अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे गाजा में स्थायी शांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। प्रस्ताव में हमास के हथियार जमा कराने, इज़रायली सेना की चरणबद्ध वापसी और नई फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था का प्रावधान है, लेकिन समझौते की परिभाषा और क्रियान्वयन पर अब भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र फिलिस्तीनी संगठनों के निरस्त्रीकरण के लिए एक समझौता होने की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा कि उनके नेतृत्व वाले Board of Peace ने महीनों की बातचीत के बाद यह सहमति तैयार की है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
हालांकि इस घोषणा को अंतिम और निर्विवाद शांति समझौता मानना जल्दबाजी होगी। इज़रायल के एक अधिकारी ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि मौजूदा दस्तावेज गाजा के पूर्ण सैन्यीकरण-समापन की उसकी मांगों को पूरा नहीं करता। हमास की ओर से भी ट्रंप के बताए अनुसार “पूर्ण निरस्त्रीकरण” की स्पष्ट और औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
ट्रंप ने क्या घोषणा की?
ट्रंप ने 30 जुलाई की रात Truth Social पर कहा कि Board of Peace ने हमास और गाजा के अन्य सभी हथियारबंद समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए ऐतिहासिक सहमति बनाई है। उन्होंने इसे सितंबर 2025 में प्रस्तुत अपने 20-सूत्रीय गाजा शांति प्रस्ताव के क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा पड़ाव बताया।
ट्रंप के अनुसार निरस्त्रीकरण आगे बढ़ने के साथ इज़रायली सेना गाजा से चरणबद्ध रूप से पीछे हटेगी। इसके बाद International Stabilization Force और नवगठित फिलिस्तीनी पुलिस सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। गाजा का नागरिक प्रशासन एक नई फिलिस्तीनी तकनीकी सरकार को सौंपा जाएगा, जो Board of Peace के साथ मिलकर काम करेगी।
ट्रंप ने समझौता कराने में मिस्र, कतर और तुर्किये की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य गाजा को दोबारा इज़रायल पर हमलों के लिए इस्तेमाल होने से रोकना और फिलिस्तीनी नागरिकों के लिए नई शासन व्यवस्था स्थापित करना है।
क्या हमास हथियार छोड़ने पर सहमत हो गया?
यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और विवादित प्रश्न है। Reuters के अनुसार काहिरा में हुई बातचीत के दौरान हमास के एक अधिकारी ने सकारात्मक प्रगति की बात कही, लेकिन उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि संगठन ने अपने सभी हथियार पूरी तरह छोड़ने पर सहमति दे दी है।
हमास से जुड़े सूत्रों का कहना है कि संगठन भारी हथियारों को फिलिस्तीनी प्रशासनिक निकाय के नियंत्रण में जमा या सुरक्षित रखने पर विचार कर सकता है। छोटे और व्यक्तिगत हथियारों का क्या होगा तथा सैन्य सुरंगों को कैसे समाप्त किया जाएगा, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
बाद में हमास के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हथियारों और इज़रायली सेना की क्रमिक वापसी से संबंधित एक व्यापक ढांचे पर सहमति बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रक्रिया तभी आगे बढ़ेगी जब इज़रायल अपने दायित्वों का पालन करेगा। हालांकि समझौते का आधिकारिक लिखित पाठ और विस्तृत समय-सारणी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इसलिए खबर का सबसे सटीक निष्कर्ष यह है कि हथियारों के प्रबंधन और चरणबद्ध निरस्त्रीकरण के ढांचे पर प्रगति हुई है, लेकिन हमास द्वारा तत्काल और बिना शर्त सभी हथियार सौंपने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इज़रायल ने क्यों जताई आपत्ति?
इज़रायल के एक अधिकारी ने कहा कि Board of Peace का प्रस्ताव गाजा को पूरी तरह हथियार मुक्त करने की इज़रायल की मांग को पर्याप्त रूप से पूरा नहीं करता। अधिकारी के अनुसार हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण और गाजा का पूर्ण Demilitarization किसी भी इज़रायली सैन्य वापसी से पहले आवश्यक है।
इज़रायल का रुख है कि केवल हथियारों को किसी फिलिस्तीनी संस्था के पास जमा करना पर्याप्त नहीं होगा। वह हथियारों को गाजा से हटाने, सुरंगों और हथियार निर्माण ढांचे को नष्ट करने तथा यह सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है कि हमास दोबारा सैन्य शक्ति विकसित न कर सके।
इसी मतभेद के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि इज़रायल प्रस्ताव के वर्तमान स्वरूप को स्वीकार करेगा या इसमें बदलाव की मांग करेगा। इज़रायली सरकार की ओर से समझौते को औपचारिक मंजूरी देने वाला सार्वजनिक बयान भी अभी सामने नहीं आया है।
चरणों में कैसे लागू हो सकता है समझौता?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रस्ताव में पहले हमास और अन्य समूहों के हथियारों की सूची तैयार करने तथा भारी हथियारों को फिलिस्तीनी प्रशासन के नियंत्रण में देने की व्यवस्था हो सकती है। प्रत्येक चरण की स्वतंत्र पुष्टि होने के बाद ही अगला चरण शुरू किया जाएगा।
इसके समानांतर गाजा में National Committee for the Administration of Gaza यानी NCAG को नागरिक प्रशासन की जिम्मेदारी दी जानी है। यह गैर-दलीय फिलिस्तीनी तकनीकी समिति सार्वजनिक सेवाओं, पुनर्निर्माण और प्रशासनिक संस्थाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी।
निरस्त्रीकरण की प्रगति के आधार पर इज़रायली सेना निर्धारित क्षेत्रों से पीछे हटेगी। International Stabilization Force को फिलिस्तीनी पुलिस के साथ सुरक्षा संभालनी है, लेकिन बल की संरचना, तैनाती की संख्या और Rules of Engagement से संबंधित सभी विवरण सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
क्या है ट्रंप का Board of Peace?
Board of Peace को ट्रंप प्रशासन ने गाजा शांति योजना, शासन परिवर्तन और पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए स्थापित किया था। जनवरी 2026 में इसके चार्टर को औपचारिक रूप दिया गया और ट्रंप इसके अध्यक्ष बने।
इस संस्था को गाजा में निरस्त्रीकरण, प्रशासनिक सुधार और पुनर्निर्माण के लिए संसाधन जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ एक Executive Board और Gaza Executive Board भी बनाया गया, जिसमें अमेरिकी अधिकारियों, क्षेत्रीय प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय नीति विशेषज्ञों को शामिल किया गया।
हालांकि Board of Peace की संरचना और अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल भी उठे हैं। आलोचकों का कहना है कि इसमें सीधे फिलिस्तीनी प्रतिनिधित्व सीमित है और इसके अध्यक्ष के रूप में ट्रंप के पास व्यापक नियंत्रण है। कई प्रमुख देशों ने संस्था में शामिल होने से दूरी बनाई है।
बड़ी सफलता या अभी केवल शुरुआती ढांचा?
ट्रंप की घोषणा राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि हमास का निरस्त्रीकरण लंबे समय से गाजा शांति प्रक्रिया की सबसे कठिन शर्त रही है। हमास और मध्यस्थों का हथियारों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होना स्वयं एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा सकता है।
इसके बावजूद तीन बड़े प्रश्न अभी अनुत्तरित हैं—हमास वास्तव में कितने और कौन-से हथियार सौंपेगा, इज़रायल किस स्तर के निरस्त्रीकरण के बाद अपनी सेना हटाएगा और समझौते के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई कौन करेगा।
ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक समझौता बताया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी से यह फिलहाल एक सहमति-ढांचा और कार्यान्वयन रोडमैप अधिक दिखाई देता है। अंतिम सफलता हथियारों के सत्यापन, इज़रायल की औपचारिक स्वीकृति, अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती और फिलिस्तीनी प्रशासन को वास्तविक अधिकार मिलने पर निर्भर करेगी।
मूल रिपोर्ट में जरूरी अपडेट
मूल समाचार में कहा गया है कि हमास और इज़रायल दोनों ने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार हमास के अधिकारियों ने हथियारों तथा चरणबद्ध इज़रायली वापसी से संबंधित व्यापक समझौते की पुष्टि की है, लेकिन “पूर्ण निरस्त्रीकरण” की ट्रंप वाली व्याख्या को स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं किया है। वहीं इज़रायल की औपचारिक सरकारी स्वीकृति नहीं आई है और एक इज़रायली अधिकारी प्रस्ताव पर आपत्ति जता चुका है।




