मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने स्पेशल फोर्सेस, F-16 और F-35 लड़ाकू विमानों, B-1B बॉम्बर्स, युद्धपोतों और अतिरिक्त मेडिकल टीमों की तैनाती तेज कर दी है। ईरान के चारों ओर बढ़ती अमेरिकी सैन्य मौजूदगी ने बड़े हमले और युद्ध के विस्तार की आशंका बढ़ा दी है। क्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सैन्य, ऊर्जा या परमाणु ठिकानों पर हमला करेंगे, या यह दबाव तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने की रणनीति है? देखिए खास रिपोर्ट।




