सुप्रीम कोर्ट में हुई हालिया हंगामे की घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – आखिर आम आदमी न्याय मांगते-मांगते इतना हताश क्यों हो जाता है ? ‘जन भारत’ के इस विशेष एपिसोड में हम बात करेंगे करोड़ों लंबित मामलों, जजों की कमी, तारीख पर तारीख की संस्कृति और न्याय में देरी से टूटती उम्मीदों की। साथ ही जानेंगे, Supreme Court की संवेदनशील प्रतिक्रिया और मध्य प्रदेश के सादगीपूर्ण न्यायाधीश अक्षय कुमार द्विवेदी की प्रेरक कहानी। क्या न्याय व्यवस्था को सिर्फ आलोचना नहीं, सुधार की जरूरत है ? आइए… न्याय, भरोसे और व्यवस्था के इस महत्वपूर्ण पक्ष को समझते हैं।




