राजस्थान में एक तरफ सरकार हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए “प्रसव सखी” योजना शुरू कर रही है, तो दूसरी तरफ सरकारी अस्पतालों में मातृ मृत्यु और चिकित्सकीय लापरवाही के गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश में हाल की कई घटनाओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत सामने रख दी है। वहीं, जयपुर के फैमिली कोर्ट परिसर से आई तस्वीर महिलाओं की गरिमा और निजता पर सवाल खड़े करती है। क्या नई योजनाएं जमीनी समस्याओं का समाधान बन पाएंगी या यह सिर्फ सरकारी घोषणा बनकर रह जाएंगी? देखिए डेली डोज का यह तीखा और सवाल पूछता विश्लेषण।




