Rajasthan Civic Polls 2026: राजस्थान के निकाय चुनाव में वार्ड भले ही छोटे हों, लेकिन राजनीतिक दांव काफी बड़ा है। पहले चरण की वोटिंग के बाद अब 11 सितंबर को दूसरे चरण का मतदान होना है। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में BJP और कांग्रेस के सामने केवल एक-दूसरे को हराने की चुनौती नहीं है, बल्कि टिकट नहीं मिलने से नाराज बागी और निर्दलीय उम्मीदवार भी कई वार्डों का गणित बिगाड़ रहे हैं। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को हुआ था, जबकि सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।
जयपुर में तो मुकाबला सीधे प्रदेश के बड़े नेताओं की राजनीतिक पकड़ से जुड़ गया है। 150 वार्डों वाले नगर निगम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और राज्य सरकार के कई मंत्रियों के प्रभाव वाले विधानसभा क्षेत्र आते हैं। यही वजह है कि प्रचार के अंतिम दौर में खुद मुख्यमंत्री ने जयपुर में रोड शो किया। बुधवार को प्रचार खत्म होने के साथ 48 घंटे का silence period शुरू हो चुका है।
Rajasthan Civic Polls 2026: जयपुर में बागियों पर सबसे ज्यादा नजर
जयपुर में टिकट वितरण के बाद दोनों बड़े दलों को असंतोष का सामना करना पड़ा। BJP में हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को भी कुछ नाराज नेताओं को मनाने के लिए सक्रिय होना पड़ा। नाम वापसी के दौरान जयपुर में 281 नामांकन वापस लिए गए, लेकिन इसके बावजूद कई वार्डों में निर्दलीय और नाराज दावेदार मुकाबले को बहुकोणीय बना रहे हैं।
BJP संगठन ने भी इस बगावत को गंभीरता से लिया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने जयपुर में बैठक कर कार्यकर्ताओं से अधिकृत प्रत्याशियों के पक्ष में एकजुट होकर काम करने को कहा। टिकट वितरण के बाद पैदा हुए असंतोष और बागी उम्मीदवारों को इस बैठक के प्रमुख मुद्दों में माना गया।
कांग्रेस की परेशानी भी कम नहीं है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्टी के खिलाफ मैदान में उतरे बागियों को अधिकृत उम्मीदवार का समर्थन करने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं करने वालों पर छह साल तक निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। कांग्रेस के बागी जयपुर के अलावा कोटा, जोधपुर, अजमेर और उदयपुर जैसे शहरों में भी चुनौती बने हुए हैं।
जयपुर की 150 सीटों पर बड़े नेताओं की परीक्षा
Rajasthan Civic Polls 2026 में जयपुर नगर निगम की 150 सीटें 10 विधानसभा क्षेत्रों में फैली हैं। विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सांगानेर, बगरू, मालवीय नगर, सिविल लाइंस, किशनपोल, आदर्श नगर, हवामहल और आमेर के अपने-अपने स्थानीय समीकरण हैं। कांग्रेस ने भी सभी 150 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं।
कहीं BJP और कांग्रेस में सीधी लड़ाई है तो कहीं तीसरे और चौथे उम्मीदवार ने मुकाबला उलझा दिया है। टिकट वितरण के अलावा जातीय-सामाजिक प्रतिनिधित्व भी चुनाव में मुद्दा बना है। सिविल लाइंस और किशनपोल में माली-सैनी समाज ने दोनों प्रमुख दलों पर पर्याप्त टिकट नहीं देने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है।
BJP ने इस बार जयपुर में आठ मुस्लिम उम्मीदवार भी उतारे हैं, जिससे पुराने शहर के कई वार्डों में चुनावी समीकरण और दिलचस्प हुए हैं।
Rajasthan Civic Polls 2026: जोधपुर में 23 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला
जोधपुर में भी Rajasthan Civic Polls 2026 का मुकाबला केवल BJP बनाम कांग्रेस तक सीमित नहीं है। 100 वार्डों के लिए नामांकन वापसी के बाद 385 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं और 23 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी है।
यहां स्थानीय नेताओं की व्यक्तिगत पकड़ और निर्दलीय उम्मीदवार वोट काटने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जोधपुर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, इसलिए नगर निगम का परिणाम दोनों दलों के स्थानीय संगठन की ताकत का भी संकेत देगा।
Rajasthan Civic Polls 2026: उदयपुर में आधे से ज्यादा वार्डों में तीसरा कोण
उदयपुर में भी स्थिति दिलचस्प है। नगर निगम के 80 वार्डों में 220 प्रत्याशी मैदान में हैं। 39 वार्डों में BJP और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि 41 वार्डों में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला बना हुआ है।
नामांकन के शुरुआती दौर में कांग्रेस और BJP दोनों में बगावत सामने आई थी। कांग्रेस ने बाद में 12 बागियों को नाम वापस लेने के लिए मनाने का दावा किया, जबकि BJP से जुड़े एक निर्दलीय प्रत्याशी ने भी नाम वापस लिया।
Rajasthan Civic Polls 2026, यानी उदयपुर में दोनों दलों ने damage control जरूर किया, लेकिन बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने कई वार्डों में मुकाबला सीधा नहीं रहने दिया।

Rajasthan Civic Polls 2026: अजमेर में भी बागियों ने बढ़ाई टेंशन
बागियों का असर केवल जयपुर-जोधपुर-उदयपुर तक सीमित नहीं है। अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में 360 उम्मीदवार मैदान में हैं और BJP-कांग्रेस दोनों के बागी अधिकृत प्रत्याशियों का वोट काटने की स्थिति में हैं।
इसी वजह से दोनों पार्टियों ने अंतिम दौर में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सख्ती दिखाई है। BJP ने निकाय चुनाव में अनुशासनहीनता को लेकर कई नेताओं पर कार्रवाई भी की है।
आखिर किन मुद्दों पर होगा वोट?
Rajasthan Civic Polls 2026 की राजनीति बड़े नेताओं और बागियों के इर्द-गिर्द जरूर घूम रही है, लेकिन वार्ड स्तर पर मतदाता के मुद्दे अलग हैं।
सड़क, सीवर, सफाई, जलभराव, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग, ट्रैफिक और अतिक्रमण जैसे स्थानीय सवाल पार्षद चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
जयपुर में इस बार नगर निगम की 150 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। प्रचार खत्म हो चुका है और अब प्रत्याशियों को घर-घर संपर्क तथा चुनावी बूथ प्रबंधन पर निर्भर रहना होगा।
Rajasthan Civic Polls 2026: बड़ी बातें
- राजस्थान में दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा।
- जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं।
- BJP-कांग्रेस दोनों को कई शहरों में बागियों की चुनौती मिल रही है।
- कांग्रेस ने बागियों को छह साल के निलंबन की चेतावनी दी है।
- BJP नेतृत्व ने टिकट विवाद के बाद संगठन को एकजुट करने के लिए बैठकें कीं।
- जोधपुर में 385 प्रत्याशी और 23 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला है।
- उदयपुर में 220 उम्मीदवार हैं; 41 वार्डों में तीसरा कोण बना है।
- सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होनी है।
अब वोटर के हाथ फैसला
कुल मिलाकर Rajasthan Civic Polls 2026 BJP और कांग्रेस दोनों के लिए संगठन की परीक्षा बन गए हैं। बड़े नेता चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगा चुके हैं, लेकिन कई वार्डों में परिणाम यह तय करेगा कि पार्टी का चुनाव चिन्ह भारी पड़ता है या स्थानीय प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़।
सबसे बड़ी चुनौती बागियों की है। कुछ जगह ये जीतने की स्थिति में हों या नहीं, लेकिन अधिकृत प्रत्याशी के वोट काटकर पूरा परिणाम बदल सकते हैं। 11 सितंबर की वोटिंग के बाद 14 सितंबर को आने वाले नतीजे बताएंगे कि दोनों दल अपने घर की बगावत को कितना संभाल पाए।
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