मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिलों में चल रहा ‘चिता आंदोलन’ देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना’ के विरोध में आदिवासी और ग्रामीण, सांकेतिक चिताओं पर लेटकर अपनी जमीन, घर और पहचान बचाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं दिया जा रहा। दूसरी ओर सरकार का दावा है कि यह परियोजना बुंदेलखंड के विकास, सिंचाई, पेयजल और रोजगार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आखिर ‘चिता आंदोलन’ के पीछे की असली वजह क्या है ?




