Rajasthan Assembly Monsoon Session: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कार्यवाही शुरू होते ही जयपुर में सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंची CJP टीम पर कथित हमले और एक दिन पहले कांग्रेस विधायकों को विधानसभा के मुख्य गेट पर रोके जाने का मुद्दा उठाया। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने प्रश्नकाल के दौरान इस विषय पर चर्चा की अनुमति नहीं दी तो कांग्रेस विधायक वेल में उतर गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
इसके जवाब में BJP विधायक भी नारेबाजी करने लगे और राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। दोनों पक्षों के बीच लगातार बढ़ते हंगामे के कारण सुबह करीब 11:05 बजे सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर में कार्यवाही शुरू होने के बाद भी विरोध जारी रहा।
Rajasthan Assembly Monsoon Session में CJP हमले का मुद्दा
Rajasthan Assembly Monsoon Session के दूसरे दिन टीकाराम जूली ने जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में हुई घटना को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम शुक्रवार सुबह ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थी। वहां स्थानीय लोगों के विरोध के बाद विवाद बढ़ गया और CJP ने अपने कार्यकर्ताओं से मारपीट, पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ के आरोप लगाए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इनमें से कई आरोपों से इनकार किया है।
जूली ने सदन में सवाल उठाया कि अगर कोई संगठन सरकारी स्कूलों की स्थिति देखने जा रहा है तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट क्यों हो रही है।
उन्होंने सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के मुद्दे पर भी घेरा और कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े विषयों पर सदन में चर्चा चाहता है।

Rajasthan Assembly Monsoon Session: कांग्रेस विधायक वेल में पहुंचे
स्पीकर ने प्रश्नकाल के दौरान CJP और विधानसभा गेट वाले मामले को उठाने की अनुमति नहीं दी।
इसके बाद कांग्रेस विधायक अपनी सीटों से उठकर वेल में पहुंच गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पोस्टर भी दिखाए।
BJP विधायकों ने इसके जवाब में कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए। इससे सदन में शोर-शराबा और बढ़ गया।
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कई बार कांग्रेस विधायकों से अपनी सीटों पर वापस लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा।
विधानसभा गेट पर रोकने का मामला भी उठा
Rajasthan Assembly Monsoon Session में कांग्रेस ने गुरुवार की घटना को भी प्रमुखता से उठाया।
20 अगस्त को कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में जयपुर के पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे थे। विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका, जिसके बाद धक्का-मुक्की हुई और कांग्रेस विधायक वहीं धरने पर बैठ गए थे।
जूली ने शुक्रवार को सदन में कहा कि विधायकों को विधानसभा में प्रवेश करते समय पहले इस तरह नहीं रोका गया।
उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की और सरकार की इस दलील को खारिज किया कि कांग्रेस विधायक खुद विधानसभा के भीतर नहीं जाना चाहते थे।
जूली ने कहा कि विपक्ष विधानसभा में जनता के मुद्दे उठाने और उन पर चर्चा करने के लिए आता है।
Rajasthan Assembly Monsoon Session: सरकार का पलटवार- साथ में दूसरे लोग भी थे
कांग्रेस के आरोपों पर सरकार ने भी जवाब दिया।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं हैं।
वहीं मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने दावा किया कि गुरुवार को कांग्रेस विधायकों के साथ कुछ ऐसे लोग भी विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।
गर्ग का कहना था कि विधायकों को नहीं, बल्कि उनके साथ मौजूद कथित अनधिकृत लोगों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था ने हस्तक्षेप किया था।
कांग्रेस ने सरकार के इस दावे को खारिज किया है।
सुबह 11:05 बजे स्थगित हुई कार्यवाही
हंगामा लगातार बढ़ने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सुबह करीब 11:05 बजे सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।
लेकिन दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी कांग्रेस विधायकों का विरोध जारी रहा।
स्पीकर ने फिर विधायकों से वेल खाली करने और अपनी सीटों पर लौटने को कहा। विरोध जारी रहने से कार्यवाही दोबारा प्रभावित हुई।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया था।
पहले दिन भी नहीं चल पाया था सदन
Rajasthan Assembly Monsoon Session की शुरुआत भी हंगामेदार रही थी।
20 अगस्त को मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक पोद्दार स्कूल से विधानसभा तक मार्च में शामिल रहे और सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया।
इस कारण पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही महज 21 मिनट में पूरी हो गई थी। दिवंगत पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन अगले दिन तक स्थगित कर दिया गया।
इसके बाद दूसरे दिन उम्मीद थी कि प्रश्नकाल और दूसरे विधायी काम सामान्य रूप से होंगे, लेकिन सुबह से ही CJP हमले और गेट विवाद को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया।
शिक्षा विभाग के आदेश पर पहले से आमने-सामने
Rajasthan Assembly Monsoon Session, विधानसभा में चल रहा मौजूदा विवाद सरकारी स्कूलों में प्रवेश से जुड़े शिक्षा विभाग के आदेश की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है।
राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूल परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश, फोटो-वीडियो और विद्यार्थियों के इंटरव्यू को अनुमति से जोड़ने वाले निर्देश जारी किए हैं।
सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की privacy, safety और स्कूलों के शैक्षणिक माहौल को सुरक्षित रखना है।
कांग्रेस और CJP इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इससे सरकारी स्कूलों में मौजूद कमियों की स्वतंत्र निगरानी मुश्किल होगी।
पहले दिन कांग्रेस का पोद्दार स्कूल मार्च भी इसी मुद्दे से जुड़ा था।
UCC Bill शुक्रवार के एजेंडे में नहीं
Rajasthan Assembly Monsoon Session में Uniform Civil Code यानी UCC Bill को लेकर भी चर्चा बनी हुई है।
लेकिन शुक्रवार के विधानसभा agenda में UCC Bill शामिल नहीं है। शुक्रवार के निर्धारित कामकाज में Question Hour और Zero Hour के बाद कुछ विभागों की supplementary demands तथा Appropriation Bill No. 3 पर चर्चा और पारित कराने का कार्यक्रम था।
इस वजह से मौजूदा दो दिवसीय सत्र में UCC Bill पेश होने की संभावना काफी कम हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा के नवंबर में दोबारा बैठने की संभावना है और तब UCC तथा प्रस्तावित Tree Protection Bill को लिया जा सकता है। हालांकि अंतिम विधायी कार्यक्रम सरकार और विधानसभा की आधिकारिक कार्यसूची से ही तय होगा।
राजस्थान विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यह 16वीं विधानसभा का छठा सत्र है और सदन में कुल 200 सदस्य हैं।
Rajasthan Assembly Monsoon Session की बड़ी बातें
- मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ।
- टीकाराम जूली ने CJP कार्यकर्ताओं पर कथित हमले का मुद्दा उठाया।
- कांग्रेस ने एक दिन पहले विधायकों को विधानसभा गेट पर रोके जाने का मुद्दा भी उठाया।
- स्पीकर ने प्रश्नकाल में चर्चा की अनुमति नहीं दी।
- कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए।
- BJP और कांग्रेस विधायकों के बीच नारेबाजी हुई।
- सुबह 11:05 बजे सदन 12 बजे तक स्थगित किया गया।
- दोपहर में कार्यवाही शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा।
- जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
- जोगेश्वर गर्ग ने दावा किया कि गुरुवार को विधायकों के साथ कुछ अनधिकृत लोग भी परिसर में प्रवेश करना चाहते थे।
- पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा तक पैदल मार्च किया था।
- पहले दिन सदन की कार्यवाही करीब 21 मिनट चली थी।
- UCC Bill शुक्रवार के agenda में शामिल नहीं है।
- UCC और Tree Protection Bill अब अगले सत्र में लिए जाने की संभावना है।
सरकार और विपक्ष में बढ़ा टकराव
कुल मिलाकर Rajasthan Assembly Monsoon Session के दोनों दिन सरकार और विपक्ष के बीच शिक्षा व्यवस्था तथा सरकारी स्कूलों में प्रवेश से जुड़े विवाद की छाया में रहे हैं।
पहले दिन कांग्रेस ने सड़क से विधानसभा तक प्रदर्शन किया, जबकि दूसरे दिन CJP कार्यकर्ताओं पर कथित हमले का मुद्दा सदन के अंदर पहुंच गया।
कांग्रेस का कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति देखने और जनता के मुद्दे उठाने वालों को रोका जा रहा है। दूसरी ओर सरकार का आरोप है कि विपक्ष राजनीतिक प्रदर्शन के नाम पर विधानसभा की प्रक्रिया बाधित कर रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि CJP विवाद पर राज्य सरकार या पुलिस की ओर से क्या आधिकारिक कार्रवाई सामने आती है और विधानसभा के अगले सत्र में UCC तथा Tree Protection Bill को लेकर सरकार क्या फैसला करती है।
आधिकारिक विधानसभा कार्यवाही और विधायी जानकारी के लिए Rajasthan Legislative Assembly देख सकते हैं। राजस्थान की अन्य खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।




