झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन ने विरोध की भाषा और मर्यादा पर नई बहस छेड़ दी है। लंबे अनशन से कमजोर देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर पर विधानसभा घेराव में पहुंचे और हाथों में शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर सरकार को संदेश दिया। रिपोर्ट में झारखंड आंदोलन की तुलना दिल्ली के CJP प्रदर्शन से की गई है, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों की कथित आपत्तिजनक भाषा विवाद का कारण बनी थी। सवाल यही है—क्या आंदोलन तीखा होते हुए भी सम्मानजनक रह सकता है? देखिए विरोध, भाषा और लोकतांत्रिक मर्यादा पर The News Canvas की खास रिपोर्ट।
CJP vs Jharkhand Student Movement, भाषा और मर्यादा में कितना अंतर?

