पार्लियामेंट के मॉनसून सेशन में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने को लेकर चर्चा शुरू हुई, लेकिन बहस स्टूडेंट्स के भविष्य से हटकर इतिहास, बयानों और पॉलिटिकल आरोपों पर आ गई। BJP ने जहां पुराने इतिहास और नए बिल का हवाला दिया, वहीं विपक्ष ने लीक हुए डेटा और मंत्रियों के इस्तीफे पर सवाल उठाए। बहस में नेहरू से लेकर समोसे की फंडिंग तक के टॉपिक शामिल थे! लेकिन इन सबके बीच, देश के युवा और एस्पिरेंट्स अभी भी सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं: “क्या मेरा अगला एग्जाम पेपर सेफ होगा?” आज का डेली डोज़ देखें। पार्लियामेंट के मॉनसून सेशन में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने पर चर्चा शुरू हुई, लेकिन बहस स्टूडेंट्स के भविष्य से हटकर इतिहास, पुराने बयानों और पॉलिटिकल आरोपों की तरफ चली गई। BJP ने जहां ऐतिहासिक संदर्भ और नए बिल का हवाला दिया, वहीं विपक्ष ने लीक हुए आंकड़ों पर सवाल उठाए और मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की। बहस में नेहरू से लेकर समोसे की फंडिंग तक का जिक्र हुआ! फिर भी, इन सबके बीच, देश के युवा और उम्मीदवार बस एक ही सवाल पूछ रहे हैं: “क्या मेरे अगले एग्जाम का क्वेश्चन पेपर सेफ होगा?” आज का ‘डेली डोज़’ देखें।




