17 वर्षीय भारतीय शटलर ने पांचवीं वरीयता प्राप्त स्थानीय खिलाड़ी हुआंग यू-हसुन को केवल 33 मिनट में 21-17, 21-11 से हराया। खिताबी मुकाबले में उनका सामना वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह से होगा।
ताइपे। भारत की युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने Taipei Open 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला एकल के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार को Taipei Arena में खेले गए सेमीफाइनल में गैरवरीय तन्वी ने चीनी ताइपे की पांचवीं वरीयता प्राप्त हुआंग यू-हसुन को सीधे गेम में 21-17, 21-11 से पराजित किया। यह मुकाबला केवल 33 मिनट चला।
विश्व रैंकिंग में 34वें स्थान पर मौजूद तन्वी ने अपने से 10 स्थान ऊपर 24वीं रैंकिंग वाली हुआंग के खिलाफ पूरे मुकाबले में आक्रामक और नियंत्रित खेल दिखाया। इस जीत के साथ वह दूसरी बार किसी BWF World Tour Super 300 प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंची हैं। इससे पहले वह US Open 2025 में उपविजेता रही थीं।
पहले गेम में शुरुआत से बनाए रखा नियंत्रण
तन्वी ने पहले गेम की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की और शुरुआती बढ़त हासिल करने के बाद हुआंग को आगे निकलने का अवसर नहीं दिया। स्थानीय खिलाड़ी केवल 3-3 पर स्कोर बराबर कर सकीं। इसके बाद भारतीय शटलर ने कोर्ट के पिछले हिस्से में सटीक शॉट, तेज स्मैश और नेट के पास नियंत्रित खेल की मदद से अपनी बढ़त बनाए रखी।
पहले गेम के अंतिम हिस्से में हुआंग ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन तन्वी ने दबाव में गलतियां नहीं कीं और गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया। उनकी शॉट विविधता और दोनों तरफ से लगाए गए क्रॉस-कोर्ट स्मैश स्थानीय खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती बने।
दूसरे गेम में छह लगातार अंक लेकर बदला मुकाबला
दूसरे गेम की शुरुआत अपेक्षाकृत बराबरी की रही और दोनों खिलाड़ी 9-9 तक साथ चलीं। इसके बाद तन्वी ने लगातार छह अंक जीतकर मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया। हुआंग भारतीय खिलाड़ी के तेज आक्रमण और बैक कोर्ट में सटीक प्लेसमेंट का प्रभावी जवाब नहीं दे सकीं।
तन्वी ने दूसरे गेम को 21-11 से जीतकर सीधे गेम में फाइनल का टिकट हासिल किया। क्वार्टर फाइनल में उन्हें थाईलैंड की चौथी वरीयता प्राप्त सुपानिदा काटेथोंग के खिलाफ तीन गेम तक संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन सेमीफाइनल में उन्होंने शुरुआत से अंत तक मैच की गति नियंत्रित रखी।
सेमीफाइनल का परिणाम
| खिलाड़ी | गेम स्कोर |
|---|---|
| तन्वी शर्मा, भारत | 21, 21 |
| हुआंग यू-हसुन, चीनी ताइपे | 17, 11 |
| मुकाबले की अवधि | 33 मिनट |
फाइनल में गुयेन थुई लिन्ह से सामना
रविवार को होने वाले महिला एकल फाइनल में तन्वी शर्मा का सामना वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त गुयेन थुई लिन्ह से होगा। गुयेन ने दूसरे सेमीफाइनल में भारत की तीसरी वरीयता प्राप्त उन्नति हुड्डा को 21-15, 21-18 से हराया।
उन्नति दूसरे गेम में एक समय 16-11 से आगे थीं, लेकिन गुयेन ने अनुभव और मजबूत रक्षात्मक खेल के दम पर वापसी करते हुए अगले 12 में से 10 अंक जीत लिए। उन्नति की हार के साथ महिला एकल में All-Indian Final की संभावना समाप्त हो गई।
गुयेन के खिलाफ तन्वी का रिकॉर्ड 1-0
तन्वी शर्मा और गुयेन थुई लिन्ह के बीच इससे पहले एक मुकाबला खेला गया है, जिसमें भारतीय खिलाड़ी विजयी रही थीं। तन्वी ने US Open 2025 में वियतनामी खिलाड़ी को 21-19, 21-9 से हराया था। इस लिहाज से फाइनल से पहले उनका Head-to-Head Record 1-0 है।
हालांकि पिछला परिणाम तन्वी के पक्ष में है, लेकिन 28 वर्षीय गुयेन के पास बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अधिक अनुभव है। उन्होंने उन्नति के खिलाफ दूसरे गेम में पांच अंकों से पिछड़ने के बाद जिस तरह वापसी की, उससे संकेत मिलता है कि फाइनल में तन्वी को पूरे मुकाबले के दौरान दबाव बनाए रखना होगा।
दूसरे Super 300 फाइनल में तन्वी
Taipei Open का खिताबी मुकाबला तन्वी के करियर का दूसरा BWF Super 300 फाइनल होगा। उन्होंने जून 2025 में US Open के फाइनल तक पहुंचकर विश्व बैडमिंटन का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उस खिताबी मुकाबले में उन्हें अमेरिका की अनुभवी बेइवेन झांग से 21-11, 16-21, 21-10 से हार का सामना करना पड़ा था।
इसके अलावा तन्वी Odisha Masters 2024 और Guwahati Masters 2025 जैसे Super 100 टूर्नामेंटों के फाइनल में भी पहुंच चुकी हैं। Taipei Open में उनके पास अपने करियर का पहला BWF World Tour खिताब जीतने का अवसर होगा।
World Junior Championship की रजत पदक विजेता
तन्वी ने वर्ष 2025 में गुवाहाटी में आयोजित BWF World Junior Championships के लड़कियों के एकल वर्ग में रजत पदक जीता था। फाइनल में उन्हें थाईलैंड की आन्यापत फिचितप्रीचासक से हार मिली थी। यह 17 वर्षों में किसी भारतीय महिला खिलाड़ी का Junior World Championships में पहला पदक था।
World Junior Championship के बाद सीनियर स्तर पर भी उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। Taipei में ऊंची रैंकिंग वाली हुआंग को सीधे गेम में हराना दिखाता है कि वह अब केवल जूनियर स्तर की प्रतिभा नहीं, बल्कि BWF World Tour में नियमित चुनौती देने वाली खिलाड़ी बन रही हैं।
ऊंची रैंकिंग वाली खिलाड़ी पर प्रभावशाली जीत
सेमीफाइनल में तन्वी के सामने घरेलू दर्शकों का समर्थन प्राप्त खिलाड़ी थी, जो उनसे विश्व रैंकिंग में भी आगे थी। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ी ने रैलियों को छोटा रखा, शटल की गति बदली और हुआंग को रक्षात्मक स्थिति में खेलने के लिए मजबूर किया।
उनके प्रदर्शन की सबसे सकारात्मक बात यह रही कि पहले गेम के अंतिम हिस्से में हुआंग के करीब आने के बावजूद तन्वी घबराईं नहीं। दूसरे गेम में 9-9 के बाद लगातार छह अंक जीतना उनके मानसिक नियंत्रण और सही समय पर आक्रमण बढ़ाने की क्षमता को दर्शाता है।
भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण संकेत
भारत की सीनियर महिला एकल बैडमिंटन लंबे समय तक पीवी सिंधु और साइना नेहवाल जैसी खिलाड़ियों पर निर्भर रही है। तन्वी शर्मा और उन्नति हुड्डा जैसी युवा खिलाड़ियों का एक ही Super 300 प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचना अगली पीढ़ी की बढ़ती क्षमता का संकेत है।
हालांकि उन्नति फाइनल में नहीं पहुंच सकीं, लेकिन दो भारतीय खिलाड़ियों का अंतिम चार में होना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। तन्वी के लिए अब असली परीक्षा फाइनल में अपने आक्रामक खेल को गुयेन की मजबूत रक्षात्मक क्षमता और अनुभव के खिलाफ बनाए रखने की होगी।
खिताब से एक जीत दूर तन्वी
Taipei Open BWF World Tour Super 300 प्रतियोगिता 28 जुलाई से 2 अगस्त तक Taipei Arena में आयोजित हो रही है और इसकी कुल Prize Money 2.50 लाख अमेरिकी डॉलर है।
तन्वी अब अपने पहले World Tour खिताब से केवल एक जीत दूर हैं। गुयेन के खिलाफ पिछली जीत उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी, लेकिन फाइनल का दबाव और वियतनामी खिलाड़ी का अनुभव मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाएगा।
यदि तन्वी खिताब जीतती हैं तो यह उनके युवा करियर की सबसे बड़ी सीनियर उपलब्धि होगी और भारतीय महिला बैडमिंटन को एक नई संभावित शीर्ष खिलाड़ी मिलेगी।




