ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन के अकाबा हवाईअड्डे पर अमेरिकी सैन्य विमानों को निशाना बनाने का दावा किया है। जॉर्डन ने हमलों पर कड़ा विरोध जताते हुए ईरानी राजनयिक को तलब किया।
तेहरान/अम्मान, 20 जुलाई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने दक्षिणी जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य विमानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है।
ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, अकाबा हवाईअड्डे पर मौजूद अमेरिका के C-17 सैन्य परिवहन विमान और P-8 निगरानी विमान हमले के निशाने पर थे। हालांकि, विमानों को हुए नुकसान या किसी संभावित हताहत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

अकाबा हवाईअड्डे को बनाया निशाना
IRGC ने कहा कि यह हमला क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ उसकी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने जॉर्डन के साथ-साथ कुवैत और सीरिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल हमले करने का दावा किया है।
जॉर्डन ने ईरानी राजनयिक को किया तलब
हमलों के बाद जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने अम्मान में ईरान के प्रभारी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। जॉर्डन ने तेहरान को संदेश भेजते हुए अपनी सीमा में किए जा रहे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की है।
मंत्रालय ने कहा कि जॉर्डन की सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की हिफाजत ऐसी ‘रेड लाइन’ है, जिसे पार नहीं किया जा सकता। उसने ईरानी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया।

चार में से तीन मिसाइलें नष्ट
जॉर्डन की सेना के अनुसार, रविवार को देश की ओर दागी गई चार ईरानी मिसाइलों में से तीन को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। चौथी मिसाइल दक्षिणी जॉर्डन के एक निर्जन क्षेत्र में गिरी। इस घटना में किसी के घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है।
लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण जॉर्डन क्षेत्रीय संघर्ष का नया केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। सेना ने कहा है कि देश के हवाई क्षेत्र और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी रक्षा प्रणालियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।




