Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे गिरी इस इमारत के मलबे से सोमवार सुबह तक 11 लोगों को निकाला जा चुका है। NDRF, दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस और दूसरी एजेंसियां रातभर राहत और बचाव अभियान में जुटी रहीं। मलबे में अभी भी लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण तलाश जारी है।
इस हादसे के बीच मलबे के अंदर फंसे एक छात्र का 11 सेकंड का SOS वीडियो कॉल भी सामने आया है। वीडियो में छात्र कंक्रीट और मलबे के बीच फंसा दिखाई देता है और बाहर मौजूद लोगों तक अपनी स्थिति पहुंचाने की कोशिश करता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने भी मलबे के अंदर से फोन और वीडियो कॉल मिलने की पुष्टि की है।

Satya Niketan Building Collapse में 6 लोगों की मौत
Satya Niketan Building Collapse में रातभर चले rescue operation के दौरान एक और व्यक्ति को मलबे से निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद मौतों की संख्या छह हो गई।
DCP (Southwest) अमित गोयल के मुताबिक अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। यह करीब 50 साल पुरानी इमारत थी और इसका इस्तेमाल छात्रों के boys PG accommodation के रूप में किया जा रहा था।
इमारत दिल्ली यूनिवर्सिटी के South Campus के पास स्थित थी, जहां बड़ी संख्या में छात्र निजी PG में रहते हैं।
Satya Niketan Building Collapse: मलबे से छात्र ने किया SOS वीडियो कॉल
हादसे का सबसे भयावह पहलू मलबे के अंदर से आए फोन और वीडियो कॉल हैं।
India Today की रिपोर्ट के मुताबिक फंसे हुए एक छात्र ने वीडियो कॉल पर अपनी स्थिति दिखाई। उसके आसपास कंक्रीट के टुकड़े और टूटे हुए हिस्से नजर आ रहे थे। यह वीडियो NSUI की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर किया गया।
दिल्ली यूनिवर्सिटी South Campus की डायरेक्टर प्रोफेसर रजनी अब्बी ने भी कहा कि मलबे के अंदर से एक कॉल और एक वीडियो कॉल प्राप्त हुई थी। उनका कहना था कि तत्काल प्राथमिकता सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
स्थानीय लोगों ने भी बताया कि घटना के तुरंत बाद मलबे से “बचाओ-बचाओ” की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
11 लोगों को निकाला, रातभर चला रेस्क्यू
Satya Niketan Building Collapse के बाद राहत कार्य में NDRF, Delhi Fire Service, Delhi Police और DDMA की टीमें लगाई गईं।
संकरी गलियों और भारी मलबे के कारण rescue operation चुनौतीपूर्ण रहा। राहतकर्मी कंक्रीट हटाने, लोहे के हिस्सों को काटने और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए मशीनों और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
घटना के शुरुआती समय में स्थानीय छात्र और निवासी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने human chain बनाकर लोगों को निकालने और मलबा हटाने में मदद की।
Satya Niketan Building Collapse: आखिर क्यों गिरी इमारत?
इमारत गिरने की सटीक वजह अभी जांच में है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक इमारत में repair work चल रहा था। कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि बारिश के बाद basement में पानी जमा था और इससे foundation कमजोर होने की आशंका हो सकती है। हालांकि जांच पूरी होने तक इसे हादसे की निश्चित वजह नहीं माना जा सकता।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि बिल्डिंग लगभग 50 वर्ष पुरानी थी और उसके निर्माण तथा बाद में जोड़ी गई मंजिलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ FIR
Satya Niketan Building Collapse के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
DCP अमित गोयल के अनुसार इमारत मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस मामले से जुड़े लोगों का पता लगाने और हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
सरकार का कहना है कि जांच में जिम्मेदारी सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
Satya Niketan Building Collapse: छात्रों के लिए कॉलेजों ने खोले दरवाजे
हादसे के बाद आसपास की कई PG इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया है। इससे बड़ी संख्या में छात्रों के सामने अस्थायी रहने की समस्या खड़ी हो गई।
Delhi University के Maitreyi College, Jesus and Mary College, Motilal Nehru College, Aryabhatta College और Sri Venkateswara College समेत कई संस्थानों ने प्रभावित छात्रों के लिए अस्थायी व्यवस्था की है। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी।
2022 में भी सत्य निकेतन में गिर चुकी है इमारत
सत्य निकेतन में इससे पहले 25 अप्रैल 2022 को भी renovation के दौरान एक इमारत गिर गई थी। उस हादसे में छह मजदूर मलबे में दब गए थे, जिनमें दो की मौत हो गई और चार घायल हुए थे।
इस नई घटना के बाद इलाके में मौजूद पुरानी इमारतों और छात्रों के लिए चल रहे PG accommodations की structural safety को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Satya Niketan Building Collapse की बड़ी बातें
- हादसा 6 सितंबर को करीब 1:30 बजे हुआ।
- पांच मंजिला इमारत का इस्तेमाल boys PG के रूप में हो रहा था।
- मृतकों की संख्या 6 हो चुकी है।
- अब तक 11 लोगों को मलबे से निकाला गया है।
- फंसे छात्र ने वीडियो कॉल के जरिए मदद मांगी।
- मलबे के अंदर से फोन कॉल आने की भी पुष्टि हुई है।
- NDRF, पुलिस और फायर सर्विस rescue operation में जुटी हैं।
- CM रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए।
- मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
- इमारत गिरने की अंतिम वजह अभी जांच में है।
अब जांच और रेस्क्यू पर नजर
Satya Niketan Building Collapse ने दिल्ली के सबसे बड़े student accommodation hubs में से एक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह लोगों की मौत हो चुकी है और rescue teams अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
मलबे के अंदर से आए फोन और वीडियो कॉल ने इस हादसे की भयावहता को और सामने ला दिया है। अब मजिस्ट्रेट जांच और पुलिस investigation से यह स्पष्ट होगा कि इमारत की structural condition कैसी थी, renovation नियमों के मुताबिक हो रहा था या नहीं और हादसे के लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।
Satya Niketan Building Collapse, आधिकारिक जानकारी के लिए Delhi Police और Delhi Government देख सकते हैं। अन्य राष्ट्रीय खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

