण मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच का दावा करता है, लेकिन इसका वास्तविक चुनावी असर कितना होगा, यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
Mahipal Singh Makrana के बयान की बड़ी बातें
- करणी सेना ने निकाय चुनाव में BJP और कांग्रेस दोनों के बहिष्कार का आह्वान किया।
- मकराना ने कहा कि सवर्ण समाज वोट के जरिए अपनी ताकत दिखाएगा।
- UGC Regulations 2026 को पूरी तरह वापस लेने की मांग जारी है।
- संगठन मांग के समर्थन में लिखित आश्वासन देने वाले उम्मीदवारों को समर्थन देने की बात कर चुका है।
- 2026 के UGC नियम फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्थगित हैं।
- केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नियमों पर पुनर्विचार चल रहा है।
- जयपुर आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी करणी सेना कार्रवाई की मांग कर रही है।
- राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए 9 और 11 सितंबर को मतदान होगा।
Mahipal Singh Makrana: अब निकाय चुनाव के नतीजों पर नजर
कुल मिलाकर Mahipal Singh Makrana ने निकाय चुनाव को UGC rollback आंदोलन के साथ सीधे जोड़ दिया है। BJP को पहले से इस मुद्दे पर चुनावी नुकसान की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन बीकानेर में मकराना ने कांग्रेस को भी निशाने पर लेते हुए दोनों दलों का बहिष्कार करने का आह्वान किया है।
अब सवाल यह है कि करणी सेना की यह रणनीति कितने मतदाताओं को प्रभावित करती है और 9 व 11 सितंबर के मतदान में इसका असर दिखाई देता है या नहीं।
राजस्थान निकाय चुनाव की आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देखें। राजस्थान की अन्य खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

