Govind Devji Janmashtami 2026: गुलाबी नगरी जयपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले आराध्य देव श्रीगोविंद देवजी महाराज का दरबार भक्ति के रंग में रंग गया है। फूलों की आकर्षक सजावट, रोशनी, बंदरवाल और धार्मिक ध्वजों से मंदिर परिसर को सजाया गया है। भजन-संकीर्तन के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। जन्माष्टमी शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी और आधी रात श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान 31 तोपों की हवाई गर्जना के साथ विशेष अभिषेक होगा।
Govind Devji Janmashtami 2026 पर आधी रात 31 तोपों की गर्जना
जन्माष्टमी की सबसे खास परंपरा मध्यरात्रि में देखने को मिलेगी। रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा होगी। रात ठीक 12 बजे श्रीकृष्ण प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा। इसी दौरान 31 तोपों की हवाई गर्जना और आतिशबाजी होगी।
इसके बाद वेदपाठी पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच श्रीशालिग्राम पूजन और ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। 31 तोपों की सलामी गोविंद देवजी मंदिर के जन्माष्टमी उत्सव की प्रमुख परंपराओं में शामिल रही है।
897 किलो से ज्यादा सामग्री से होगा पंचामृत अभिषेक
Govind Devji Janmashtami 2026 के जन्माभिषेक में बड़ी मात्रा में दूध, दही, घी, बूरा और शहद अर्पित किया जाएगा।
अभिषेक के लिए 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद रखा गया है। इसके बाद ठाकुरजी को पंजीरी, लड्डू, खिरसा और रबड़ी कुल्हड़ का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
मंगला झांकी से पहले भी ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक होगा। इसके बाद उन्हें नवीन पीले वस्त्र, विशेष अलंकार और फूलों से सजाया जाएगा।
शहनाई के सुरों में गूंज रही ‘राधे-राधे’
जन्माष्टमी की तैयारियों के बीच मंदिर का एक और खूबसूरत रंग आपसी भाईचारे का है। मुस्लिम समुदाय से जुड़े शहनाई वादक रफीक मोहम्मद और उनका परिवार करीब 55 वर्षों से मंदिर में शहनाई की सेवा से जुड़ा बताया जाता है।
परिवार की कई पीढ़ियां धार्मिक आयोजनों में शहनाई बजाती आई हैं। मंदिर में जब शहनाई पर ‘राधे-राधे’ की धुन सुनाई देती है तो जयपुर की गंगा-जमुनी संस्कृति की एक अलग तस्वीर दिखाई देती है। पूजा की माला हो या शहनाई, यहां सेवा का भाव आस्था और सद्भाव को जोड़ता नजर आता है।
Govind Devji Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर गोविंद देवजी के दर्शन का समय

4 सितंबर को नियमित दिनों से अलग विशेष दर्शन व्यवस्था रहेगी। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख झांकियों का समय इस प्रकार रखा गया है:
- मंगला झांकी: सुबह 4:00 से 6:30 बजे
- धूप झांकी: सुबह 7:00 से 9:00 बजे
- श्रृंगार झांकी: सुबह 9:30 से 11:15 बजे
- राजभोग: सुबह 11:45 से दोपहर 1:15 बजे
- ग्वाल झांकी: शाम 4:00 से 6:30 बजे
- संध्या झांकी: शाम 6:45 से 8:30 बजे
- शयन झांकी: रात 9:15 से 10:30 बजे
इसके बाद मध्यरात्रि जन्मोत्सव के विशेष दर्शन होंगे।
जलेब चौक से ही होगी श्रद्धालुओं की एंट्री
भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने Govind Devji Janmashtami 2026 के लिए विशेष entry-exit व्यवस्था बनाई है।
श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश जलेब चौक के निर्धारित रास्ते से ही मिलेगा। जलेब चौक में अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। दर्शन के बाद जयनिवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट से बाहर निकलना होगा।
Govind Devji Janmashtami 2026, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भीड़ और पार्किंग व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने में 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
Govind Devji Janmashtami 2026: चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद
4 सितंबर को जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन बंद रखने की व्यवस्था की गई है। हालांकि श्रद्धालुओं से जयपुर मेट्रो का अधिकतम उपयोग करने की अपील की गई है।
निजी वाहनों के लिए रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जेम सिनेमा में पार्किंग निर्धारित की गई है।
मंदिर में बड़ी मात्रा में सामान लेकर आने से बचने की भी सलाह दी गई है। बैग, कैमरा, लैपटॉप, हेलमेट, कीमती आभूषण, बाहर से लाया प्रसाद, नारियल और मिठाई जैसी चीजें साथ नहीं लाने को कहा गया है।
Govind Devji Janmashtami 2026: सुरक्षा के लिए CCTV और कंट्रोल रूम
जिला प्रशासन ने जन्माष्टमी और 5 सितंबर को निकलने वाली शोभायात्रा के लिए पुलिस, नगर निगम, चिकित्सा और दूसरे विभागों को विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मंदिरों और प्रमुख रास्तों पर CCTV, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा सहायता और कंट्रोल रूम की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
Govind Devji Janmashtami 2026 की बड़ी बातें
- जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी।
- रात 12 बजे श्रीकृष्ण प्राकट्योत्सव होगा।
- 31 तोपों की हवाई गर्जना होगी।
- 425 लीटर दूध और 365 किलो दही समेत पंचामृत सामग्री से अभिषेक होगा।
- ठाकुरजी को नवीन पीले वस्त्र पहनाए जाएंगे।
- मंदिर में प्रवेश जलेब चौक से होगा।
- 4 सितंबर को चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद रहेगा।
- मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।
- श्रद्धालुओं को 5-6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है।
जयपुर का गोविंद देवजी मंदिर श्रीकृष्ण के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और जन्माष्टमी यहां सबसे बड़े उत्सवों में से एक है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के आधिकारिक Utsav पोर्टल पर भी मंदिर और इसके live darshan की जानकारी उपलब्ध है।
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