मां चली गई… बेटे को मिले सिर्फ 5 घंटे! Chinmoy Krishna Das Case क्या कहता है? | TNC |
एक मां की आखिरी इच्छा थी कि वह अपने बेटे को एक बार देख सके। बेटा चिन्मय कृष्ण दास जेल में था। परिवार ने पैरोल मांगी, लेकिन मां के जीवित रहते मुलाकात नहीं हो सकी। 10 सितंबर को मां संध्या रानी धर का निधन हुआ और उसके बाद चिन्मय को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सिर्फ 5 घंटे की पैरोल मिली। चिन्मय पर गंभीर मामले अदालतों में चल रहे हैं और उनका फैसला न्यायिक प्रक्रिया से होना है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर Bangladesh में Hindus और दूसरे धार्मिक Minorities की सुरक्षा, अधिकार और न्याय को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किसी लोकतंत्र की असली परीक्षा क्या उसके अल्पसंख्यकों के भरोसे और सुरक्षा से नहीं होती?
