योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि तन और मन के बीच संतुलन स्थापित करने वाली संपूर्ण जीवनशैली है। जयपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध योगाचार्य ढाकाराम से योग, स्वास्थ्य और आधुनिक जीवनशैली को लेकर विस्तार से बातचीत की गई। इंटरव्यू में योगाचार्य ढाकाराम ने बताया कि एक्सरसाइज और जिम मुख्य रूप से शरीर की फिटनेस, मांसपेशियों तथा शारीरिक क्षमता पर काम करते हैं, जबकि योग शरीर के साथ-साथ मन, विचार और भावनाओं को भी संतुलित करता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने, नींद बेहतर बनाने और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग शारीरिक रूप से सक्रिय तो दिखाई देते हैं, लेकिन मानसिक तनाव और बेचैनी से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्राणायाम, ध्यान और सरल योगासन व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान कर सकते हैं। योगाचार्य ढाकाराम ने योग को किसी उम्र, वर्ग या विशेष शारीरिक क्षमता तक सीमित न बताते हुए इसे हर व्यक्ति के लिए उपयोगी जीवन-पद्धति बताया। इस खास बातचीत में योग की सही शुरुआत, नियमित अभ्यास का महत्व, खान-पान, अनुशासन और योग से जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों पर भी चर्चा हुई। साथ ही यह समझने का प्रयास किया गया कि जिम और योग में क्या अंतर है तथा स्वस्थ शरीर के साथ प्रसन्न मन के लिए योग क्यों जरूरी है। देखिए योगाचार्य ढाकाराम के साथ यह विशेष और ज्ञानवर्धक इंटरव्यू—और जानिए कैसे कुछ समय का नियमित योगाभ्यास आपके तन, मन और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
