राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम में मनुस्मृति, पितृसत्ता और महिलाओं की स्वतंत्रता पर दिए गए बयान ने देश में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। BJP नेताओं ने इस बयान को भारतीय परंपराओं से जोड़कर कांग्रेस पर हमला बोला है, जबकि कांग्रेस इसे महिला अधिकारों और समानता की लड़ाई बता रही है। इसी बीच 5 सितंबर को प्रस्तावित CJP का दिल्ली मार्च वापस ले लिया गया है। नागपुर के युवा कार्यक्रम में 4,100 से ज्यादा ढोल-ताशा वादकों और 585 ध्वजवाहकों की रिकॉर्ड प्रस्तुति ने भी BJP के युवा संपर्क अभियान को चर्चा में ला दिया। सवाल है—क्या Gen Z रोजगार, शिक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर वोट करेगा या सांस्कृतिक राजनीति चुनावी दिशा तय करेगी? देखिए पूरा विश्लेषण और कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखिए।
