CJP Jaipur Attack: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम के साथ हुए विवाद के बाद मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंसा की निंदा की है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि CJP टीम का विरोध करने वाले लोग सामान्य ग्रामीण नहीं, बल्कि BJP से जुड़े कार्यकर्ता थे।
घटना शुक्रवार सुबह जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में हुई। CJP की टीम ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी प्राथमिक स्कूल का जायजा लेने पहुंची थी। स्थानीय लोगों ने टीम के प्रवेश का विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ा और मामला शारीरिक टकराव तक पहुंच गया। वीडियो में लोगों और CJP कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की दिखाई देती है।
CJP Jaipur Attack पर क्या बोले गोविंद सिंह डोटासरा?
CJP Jaipur Attack के बाद राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने घटना की निंदा करते हुए BJP पर आरोप लगाए।
डोटासरा ने कहा कि जो लोग CJP कार्यकर्ताओं का विरोध कर रहे थे, वे ग्रामीण नहीं बल्कि BJP के कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति या संगठन को सरकारी स्कूल की स्थिति देखने से रोकना और उसके साथ हिंसा करना उचित नहीं है।
डोटासरा का कहना है कि अगर कोई सरकारी स्कूल की व्यवस्थाओं और कमियों को सामने लाना चाहता है तो उसे बलपूर्वक रोकने के बजाय सरकार को स्कूलों की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
हालांकि CJP और कांग्रेस की ओर से BJP कार्यकर्ताओं पर लगाए गए आरोपों को भाजपा ने खारिज किया है। राजस्थान सरकार के मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने उल्टा आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोग CJP के पीछे काम कर रहे हैं। BJP के दूसरे नेताओं ने भी CJP पर राजनीतिक माहौल खराब करने के आरोप लगाए हैं।
CJP Jaipur Attack: टीकाराम जूली ने भी की हिंसा की निंदा
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे पर हिंसा का रास्ता सही नहीं हो सकता।
जूली का कहना है कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आनी चाहिए। अगर किसी को किसी संगठन की कार्यशैली या उसके दौरे पर आपत्ति है तो उसका विरोध शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सकता है।
राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति कांग्रेस पहले से विधानसभा के भीतर और बाहर उठाती रही है। जूली ने हाल में विधानसभा सत्र से पहले भी सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति, विद्यार्थियों के प्रदर्शन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की थी।
रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल में कैसे शुरू हुआ विवाद?
CJP Jaipur Attack का पूरा विवाद CJP की निर्धारित school visit के दौरान शुरू हुआ।
CJP की टीम शुक्रवार सुबह रामपुरा-कंवरपुरा स्थित सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थी। रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल का मुख्य भवन unsafe घोषित किया जा चुका है और बच्चों की कक्षाएं पास के एक cattle enclosure में चलने की बात सामने आई है।
जैसे ही CJP कार्यकर्ता गांव पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उनके दौरे का विरोध शुरू कर दिया।
आशुतोष रांका के मौके पर पहुंचने के बाद विवाद और बढ़ गया। CJP का आरोप है कि कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, पत्थर फेंके गए और गाड़ियों के शीशे तोड़े गए। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ घायल CJP सदस्यों को SMS Hospital ले जाया गया।
आशुतोष रांका बोले- ये ग्रामीण नहीं थे
CJP सह-संयोजक आशुतोष रांका ने भी घटना के बाद कहा कि मीडिया इस पूरे मामले के लिए गांव के लोगों को जिम्मेदार न ठहराए।
रांका ने दावा किया कि गांव के लोगों ने ही उन्हें स्कूल की स्थिति देखने के लिए बुलाया था और हिंसा करने वाले लोग बाहर से भेजे गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP से जुड़े लोगों को CJP की टीम को रोकने के लिए बुलाया गया।
रांका ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथ मारपीट हुई, कपड़े फाड़े गए, पत्थर फेंके गए और वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए।
CJP Jaipur Attack, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी पूरी तरह नहीं हुई है।
ग्रामीणों का दावा- हमने हमला नहीं किया
इस मामले में स्थानीय ग्रामीणों का पक्ष CJP के आरोपों से बिल्कुल अलग है।
स्थानीय निवासी जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों ने किसी CJP कार्यकर्ता को नहीं पीटा। उन्होंने दावा किया कि CJP अपने साथ बड़ी संख्या में लोगों को लेकर आई थी और विवाद के दौरान CJP कार्यकर्ताओं ने खुद अपनी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया।
एक महिला ग्रामीण ने भी कहा कि गांव के लोगों ने स्कूल में CJP के हस्तक्षेप का विरोध किया था, लेकिन हिंसा नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और स्थानीय स्तर पर काम कराया जाएगा।
इसलिए अभी CJP, कांग्रेस, BJP और ग्रामीण—सभी पक्षों की अलग-अलग बातें सामने हैं।
CJP Jaipur Attack: BJP ने क्या कहा?
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CJP Jaipur Attack में BJP ने अपने कार्यकर्ताओं की भूमिका के आरोप को खारिज किया है।
राजस्थान सरकार के मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि CJP के पीछे कांग्रेस कार्यकर्ता सक्रिय हैं और अलग-अलग नामों से गांवों में जाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
मंत्री अविनाश गहलोत ने भी CJP पर “अराजकता” फैलाने का आरोप लगाया। वहीं जयपुर BJP विधायक गोपाल शर्मा ने भी CJP पर सवाल उठाए।
यानी BJP का पक्ष है कि CJP द्वारा लगाए गए “BJP के गुंडों के हमले” के आरोप गलत हैं।
CJP Jaipur Attack: स्कूल में क्या है समस्या?
रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी स्कूल की स्थिति ही इस पूरे टकराव की जड़ में है।
रिपोर्टों के मुताबिक स्कूल का पुराना भवन unsafe घोषित किया गया है। इसके बाद बच्चों को पास के एक वैकल्पिक स्थान पर पढ़ाया जा रहा है। CJP का आरोप है कि बच्चे लंबे समय से “भैंसों के तबेले” जैसी जगह पर पढ़ने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की मरम्मत के लिए करीब ₹12-12.5 लाख की राशि मंजूर होने की जानकारी उन्हें दी गई है और वे स्कूल को स्थानीय स्तर पर बेहतर करवाना चाहते हैं।
दो स्कूलों के दौरे का था कार्यक्रम
CJP ने शुक्रवार को जयपुर में दो सरकारी स्कूलों का निरीक्षण प्रस्तावित किया था।
पहला दौरा सुबह रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल में रखा गया था। इसके बाद टीम को वाटिका रोड क्षेत्र के एक अन्य सरकारी स्कूल में जाना था, जहां भवन और छत से संबंधित शिकायतें सामने आने की बात कही गई थी।
CJP का कहना है कि उसका ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान सरकारी स्कूलों की इमारतों, classrooms, sanitation, drinking water और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सामने लाने के लिए चलाया जा रहा है। राजस्थान में हाल के दिनों में स्कूल infrastructure को लेकर कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन भी हुए हैं।
CJP Jaipur Attack: स्कूलों में Entry Order पर पहले से विवाद
CJP Jaipur Attack ऐसे समय हुआ है जब राजस्थान में सरकारी स्कूलों में outsiders की entry को लेकर पहले से राजनीतिक विवाद चल रहा है।
राज्य शिक्षा विभाग ने बिना पूर्व अनुमति school premises में प्रवेश, photography, videography, interviews और livestreaming पर restrictions लागू किए हैं। सरकार ने इसे विद्यार्थियों की privacy और safety से जुड़ा कदम बताया है।
कांग्रेस और CJP इस आदेश का विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इससे सरकारी स्कूलों की कमियां जनता के सामने आने से रोकी जा सकती हैं।
CJP Jaipur Attack की बड़ी बातें
- घटना जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में हुई।
- CJP टीम सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंची थी।
- स्थानीय लोगों ने CJP के दौरे का विरोध किया।
- इसके बाद मामला धक्का-मुक्की और शारीरिक टकराव तक पहुंचा।
- आशुतोष रांका ने BJP से जुड़े लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया।
- गोविंद सिंह डोटासरा ने भी दावा किया कि विरोध करने वाले ग्रामीण नहीं बल्कि BJP कार्यकर्ता थे।
- टीकाराम जूली ने हिंसा की निंदा की।
- BJP ने CJP और कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया।
- ग्रामीणों ने भी CJP के मारपीट के दावों से इनकार किया।
- CJP ने वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव का आरोप लगाया।
- स्कूल का भवन unsafe बताए जाने और कक्षाएं वैकल्पिक जगह चलने की रिपोर्ट है।
CJP Jaipur Attack: अब राजनीतिक टकराव हुआ तेज
कुल मिलाकर CJP Jaipur Attack अब केवल CJP और गांव के कुछ लोगों के बीच हुए विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा राज्य की राजनीति का हिस्सा बन गया है।
एक तरफ CJP और कांग्रेस BJP से जुड़े लोगों पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं, दूसरी तरफ BJP ने इसे सिरे से खारिज कर CJP और कांग्रेस पर ही राजनीतिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने भी मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़ के आरोपों से इनकार किया है।
CJP Jaipur Attack, अब आगे पुलिस की जांच और किसी FIR या आधिकारिक कार्रवाई से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टकराव में किसकी क्या भूमिका रही।




