संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दिल्ली की सियासत सड़क पर उतर आई। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए और CJP प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाबदेही तथा इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP आंदोलन परीक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और छात्रों पर कथित बल प्रयोग जैसे मुद्दों को लेकर सवाल बनता जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है, जबकि सत्ता पक्ष आंदोलन के पीछे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रहा है। ऐसे में सवाल है—क्या यह छात्रों के हक की लड़ाई है या मानसून सत्र को बाधित करने की सियासी तैयारी? क्या प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना जायज है? पुलिस की कार्रवाई कानून-व्यवस्था की मजबूरी थी या लोकतांत्रिक विरोध का दमन? आज की बहस में हम इन्हीं सवालों का जवाब तलाशेंगे।




