लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक लगाने के बाद रोहित शर्मा ने अपनी फॉर्म और भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बाहरी चर्चाओं से उनके खेल और टीम के लिए योगदान देने के लक्ष्य पर कोई असर नहीं पड़ता।

लंदन, 20 जुलाई। भारतीय टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपनी फॉर्म को लेकर हो रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि उनके आसपास होने वाला “शोर” खेल का हिस्सा है। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे में शतक लगाने के बाद रोहित ने कहा कि उनका ध्यान बाहरी राय के बजाय मैदान पर प्रदर्शन करने पर रहता है।
लॉर्ड्स में रोहित का ऐतिहासिक शतक
रोहित ने 110 गेंदों में 17 चौकों और पांच छक्कों की मदद से 138 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का 34वां शतक और लॉर्ड्स मैदान पर पहला शतक रहा। वह इस मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने।
हालांकि, उनकी यादगार पारी भारत को जीत नहीं दिला सकी। इंग्लैंड के 387 रन के जवाब में भारतीय टीम 360 रन ही बना पाई और 27 रन से मुकाबला हार गई। इसके साथ ही मेजबान इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

‘मेरे लिए मैदान का प्रदर्शन मायने रखता है’
मैच के बाद रोहित ने कहा कि उनका काम बल्लेबाजी करना और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए टीम की सफलता में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत से ही उनके प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं होती रही हैं और आगे भी होती रहेंगी।
रोहित ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा, “अगर शोर-शराबा नहीं होगा, तो मजा भी नहीं आएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आलोचनाएं या बाहरी राय उनके खेलने के तरीके और सोच को प्रभावित नहीं करतीं।
शतक के बावजूद भारत को मिली हार
भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित और शुभमन गिल की 147 रन की साझेदारी से मजबूत शुरुआत की थी। गिल ने 77 और विराट कोहली ने 74 रन बनाए, लेकिन रोहित के आउट होने के बाद भारतीय पारी की गति धीमी पड़ गई।
इंग्लैंड के लिए सैम करन ने चार विकेट लेकर मुकाबले का रुख बदल दिया। इससे पहले बेन डकेट ने 141 रन की पारी खेलते हुए इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाया था।
रोहित की पारी भले ही टीम को जीत नहीं दिला सकी, लेकिन उन्होंने ऐतिहासिक शतक के जरिए अपनी फॉर्म और टीम में स्थान को लेकर उठ रहे सवालों का बल्ले से जवाब जरूर दे दिया।




