Jaipur Devraj Singh Maut मामले ने जयपुर में UGC के नए नियमों के खिलाफ निकाली गई श्री राजपूत करणी सेना की रैली के बाद नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रदर्शन में शामिल होने आए देवराज सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मौत का संबंध लाठीचार्ज या वाटर कैनन से नहीं है। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

मृतक की पहचान डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा गांव निवासी देवराज सिंह के रूप में हुई है। वह UGC के नए नियमों के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जयपुर आए थे।
Jaipur: देवराज सिंह मौत पर पुलिस ने क्या कहा?
Jaipur पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान देवराज सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
DCP वेस्ट प्रशांत किरण ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार देवराज सिंह की मौत पुलिस के लाठीचार्ज या वाटर कैनन की कार्रवाई के कारण नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उनका स्वास्थ्य अचानक खराब हुआ था।
हालांकि पुलिस के इस बयान के बावजूद मौत का निश्चित कारण मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा। इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी कारण को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
पुलिस से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं के लिए राजस्थान पुलिस की वेबसाइट देखी जा सकती है।
अस्पताल ले जाने के बाद हुई मौत
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रैली के दौरान तनावपूर्ण स्थिति बनने के बीच देवराज सिंह अचानक असहज महसूस करने लगे। तबीयत बिगड़ने के बाद वह गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और करणी सेना से जुड़े लोगों में शोक फैल गया।
मृतक डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा गांव के रहने वाले थे। भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा ने उनके निधन और अंतिम संस्कार की जानकारी साझा की। मंगलवार सुबह जयपुर में देवराज सिंह का अंतिम संस्कार किया गया।
देवराज सिंह मौत और करणी सेना के आरोप

राजपूत करणी सेना ने रैली के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन और लाठियों का इस्तेमाल किया। करणी सेना के पदाधिकारियों ने दावा किया कि इस कार्रवाई में महिलाओं और युवाओं के साथ भी बल प्रयोग हुआ।
संगठन के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता घायल हुए और एक कार्यकर्ता के पैर में गंभीर चोट आई। हालांकि घायल लोगों की आधिकारिक संख्या और उनकी मेडिकल रिपोर्ट को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
करणी सेना की ओर से देवराज सिंह के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी की गई है। संगठन ने मौत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारण सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
Jaipur: पुलिस ने कई स्थानों पर लगाए थे बैरिकेड्स
जयपुर में आयोजित रैली को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। सबसे पहले 200 फीट एक्सप्रेस पुलिया के नीचे प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन बड़ी संख्या में लोग बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ गए।
इसके बाद चौमूं पुलिया तिराहा, अंबाबाड़ी तिराहा और पानीपेच तिराहा पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद रैली में शामिल लोग कलेक्ट्रेट सर्किल तक पहुंच गए।
प्रदर्शनकारी वहां से BJP प्रदेश कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा टकराव की स्थिति बनी।
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पहले वाटर कैनन, फिर लाठीचार्ज

प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी भीड़ पीछे नहीं हटी तो पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने का प्रयास किया।
इस कार्रवाई के वीडियो भी सामने आए, जिनमें प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दी। कुछ वीडियो में पुलिसकर्मी लाठियों का इस्तेमाल करते और वाटर कैनन से पानी छोड़ते नजर आए।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए कार्रवाई की गई। दूसरी ओर करणी सेना ने इसे अनावश्यक बल प्रयोग बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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Jaipur: किन नियमों का हो रहा था विरोध?
रैली में शामिल संगठन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जुड़े नए नियमों का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नियमों के कुछ प्रावधान सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों के लिए असंतुलित परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं।
संगठनों ने नियमों को वापस लेने, शिकायतों की निष्पक्ष जांच की व्यवस्था करने और सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा।
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Jaipur: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कारण
Jaipur Devraj Singh Maut मामले में फिलहाल पुलिस और करणी सेना के बयान अलग-अलग घटनाक्रम पर जोर देते हैं। पुलिस का कहना है कि देवराज सिंह का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ा और उनकी मौत का लाठीचार्ज या वाटर कैनन से कोई संबंध नहीं है। वहीं संगठन प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है।
इन परिस्थितियों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इन्हीं से पता चलेगा कि देवराज सिंह की मौत किस कारण हुई और क्या उनके शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान थे।
घटना की निष्पक्ष जांच इसलिए भी आवश्यक है, ताकि मौत को लेकर फैल रही अटकलों पर विराम लग सके। प्रशासन की ओर से पूरी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के बाद ही Devraj Singh Maut मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।




