कर्नल सोफिया पर अभद्र टिप्पणी। मंत्री के लिए माफी काफी । प्रोफेसर को जेल क्यों ?
Operation Sindoor के दौरान देश को संबोधित करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की विवादित टिप्पणी पर एफआईआर दर्ज हुई, सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई और तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी ने जांच की। अब राज्यपाल ने कैबिनेट की सिफारिश स्वीकार करते हुए विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर अशोका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया, पुलिस रिमांड और जेल का सामना करना पड़ा। बाद में हरियाणा सरकार ने उनके खिलाफ भी अभियोजन मंजूरी नहीं दी। ऐसे में सवाल है—क्या कानून का पैमाना पद और सत्ता के हिसाब से बदल जाता है? क्या सार्वजनिक पद पर बैठे मंत्री के लिए माफी कानूनी जवाबदेही का विकल्प हो सकती है? पूरा विश्लेषण देखिए और Comment Box में अपनी राय जरूर लिखिए।
