Rajasthan Tiranga Yatra: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत जयपुर में बारिश के बीच राज्य स्तरीय तिरंगा यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान नड्डा ने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े कानून में हुए संशोधन का जिक्र किया, जबकि मुख्यमंत्री ने तिरंगे के राजस्थान से जुड़े ऐतिहासिक संबंध की जानकारी दी।

बारिश के बीच निकली भव्य तिरंगा यात्रा
जयपुर में रविवार को देशभक्ति और राष्ट्र गौरव का माहौल देखने को मिला। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत अल्बर्ट हॉल से राज्य स्तरीय तिरंगा यात्रा की शुरुआत हुई। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा का हिस्सा बने। बारिश के बीच दोनों नेताओं के साथ स्कूली बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने भी तिरंगा लहराते हुए देशभक्ति का संदेश दिया।
तिरंगा यात्रा अल्बर्ट हॉल से शुरू होकर रामनिवास बाग चौराहा और सांगानेरी गेट होते हुए बड़ी चौपड़ पहुंची। यहां यात्रा का समापन किया गया।
Rajasthan Tiranga Yatra: बच्चों और युवाओं ने बढ़ाया उत्साह
तिरंगा यात्रा में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा के समापन अवसर पर बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति का माहौल बना रहा।
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Rajasthan Tiranga Yatra: जेपी नड्डा ने वंदे मातरम को लेकर कही बड़ी बात
तिरंगा यात्रा के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े कानून का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्यसभा में ‘Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Act, 2026’ पारित किया गया है। नड्डा के मुताबिक, करीब 55 वर्ष पहले राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में संविधान, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को दंडनीय बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि उस समय वंदे मातरम, जिसे राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त है, को इस कानून में शामिल नहीं किया गया था।
नड्डा ने सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय ऐसा होना क्या केवल एक भूल थी या इसके पीछे तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति का प्रभाव था।
Rajasthan Tiranga Yatra: राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर सख्ती का दावा
जेपी नड्डा ने कहा कि नए संशोधन के बाद देश में संविधान, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर सख्त व्यवस्था होगी।
उन्होंने कहा कि इन राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को स्वीकार नहीं किया जाएगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
नड्डा का यह बयान जयपुर की तिरंगा यात्रा के दौरान चर्चा का प्रमुख विषय रहा। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को देश की एकता और राष्ट्रभावना से जोड़ते हुए इसे सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बताया।
CM भजनलाल ने बताया तिरंगे का राजस्थान से कनेक्शन
Rajasthan Tiranga Yatra: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के साथ राजस्थान के ऐतिहासिक संबंध का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि तिरंगे का राजस्थान की वीरभूमि से गहरा संबंध है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के अवसर पर देश में पहली बार फहराए गए तिरंगे का निर्माण दौसा से जुड़ा था।
उन्होंने बताया कि उस समय दौसा जयपुर रियासत का हिस्सा था। इस वजह से राजस्थान के लिए तिरंगे का इतिहास विशेष महत्व रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की धरती ने देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तिरंगा इस गौरवशाली इतिहास और देश की एकता का प्रतीक है।
Rajasthan Tiranga Yatra: BJP के कई बड़े नेता रहे मौजूद
जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय तिरंगा यात्रा में भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी यात्रा में मौजूद रहे। पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
आमेट में भी निकली तिरंगा रैली
राजस्थान के दूसरे हिस्सों में भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राजसमंद जिले के आमेट में स्कूली बच्चों ने करीब 500 मीटर लंबे राष्ट्रीय ध्वज के साथ तिरंगा रैली निकाली। बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ लोगों को राष्ट्रध्वज के सम्मान और देशप्रेम का संदेश दिया।
Rajasthan Tiranga Yatra: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य
‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को राष्ट्रीय ध्वज से जोड़ना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है।
इस अभियान के तहत देशभर में तिरंगा यात्राएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। राजस्थान में भी अलग-अलग जिलों में जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जयपुर की तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया।
बारिश भी नहीं रोक सकी देशभक्ति का जज्बा
जयपुर में तिरंगा यात्रा के दौरान लगातार बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह बना रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जेपी नड्डा का बारिश के बीच तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल होना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
Rajasthan Tiranga Yatra: स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बारिश की परवाह किए बिना यात्रा में हिस्सा लिया। इससे साफ दिखाई दिया कि स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर लोगों में उत्साह कायम है।
Rajasthan Tiranga Yatra: तिरंगे के साथ दिया एकता का संदेश
जयपुर की इस तिरंगा यात्रा में जहां एक ओर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया, वहीं जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े कानून में संशोधन का मुद्दा भी उठाया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान और तिरंगे के ऐतिहासिक संबंध को सामने रखा। वहीं अलग-अलग जिलों में आयोजित तिरंगा यात्राओं में आम लोगों और विद्यार्थियों की भागीदारी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनअभियान का रूप दिया।




