मोहन भागवत का Gen-Z और Gen-Alpha से संवाद अब सियासी बहस का मुद्दा बन गया है। मुंबई में IIMUN के कार्यक्रम में RSS प्रमुख ने युवाओं को ज्यादा ईमानदार और देशभक्त बताया और कहा कि प्रदर्शन करने वालों को एंटी-नेशनल नहीं कहना चाहिए। उन्होंने आंदोलन को लोकतांत्रिक संवाद का एक तरीका बताया और शिक्षा, सोशल मीडिया, AI, रोजगार, आरक्षण, पर्यावरण, पाकिस्तान-चीन और सामाजिक मुद्दों पर भी सवालों के जवाब दिए। इसके बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि Gen-Z को भागवत से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। पवन खेड़ा और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने बहस को और गर्मा दिया। आज के Daily Dose में देखिए मोहन भागवत का Gen-Z और Gen-Alpha से किए गए संवाद का विश्लेषण।




