ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में आदित्य प्रताप यादव को युगांडा के नूहू बाटे ने 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराया; जादुमणि सिंह ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान पर 5-0 से एकतरफा जीत दर्ज की
ग्लासगो। Commonwealth Games 2026 Boxing में भारतीय मुक्केबाजों के लिए मिला-जुला दिन रहा। पुरुषों के 65 किग्रा भार वर्ग में आदित्य प्रताप यादव प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबला हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उन्हें युगांडा के नूहू बाटे ने बेहद करीबी मुकाबले में 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से पराजित किया।
यह ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजी दल की पहली हार रही। दूसरी ओर, जादुमणि सिंह मंडेंगबाम ने पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में पाकिस्तान के सुमामा रहमान को सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
पहला राउंड जीतने के बाद पिछड़े आदित्य
आदित्य प्रताप यादव ने युगांडा के नूहू बाटे के खिलाफ मुकाबले की आक्रामक शुरुआत की। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती राउंड में सटीक और ताकतवर पंच लगाते हुए सभी पांच जजों का फैसला अपने पक्ष में किया।
पहला राउंड 5-0 से जीतने के बाद आदित्य मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे थे, लेकिन दूसरे राउंड में बाटे ने अपनी रणनीति बदल दी। युगांडा के मुक्केबाज ने तेज फुटवर्क का इस्तेमाल करते हुए आदित्य के करीब पहुंचकर शरीर और चेहरे पर लगातार पंच लगाए।
दूसरे राउंड के आखिरी हिस्से में आदित्य को स्टैंडिंग एट काउंट का भी सामना करना पड़ा। बाटे ने इस राउंड को 3-2 से अपने नाम करते हुए मुकाबले में वापसी कर ली।
निर्णायक राउंड में नूहू बाटे ने पलटा मुकाबला
तीसरे और निर्णायक राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। आदित्य ने आक्रामक खेल के साथ बढ़त हासिल करने की कोशिश की, लेकिन बाटे ने तेज पंचों और बेहतर मूवमेंट से उन्हें लगातार दबाव में रखा।
अंतिम राउंड में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जजों ने नूहू बाटे को विजेता घोषित किया। बाटे ने पूरा मुकाबला 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीता और पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। विश्व मुक्केबाजी संस्था ने भी बाटे के मजबूत अंतिम राउंड को उनकी जीत का निर्णायक कारण बताया।
पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरे थे आदित्य
आदित्य प्रताप यादव ग्लासगो में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे थे। वह पुरुषों के 65 किग्रा भार वर्ग की विश्व रैंकिंग में शामिल भारतीय मुक्केबाज हैं और इससे पहले कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
हालांकि ग्लासगो में उनका अभियान शुरुआती मुकाबले के बाद ही समाप्त हो गया। इसके साथ ही वह Commonwealth Games 2026 Boxing में प्रतियोगिता से बाहर होने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बने।
जादुमणि ने पाकिस्तान के मुक्केबाज को 5-0 से हराया
पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादुमणि सिंह मंडेंगबाम ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी मुक्केबाज को लंबाई और रीच का फायदा हासिल था, लेकिन जादुमणि ने तेज फुटवर्क और छोटे-छोटे कॉम्बिनेशन के जरिए उनके डिफेंस को लगातार भेदा।
पहला राउंड करीबी रहा और तीन जजों ने जादुमणि को आगे रखा। दूसरे राउंड में भारतीय मुक्केबाज ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया। उन्होंने सुमामा के चेहरे और शरीर पर कई सटीक पंच लगाए तथा सभी पांच जजों का फैसला अपने पक्ष में किया।
अंतिम राउंड में भी जादुमणि ने बढ़त बरकरार रखी और 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत हासिल की।
क्वार्टर फाइनल में जाम्बिया के मुक्केबाज से सामना
जादुमणि सिंह का क्वार्टर फाइनल मुकाबला जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले से होगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज करते ही उनका कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाएगा, क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में दोनों सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है।
जादुमणि ने इससे पहले राउंड ऑफ 32 में मेजबान स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन को भी 5-0 से हराया था। लगातार दो एकतरफा जीत के बाद वह भारत के प्रमुख पदक दावेदारों में शामिल हो गए हैं।
प्रीति पवार भी क्वार्टर फाइनल में
इसी दिन भारत की प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में मलावी की डेबोरा म्टेंजे को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय मुक्केबाज के प्रभावशाली पंचों के बाद दूसरे राउंड में रेफरी ने मुकाबला रोक दिया था।
प्रीति का क्वार्टर फाइनल में सामना नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड से होना है। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में सीधे सेमीफाइनल में जगह मिलने के कारण भारत का एक मुक्केबाजी पदक पहले ही सुनिश्चित हो चुका है।
भारत की बॉक्सिंग मेडल उम्मीदें कायम
आदित्य प्रताप यादव की हार भारतीय खेमे के लिए निराशाजनक रही, लेकिन जादुमणि सिंह, प्रीति पवार और अन्य मुक्केबाजों की जीत से भारत की पदक उम्मीदें बरकरार हैं।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारत के 14 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सात पुरुष और सात महिला मुक्केबाज शामिल हैं। प्रतियोगिता एक अगस्त तक चलेगी।




